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High Court of Chhattisgarh · body

2026 DAILYLAW 36794 (CHH)

MADHAV GUPTA @ MADHAV BISI v. STATE OF CHHATTISGARH

CRA/2332/2026 · 2026-09-23

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 5 (Cr. A. No.-2332 of 2026) CGHC010360862026 2026:CGHC:41546 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक अपु ल क्रमां"क -2332 /2026  मांधवे गप्ता उर्फ, मांधवे तिस तिपु-दाल-मांनी गप्ता, उम्र-लगभग 40 वेर्ष,, तिनीवेस -ग्रामां नीगरमांड़ा, क-लपुर, आमांग"वे, पुलिलस थानी-मांनीर, लि8ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा9/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ  छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थानी प्रभर , पुलिलस थानी-मांनीर, लि8ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लथा9/अतिभयाक्त द्वार : श्री स"8या अग्रावेल, अलिधवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री र-तिBस्वे लिस"B, उपु शासकEया अलिधवेक्त । न्यायामांFति, श्री स"8या क मांर 8यासवेल !! आदाशा पु ठ पुर पुरिर !! 24/09/2026 1. धर 14(क)( ) ii अनीसFतिच 8ति एवे" अनीसFतिच 8नी8ति (अत्याचर तिनीवेरण) अलिधतिनीयामां, 1989 (लि8स आग स"क्षेपु मांS "तिवेशार्ष अलिधतिनीयामां" कB गया BU) क अ"ग, 8मांनी स""ध प्रस् प्रथामां अपु ल मांS तिवेचरण न्यायालया-तिवेशार्ष न्यायाध शा (तिवेशार्ष POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.09.24 16:17:44 +0530 2 / 5 (Cr. A. No.-2332 of 2026) अलिधतिनीयामां), रयागढ़, छत्ती सगढ़ द्वार पुलिलस थानी-मांनीर, रयागढ़, छत्ती सगढ़ क अपुरध क्रमां"क-309/2025 अ"ग, धर 296, 351(2), 115(2), 109(1), 221, 132, 74, 76, 309(4), 309(6), 3(5), 310(2), 121(1), 77, 351(3), 61(2), 238 भर या न्याया स"तिB, 2023, तिवेशार्ष अलिधतिनीयामां कE धर 3(2)( ) v था सFचनी प्रXद्य-तिगकE अलिधतिनीयामां, 2008 कE धर-66(ङ), 67(क) क B प्रस् तिनीयातिमां 8मांनी आवेदानी मांS पुरिर आदाशा तिदानी"क 22/06/2026 क- चनीX दा गई BU लि8सक B अपु लथा9/अतिभयाक्त क तिनीयातिमां 8मांनी आवेदानी तिनीरस् कर तिदाया गया । उक्त आदाशा क- स"क्षेपु मांS “प्रश्नीध नी आदाशा” स स"-लिध तिकया 8 रB BU । 2. अतिभया-8नी मांमांल स"क्षेपु मांS इस प्रकर BU तिक पु तिड़ा थानी पुF"8 पुथार, लि8ल रयागढ़ (छत्ती सगढ़) मांS मांतिBल आरक्षेक क पुदा पुर पुदास्था BU । मांनीर थानी क्षेत्र, लि8ल रयागढ़ मांS ण्डिस्था लि8"दाल क" पुनी स स""लिध 8नीसनीवेई क तिवेर-ध मांS तिवेतिभन्न मांद्दोंb क- लकर लगभग 14 ग्रामांb क ग्रामां ण स .एच.पु . चXक, लिलर मांS धरनी-प्रदाशा,नी कर रB था । उक्त प्रदाशा,नी क दाXरनी कनीFनी-व्यावेस्था नीए रखनी B रयागढ़ लि8ल क तिवेतिभन्न थानीb क पुलिलस अलिधकर -कमां,चर था प्रशासतिनीक अलिधकरिरयाb कE ड्यूFटी लगई गई था । तिदानी"क 27. 12.2025 क- एकतित्र प्रदाशा,नीकर , अन्या सB-अतिभयाक्तb 8Uस र8शा मांरकमां आतिदा क उकसवे पुर उग्रा एवे" तिB"सक B- गए । उन्Bbनी पुलिलस द्वार शा"ति नीए रखनी कE अपु ल कE उपुक्षे कर Bhए अतिनीया"तित्र B-कर प्रणघाक Bमांल प्रर"भ कर तिदाए । प्रदाशा,नीकरिरयाb क Bथाb मांS लठ -" आतिदा था । इस दाXरनी पु तिड़ा, 8- मांतिBल आरक्षेक BU, अपुनी सरक्षे B ख कE ओर भग , तिक" गड्ढे मांS पुUर र्फ" सनी स तिगर पुड़ा । भ लगभग 7–8 प्रदाशा,नीकरिरयाb नी उस घार लिलया और उसकE Bत्या करनी कE तिनीया स अश्ल ल गल - गलX8 कर Bhए था 8नी स मांरनी कE धमांकE दा Bhए उस पुर Bथा-मांक्कb, ल-घाFसb 3 / 5 (Cr. A. No.-2332 of 2026) एवे" लठ -"b स प्रBर तिकया । पु तिड़ा कE लज्8 भ"ग करनी कE नी या स उसक दा-नीb पुUर उठकर उसक वेस्त्रोंb क- गल एवे" वेक्षेस्थाल क पुस स खpचकर र्फड़ा तिदाया था अ"qवेस्त्रों क- भ खpच Bhए उस घास टी । पु तिड़ा प्रणरक्षे B र-र तिनीवेदानी कर रB , पुर" उसकE वेदा9 क कपुड़ा र्फड़ाकर उस पुर Brस रB । वेB असBया अवेस्था मांS अपुनी स्नीb क- दा-नीb Bथाb स ढं"ककर र- -तिलख रB । सB-अतिभयाक्त मां"गल रतिठया द्वार " स उसकE पु ठ पुर प्रBर तिकया गया था अन्या व्यातिक्तयाb द्वार भ मांरपु टी कE गई । इस च एक व्यातिक्त द्वार उसक अध,नीग्न अवेस्था क वे तिया- मां-इल र्फ-नी स नीकर प्रसरिर कर तिदाया गया । अतिभयाक्तb नी उसक गल दाकर 8नी स मांरनी क प्रयास तिकया, लि8सस वेB तिकस प्रकर अपुनी अ"qवेस्त्रों क- छ-ड़ाकर 8नी चकर वेB" स भगनी मांS सर्फल Bhई । इस घाटीनी मांS मांतिBल थानी प्रभर मांनीर, रयागढ़ क सथा भ अश्ल ल गल -गलX8 एवे" मांरपु टी कE गई था उसक लिसर क- Bईवे वेBनी स क चलनी क प्रयास तिकया गया और उस 8नी स मांरनी कE धमांकE दा गई । उक्त घाटीनी कE रिरपु-टी, पुर थानी मांनीर, लि8ल रयागढ़ द्वार अपुरध पु"8 द्ध तिकया गया । त्पुश्चv आBb क तिचतिकत्स या पुर क्षेण करया गया, सतिक्षेयाb क कथानी दा8, तिकए गए था स"पुFण, तिवेवेचनी उपुर" अतिभयाक्तb क तिवेरुद्ध अतिभया-ग-पुत्र प्रस् तिकया गया । 3. इस अपु ल क स""ध मांS पु तिड़ा/तिशाकयाक, क- तिदानी"क-17/09/2026 क- सFचनी प्रतिर्ष कE गई था । लि8सक अनीपुलनी मांS पु तिड़ा/तिशाकयाक, द्वार आ8 तिदानी"क 24/ 09/2026 क- स""लिध लि8ल तिवेलिधक सवे प्रलिधकरण स आभस रूपु स उपुण्डिस्था B-कर अपु लथा9/अतिभयाक्त क- 8मांनी तिदाए 8नी पुर आपुलित्ती B-नी कE अतिभव्यातिक्त कE गई । 4. अपु लथा9/अतिभयाक्त क तिवेद्वानी अलिधवेक्त नी क, प्रस् तिकया BU तिक मांमांल मांS अतिभया-ग- पुत्र 07 अतिभयाक्तगण क तिवेरुद्ध पुशा तिकया गया था । पुश्चv मांS पुFरक अतिभया-ग-पुत्र 02 4 / 5 (Cr. A. No.-2332 of 2026) अतिभयाक्तगण क तिवेरुद्ध पुशा तिकया गया BU, लि8समांS स एक अपु लथा9/अतिभयाक्त BU । वेB तिनीदाxर्ष BU था उस पुश्चv मांS तिमांथ्या रूपु स र्फr सया गया BU । प्रथामां सFचनी पुत्र मांS अपु लथा9/अतिभयाक्त क नीमां अ"तिक नीBp BU । वेB मांXक पुर नीBp था । उसकE क-ई सतिक्रया सBभतिग नीBp BU । सB-अतिभयाक्त स"8या मांBर द्वार भ8 गए वे तिया- क- प्रसरिर करनी मांत्र क आर-पु BU । वेB तिदानी"क 26/03/2026 स तिनीर"र न्यातियाक अतिभरक्षे मांS BU । पु तिड़ा क पुर क्षेण B- चक BU । तिवेचरण मांS समांया लगनी स"भतिवे BU । अq तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नीध नी आदाशा” क- अपुस् कर Bhए प्रस् अपु ल स्वे कर कE 8ए था अपु लथा9/अतिभयाक्त क- तिनीयातिमां 8मांनी क लभ प्रदानी कर Bhए रिरB तिकया 8ए । 5. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वानी अलिधवेक्त नी प्रस् अपु ल क तिवेर-ध कर Bhए क, प्रस् तिकया BU तिक अपु लथा9 स मां-इल और दा- लिसमां क, 8ब् Bhए B{ । उसक 08 आपुरलिधक इतिBस BU, लि8समांS स 07 इस्गस क B{ और एक मांमांल अ"ग, धर 34 आकर अलिधतिनीयामां क रB BU । वेB आपुरलिधक प्रवे|लित्ती क BU । अq अपु लथा9 कE भFतिमांक, अपुरध कE प्रक| ति एवे" ग"भ र क- दृति~ग रख Bhए तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नीध नी आदाशा” पुFण,q उतिच एवे" तिवेलिधसम्मां BU, लि8समांS तिकस प्रकर क Bस्क्षेपु कE आवेश्याक नीBp BU । अq प्रस् 8मांनी स""ध अपु ल तिनीरस् कE 8ए । 6. उपुण्डिस्था पुक्षे क क, श्रीवेण तिकया था अतिभलख एवे" क स यार क पुरिरशा लनी तिकया गया । 7. अतिभलख क पुरिरशा लनी स 8तिBर B- BU तिक अपु लथा9 नी - मांXक पुर था और नी B मांख्या घाटीनी मांS उसकE क-ई सतिक्रया सBभतिग या गया BU था नी B प्रथामां सFचनी पुत्र मांS 5 / 5 (Cr. A. No.-2332 of 2026) उसक नीमां BU । वेB तिदानी"क 26/03/2026 स तिनीर"र न्यातियाक अतिभरक्षे मांS BU । मांत्र वे तिया- प्रसरिर करनी क आर-पु BU । तिवेचरण मांS समांया लगनी स"भतिवे BU । अपु लथा9 क अनीसर इस्गस क ज्यादार मांमांल समांप्ता B- चक B{ । अq अपु लथा9/अतिभयाक्त द्वार प्रस् तिनीयातिमां 8मांनी आवेदानी स""ध अपु ल स्वे कर कE 8 BU । तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर “प्रश्नीध नी आदाशा” अपुस् तिकया 8 BU । 8. अपु लथा9/अतिभयाक्त दाण्डिक प्रकरण क तिनीरकरण क तिवेचरण न्यायालया मांS अपुनी तिनीयातिमां उपुण्डिस्थाति B ₹25,000/-(पुच्च स B8र रुपुया) क "धपुत्र एवे" उनी B रतिशा क सक्षेमां 8मांनी प्रस् करS - उस 8मांनी पुर रिरB तिकया 8ए । 9. रलि8स्टी‚ क- तिनीदाƒतिशा तिकया 8 BU तिक इस आदाशा कE प्रतिलिलतिपु याथाशा घ्र तिवेचरण न्यायालया क- सFचनीथा, वे अनीपुलनीथा, प्रतिर्ष कE 8ए । सB /- (स"8या क मांर 8यासवेल) न्यायाध शा पोमन