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High Court of Chhattisgarh · body

2026 DAILYLAW 36824 (CHH)

CHOLA MANDALAM M.S. INSURANCE COMPANY LIMITED v. SMT. TULSI SAHU

MAC/708/2026 · 2026-09-22

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 5 {MA(C) No. 708 of 2026} CGHC010091862026 2026:CGHC:41395 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर तिवेतिवेध अपु ल ( प्रतिकर ) क्रमां!क -708 /2026 1. च+ल मां!डलमां एमां.एस. इं!श्या+र0स क! पुनी लिलतिमांटेड, ति4 या ल, लिसमांरनी टे5वेर, एलआईस भवेनी क समांनी, पु!डर , रयापुर, हस ल एवे! लि:ल रयापुर, छत्ती सगढ़ (दो+षी वेहनी टे=>क्टेर क्रमां!क-स .: .-04-एनी.:ड.-6469 क मां क! पुनी ) -----अपु लर्थीC तिवेरूद्घ 1. श्री मां लस सहG, पुति स्वेगCया र:I सहG, आया लगभग 28 वेषीJ, 2. श्री मां दोशो+दो सहG, पुति स्वेगCया पुरस रमां सहG, आया लगभग 53 वेषीJ, 3. पुरस रमां सहG, तिपु श्री रमांलिस!ह सहG, आया लगभग 55 वेषीJ, 4. पुप्पुI क मांर सहG, तिपु श्री पुरस रमां सहG, आया लगभग 24 वेषीJ, 5. दो पुक, तिपु श्री पुरस रमां सहG, आया लगभग 18 वेषीJ, 6. लि:0द्र क मांर सहG, तिपु पुरस रमां सहG, आया लगभग 15 वेषीJ, नीलिलग, 4र अपुनी प्रकP तिक स!रतिQक मां श्री मां दोशो+दो सहG, सभ तिनीवेस ग्रामां-लिस!गरभठा, पु+स्टे-क0 द्र , र्थीनी एवे! हस ल-अभनीपुर, लि:ल रयापुर, छत्ती सगढ़ -------दोवेकJगण 7. प्रदो पु क मांर सहG, तिपु श्री ध रन्द्र क मांर सहG, आया लगभग 27 वेषीJ, तिनीवेस मांकनी क्रमां!क 136, वेडJ क्रमां!क 13, भटेपुर, सल+नी , सवेनी , अभनीपुर, लि:ल रयापुर, छत्ती सगढ़, (दो+षी वेहनी टे=>क्टेर क्रमां!क-स .: .-04-एनी.:ड.-6469 क वेहनी चलक) POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.09.24 14:56:34 +0530 2 / 5 {MA(C) No. 708 of 2026} 8. पुरुषी+त्तीमां सहG, तिपु श्री स+मांनीर्थी सहG, तिनीवेस वेडJ क्रमां!क 13, भटेपुर, सल+नी , सवेनी , अभनीपुर, लि:ल रयापुर, छत्ती सगढ़ (दो+षी वेहनी टे=>क्टेर क्रमां!क-स .: .-04-एनी.:ड.-6469 क पु!: कP स्वेमां ) -----प्रत्यार्थीCगण अपु लर्थीC/ मां क! पुनी 4र : श्री लिसद्धार्थीJ पुण्डया, अलिधवेक्ता । दोवेकJ/प्रत्यार्थीC क्रमां!क-1 स 6 4र : सIचनी तिमांल पुश्च क+ई उपुस्थिस्र्थी नीह] । वेहनी चलक/प्रत्यार्थीC क्रमां!क-7 4र : सIचनी तिमांल पुश्च क+ई उपुस्थिस्र्थी नीह] । पु!: कP स्वेमां /प्रत्यार्थीC क्रमां!क-8 4र : सIचनी तिमांल पुश्च क+ई उपुस्थिस्र्थी नीह] । न्यायामांIतिJ श्री स!:या क मांर :यासवेल !! तिनीणJया पु ठा पुर पुरिर !! 23/09/2026 1. मां+टेर यानी अलिधतिनीयामां, 1988 क` धर 173 क अ!गJ प्रस् इंस अपु ल मां0 एकदोशो अपुर मां+टेर दोर्घJटेनी दोवे अलिधकरण, रयापुर (छत्ती सगढ़) 4र दोवे प्रकरण क्रमां!क 929/2023, “श्री मां लस सहG वेग>रह तिवेरुद्धा प्रदो पु क मांर सहG वेग>रह” मां0 पुरिर अलिधतिनीणJया तिदोनी!क 29/08/2025 क+ चनीd दो गई ह> । लि:सक ह अपु लर्थीC- मां क! पुनी क तिवेरूद्घ ₹18,93,600/- क अलिधतिनीणJया मांया 7% वेतिषीJक ब्या: क प्रत्यार्थीC क्रमां!क-1 स 3 क पुQ मां0 पुरिर तिकया गया । लि:स आग स!Qपु मां0 “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणJया” स स!+लिध तिकया : रह ह> । 2. प्रकरण क थ्या स!Qपु मां0 इंस प्रकर हi तिक र:I सहG (मांPक) तिदोनी!क 29/07/2023 क+ दो+पुहर कर 01.00 : डमांरह खार खा मां0 कमां कर रह र्थी, टे=>क्टेर क्रमां!क स .: .-04-एनी.:ड.-6469 (लि:स आग स!Qपु मां0 “दो+षी वेहनी” स स!+लिध तिकया : 3 / 5 {MA(C) No. 708 of 2026} रह ह>) क+ उसक चलक प्रदो पु क मांर सहG (प्रत्यार्थीC क्रमां!क-7) : गति एवे! लपुरवेह पुIवेJक चल हkए आया और खा क` मांड़ पुर “दो+षी वेहनी” क+ चढ़ तिदोया र्थी “दो+षी वेहनी” क+ चलI अवेस्र्थी मां0 लपुरवेह पुIवेJक छ+ड़कर उसस उर गया लि:सस “दो+षी वेहनी” लढ़ककर र:I सहG क ऊपुर चढ़ गया, उसमां0 दोनी क करण ग!भ र उपुहति आनी स र:I सहG क` मांPत्या ह+ गई । उक्ता र्घटेनी क स!!ध मां0 र्थीनी-अभनीपुर, रयापुर मां0 अपुरध क्रमां!क 347/2023 अ!गJ धर 304(क) भर या दोण्ड स!तिह क ह अपुरध पु!: द्धा तिकया गया । 3. मांPक र:I सहG क` पुत्नी श्री मां लस सहG, मांo श्री मां दोशो+दो सहG, तिपु पुरस रमां सहG क सर्थी ह उसक भई पुप्पुI क मांर सहG, दो पुक एवे! लि:न्द्र क मांर सहG 4र धर 166, मां+टेर यानी अलिधतिनीयामां, 1988 क अ!गJ दोवे आवेदोनी प्रस् तिकए :नी पुर “दो+षी वेहनी” क चलक एवे! स्वेमां र्थी अपु लर्थीC मां क! पुनी क+ सIचनी मां ल तिकए :नी क पुश्च उनीक` ओर स क+ई :वेदोवे प्रस् नीह] तिकया गया । त्पुश्चq, :!च उपुर! अपु लर्थीC मां क! पुनी क तिवेरुद्धा एकपुQ या अलिधतिनीणJया पुरिर तिकया गया ह> । लि:स इंस अपु ल मां0 चनीd दो गई ह> । 4. अपु लर्थीC/ मां क! पुनी क तिवे4नी अलिधवेक्ता क कJ ह> तिक दोवेकJ पुQ 4र प्रस् प्रर्थीमां सIचनी पुत्र प्रदोशोJ पु -1 क अनीसर मांPक र:I सहG क नीमां ह कस्थिण्डक-7 मां0 आर+पु क स्र्थीनी पुर दो:J ह> । अर्थीJq, दोर्घJटेनी क समांया स्वेया! र:I सहG वेहनी चल रह र्थी । अs र:I सहG क` मांPत्या ह+नी पुर दोवेकJ पुQ तिकस भ प्रतिकर रतिशो क+ प्रप्त करनी क हकदोर नीह] ह> । इंस प्रकर, तिनी तिकस सक्ष्या क मांPक र:I सहG क+ क शोल श्रीतिमांक मांनी हkए उसक` मांलिसक आया 9,000/- रुपुया तिनीधJरिर क` गई ह>, :+ अलिधक ह> । उस क शोल 4 / 5 {MA(C) No. 708 of 2026} श्रीतिमांक मांनीनी क स!!ध मां0 क+ई सक्ष्या उपुलब्ध नीह] ह> । र्घटेनी तिदोनी!क क+ प्रचलिल अक शोल श्रीतिमांक क` मां:दोIर क आधर पुर उसक` मांलिसक आया तिनीधJरिर क` : सक र्थी । दोवेकJ पुQ क` ओर स पुर तिQ अमांर लिस!ह क कर्थीनी भ तिवेश्वेसनी या नीह] ह> । अs अपु लर्थीC क तिवेरुद्धा पुरिर “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणJया“ क+ अपुस् कर हkए उस दोतियात्वे स मांक्ता तिकया :ए । 5. उपुस्थिस्र्थी पुQ क कJ श्रीवेण तिकया गया र्थी अतिभलखा क सIक्ष्मांपुIवेJक पुरिरशो लनी तिकया गया। 6. अतिभलखा क पुरिरशो लनी स याह स्थिस्र्थीति स्पुष्ट ह+ ह> तिक “दो+षी वेहनी” दोर्घJटेनी तिदोनी!क क+ अपु लर्थीC मां क! पुनी स तिमां र्थी । मांमांल मां0 दोवेकJ पुQ क` ओर स मांPक क` पुत्नी श्री मां लस सहG क अलवे मांdक क सQ क रूपु मां0 अमांर लिस!ह क पुर Qण करया गया ह>, लि:न्हwनी र्घटेनी क स!!ध मां0 दोवेकJ पुQ क मांमांल क` पुतिष्ट क` ह> । उनीक कर्थीनी क क+ई प्रतिपुर Qण नीह] तिकया गया ह>, लि:सक करण उनीक कर्थीनी अखास्थिण्ड रह ह> । याह भ स्पुष्ट ह> तिक पुलिलस 4र तिवेवेचनी उपुर! अ!तिमां प्रतिवेदोनी “दो+षी वेहनी” क चलक प्रदो पु क मांर सहG क तिवेरुद्धा प्रस् तिकया गया । इंस प्रकर दोर्घJटेनी मां0 “दो+षी वेहनी” क चलक क रूपु मां0 प्रदो पु क मांर सहG क+ उत्तीरदोया पुया गया ह> । न्यायालया क समांQ तिदोया गया मांdलिखाक कर्थीनी ह मांIल सक्ष्या ह+ ह>, :तिक प्रर्थीमां सIचनी पुत्र एक समांर्थीJनीकर सक्ष्या ह> । प्रर्थीमां सIचनी पुत्र मां0 लिलखाए गए थ्या क+ स्र्थीतिपु करनी ह सIचक तिलश्वेर क मांर सहG क न्यायालया क समांQ पुर Qण नीह] करया गया ह> । अs प्रर्थीमां सIचनी पुत्र मां0 उल्लेलिखा थ्या मांत्र क आधर पुर न्यायालया क समांQ प्रस् अमांर लिस!ह क कर्थीनी क खाण्डनी नीह] ह+ । ऐस स्थिस्र्थीति मां0 अपु लर्थीC/ मां क! पुनी क तिवे4नी अलिधवेक्ता क याह कJ तिक दोर्घJटेनी मां0 स्वेया! मांPक क` लपुरवेह रह ह>, स्वे कर या+ग्या नीह] ह> । 5 / 5 {MA(C) No. 708 of 2026} 7. :हo क मांPक क` मांलिसक आया 9,000/- रुपुया अलिधक तिनीधJरिर तिकए :नी क प्रश्नी ह>? इंस स!दोभJ मां0, उल्लेखानी या ह> तिक दोर्घJटेनी तिदोनी!क 29/07/2023 क` ई गई ह> और न्याIनीमां मां:दोIर अलिधतिनीयामां क अ!गJ उक्ता तिलिर्थी क+ अक शोल श्रीतिमांक क लिलए तिनीधJरिर न्याIनीमां मां:दोIर 9,960/- रुपुया र्थी । ऐस स्थिस्र्थीति मां0 मांPक क` मांलिसक आया 9,000/- रुपुया तिनीधJरिर तिकया :नी उक्ता तिलिर्थी क+ अक शोल श्रीतिमांक क लिलए तिनीधJरिर न्याIनीमां मां:दोIर स भ कमां ह> । अs अपु लर्थीC पुQ क याह कJ भ स्वे कर या+ग्या नीह] ह> तिक मांPक क` मांलिसक आया अलिधक तिनीधJरिर क` गई ह> । 8. ऐस दोशो मां0, उपुर+क्ता तिवेवेचनी क आधर पुर याह न्यायालया पु ह> तिक अपु लर्थीC- मां क! पुनी क कJ स्वे कर तिकए :नी या+ग्या नीह] ह> । अलिधकरण 4र पुरिर “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणJया” अतिभलखा पुर उपुलब्ध मांdलिखाक एवे! दोस्वे: सक्ष्या क अनीरूपु ह+नी स उसमां0 तिकस हस्Qपु क` आवेश्याक नीह] पुया : । फलस्वेरूपु, अपु ल स्वे कर या+ग्या नीह] ह+नी स खारिर: क` : ह> । 9. तिनीणJया क` प्रति क सर्थी अलिधकरण क अतिभलखा शो घ्रपुIवेJक आवेश्याक कयाJवेह ह सIचनीर्थीJ वे पुलनीर्थीJ वेपुस प्रतिषी ह+ । सह /- (स!:या क मांर :यासवेल) न्यायाध शो पोमन