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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 3791 (CHH)
AMENDRA TOPPO v. STATE OF CHHATTISGARH
MCRC/2786/2026 · 2026-04-09
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 3791 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (M.Cr.C. No.-2786 of 2026)
2026:CGHC:16684 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
तिवेतिवेध
दाण्डिक प्रकरण
क्रमां$क
-2786
/2026
अमांन्द्र टो.प्पु. तिपु-मां$धर टो.प्पु., उम्र-लगभग 46 वेर्ष4, ति5वेस -क र 6कपुर, च7क8-खड़गवे$, पुलिलस था5-प्रपुपुर, लि=ल-स6र=पुर, छत्ती सगढ़ -----आवेदाक/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार च7क8-खड़गवे$, था5-प्रपुपुर, लि=ल-स6र=पुर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या आवेदाक/अतिभयाक्त द्वार : श्री मां5 र्ष क मांर सहूG, अलिधवेक्त । उत्तीरवेदा /रज्या द्वार : श्री करण क मांर हूर5 , पुI5ल अलिधवेक्त । न्यायामां6ति4 श्री स$=या क मांर =यासवेल !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 10/04/2026
1. धर-483 भर या 5गरिरक सरक्षा स$तिहू, 2023 क हू प्रस् इस तिद्वा या =मां5 आवेदा5 मांS आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु. क. च7क8-खड़गवे$, पुलिलस था5-प्रपुपुर, लि=ल-स6र=पुर, छत्ती सगढ़ क अपुरध क्रमां$क-11/2025 अ$ग4 धर-103, 109, POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.04.10 17:37:13 +0530
2 / 5 (M.Cr.C. No.-2786 of 2026) 118(2), 115(2), 190, 191(3), 62(2), 3(5) भर या न्याया स$तिहू, 2023 क मांमांल मांS =मां5 दा5 क ति5वेदा5 तिकया गया हूI ।
2. आवेदाक/अतिभयाक्त क प्रथामां =मां5 आवेदा5 तिवेतिवेध दाण्डिक प्रकरण क्रमां$क- 5059/2025 इस न्यायालया द्वार तिदा5$क-16/07/2025 क. खरिर= तिकया गया था ।
3. अतिभया.=5 मांमांल, स$क्षापु मांS, इस आशया क हूI तिक घटो5 तिदा5$क 10/01/2025 क. ग्रामां क र, 6कपुर मांS प्रथाZ स$=या एक्क अपु5 मां7सर भई स$.र्ष टो.प्पु. क कहू5 पुर, उसक पुट्टे क8 भ6तिमां क8 =ई टो_Iक्टोर स कर5 हू, स$.र्ष क तिपु मांधरमां, मां स$ , भई 5रश एवे$ सरश था मां=दा6र शIलन्द्र लिस$हू, ध5 लिस$हू, 5 लमां क =6र आतिदा क सथा गया था और टो_Iक्टोर स =ई कर रहू था । इस दा7र5, दा.पुहूर लगभग 12:00 =, आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु. सहू-अतिभयाक्तगण र.5, मां5.हूर टो.प्पु. एवे$ अन्या व्यातिक्तयाb क सथा, एक रया हू.कर, $, टो$ग एवे$ फावेड़ स लIस हू.कर ख मांS आए और याहू कहू हूdए तिक उ5क8 भ6तिमां क8 =ई क्याb क8 = रहू हूI, गल -गल7= कर हूdए अच5क हूमांल कर मांरपु टो कर5 लग । उक्त मांरपु टो क पुरिरणमांस्वेरूपु स$ ई एवे$ 5रश टो.प्पु. क8 मां7क पुर हू मांeत्या हू. गई । घयाल मांधरमां क. उपुचर हू अस्पुल भ= गया, =हूg लि=ल तिचतिकत्सलया, अ$तिकपुर मांS उपुचर क दा7र5 उसक8 भ मांeत्या हू. गई । सरश टो.प्पु. क.
ग$भ र च.टोS आई$ । प्रथाZ स$=या एक्क क8 स6च5 पुर पुलिलस द्वार मां7क पुर पुहूdgचकर दाहू मांग4 स6च5 एवे$ दाहू 5लिलश दा=4 क8 गई था आहूb क तिचतिकत्स या पुर क्षाण करया गया । मांeकb क शवे क पुर क्षाण करवेया गया । आवेदाक/अतिभयाक्त एवे$ सहू- अतिभयाक्तगण क मांमां.रमां या5 क आधर पुर घटो5 मांS प्रयाक्त हूलिथायारb क8 =ब् क8
3 / 5 (M.Cr.C. No.-2786 of 2026) गई । सतिक्षायाb क या5 लिलए गए । मां7क 5क्श Iयार तिकया गया । =ब् हूलिथायारb क. रसयाति5क पुर क्षाण हू भ= गया । तिवेवेच5 उपुर$ अतिभया.ग पुत्र पुश तिकया = चक हूI ।
4. आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु. क तिवेद्वा5 अलिधवेक्त क क4 हूI तिक आवेदाक तिदा5$क 11/01/2025 स न्यातियाक अतिभरक्षा मांS हूI । उभयापुक्षा क मांध्या भ6तिमां स$$ध तिवेवेदा हूI, लि=सक करण उक्त घटो5 घतिटो हूdई हूI । आवेदाक स तिकस प्रकर क8 =प्ती 5हूl हूdई हूI । आवेदाक/अतिभयाक्त क प्रथामां =मां5 आवेदा5 क ति5रकरण करणयाक्त आदाश द्वार 5हूl तिकया गया, याद्यतिपु उक्त आवेदा5 तिदा5$क 16/07/2025 क. इस न्यायालया द्वार ति5रस् तिकया = चक हूI । अ क पुरिरतिक्षा सतिक्षायाb क या5 मांS ग$भ र तिवेर.धभस हूm । अतिभया.=5 द्वार क ल 31 सतिक्षायाb क पुर क्षाण तिकया =5 हूI, लि=5मांS स अ क क वेल 12 सतिक्षायाb क पुर क्षाण तिकया गया हूI था शर्ष सतिक्षायाb क पुर क्षाण मांS समांया लग5 स$भतिवे हूI । आवेदाक/अतिभयाक्त क8 घटो5 मांS क.ई स$लिलप्ती 5हूl हूI, वेहू ति5दाnर्ष हूI । अo उस =मां5 पुर रिरहू तिकया =ए ।
5. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वा5 अलिधवेक्त 5 क4 तिदाया हूI तिक आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु. द्वार सहू-अतिभयाक्तगण र.5 वे मां5.हूर टो.प्पु. क सथा एक रया हू.कर लठ , टो$ग एवे$ फावेड़ =Iस घक हूलिथायारb स मांरपु टो क8 गई, लि=समांS 03 व्यातिक्तयाb क8 मांeत्या हू. गई था एक व्यातिक्त क. प्रणघक च.टोS आई हूm । दाहू 5लिलश मांS सहू-अतिभयाक्त र.5 एवे$ मां5.हूर टो.प्पु. क सथा आवेदाक अमांन्द्र टो.प्पु. क 5मां स्पुष्ट रूपु स अ$तिक हूI । मांमांल मांS आहू स$.र्ष टो.प्पु. क अलवे अन्या सक्षा 5 लमां क =6र, सरश, शIलन्द्र एवे$ ध5 लिस$हू आतिदा 06 चश्मांदा दा सक्षा हूm लि=5क या5 मांS आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु. क 5मां भ आया हूI । दाहू 5लिलस मांS भ आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु.
क 5मां आया हूI ।
4 / 5 (M.Cr.C. No.-2786 of 2026) आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र क मांर टो.प्पु. स क.ई =ब् 5हूl हूI, तिक$ सहू-अतिभयाक्तगण क या5 क मांमां.रमां मांS आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु. क8 भ स$लिलप्ती दाश4ई गई हूI । अपुरध क8 प्रकe ति ग$भ र हूI । अo अतिभयाक्त/आवेदाक अमांन्द्र टो.प्पु. क =मां5 आवेदा5 खरिर= तिकया =ए ।
6. उभयापुक्षा क क4 श्रीवेण तिकया गया था अतिभलख क स6क्ष्मांपु6वे4क पुरिरश ल5 तिकया गया ।
7. प्रकरण क समांस् थ्या एवे$ अतिभलख पुर उपुलब्ध समांग्रा क अवेल.क5 कर5 पुर याहू पुरिरलतिक्षा हू. हूI तिक आर.तिपु घटो5 तिवेलिध-तिवेरुद्ध =मांवे द्वार, समांन्या आशया क अग्रासरण मांS, घक हूलिथायारb स लIस हू.कर क8 गई हूI, लि=सक पुरिरणमांस्वेरूपु 03 व्यातिक्तयाb क8 मांeत्या था 01 व्यातिक्त क. ग$भ र उपुहूति करिर हू.5 दातिश4 हूI । दाहू 5लिलश एवे$ दाहू मांग4 स6च5 मांS आवेदाक/अतिभयाक्त क 5मां सहू-अतिभयाक्तb क सथा प्रर$भ स हू
अ$तिक हूI । प्रकरण मांS उपुलब्ध चश्मांदा दा सतिक्षायाb क कथा5b स प्रथामांदृष्टया उसक8 स$लिलप्ती पुरिरलतिक्षा हू. हूI । अपुरध क8 प्रकe ति अत्या$ ग$भ र हूI, लि=समांS एकलिधक व्यातिक्तयाb क8 मांeत्या हूdई हूI, ऐस मांमांलb मांS =मां5 प्रदा5 कर समांया न्यायालया क. अत्यालिधक सवेध5 एवे$ सक4 र5 अपुतिक्षा हू. हूI । मांत्र इस आधर पुर तिक आवेदाक न्यातियाक अतिभरक्षा मांS हूI अथावे क छ सतिक्षायाb क पुर क्षाण हू. चक हूI, उस =मां5 क लभ प्रदा5 कर5 इस स्र पुर उतिच प्र 5हूl हू. । अo, अतिभलखग स$कलिल सक्ष्या वे समांस् पुरिरण्डिस्थातियाb क पुरिरश ल5 क आधर पुर याहू न्यायालया पु हूI तिक पुरिरण्डिस्थातियाb मांS ऐस ब्दा ल 5हूl हूI लि=सस आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र टो.प्पु. क मांमांल =मां5 तिदाए =5 या.ग्या मां5 =वेS ।
8. अo आवेदाक/अतिभयाक्त अमांन्द्र क तिद्वा या =मां5 आवेदा5 खरिर= तिकया = हूI ।
5 / 5 (M.Cr.C. No.-2786 of 2026)
9. रलि=स्टो_ क. ति5दाyतिश तिकया = हूI तिक इस आदाश क8 प्रति याथाश घ्र तिवेचरण न्यायालया क. स6च5था4 प्रतिर्ष तिकया =ए । सहू /- (स$=या क मांर =यासवेल) न्यायाध श पोमन