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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 36361 (CHH)
THE NEW INDIA ASSURANCE CO. LTD. v. SMT. NEELO BAI MOURYA
MAC/393/2023 · 2026-09-20
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 36361 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (MA(C) No. 393 of 2023)
CGHC010089732023
2026:CGHC:41028 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
तिवेतिवेध अपु ल
( प्रतिकर
) क्रमां!क
-393
/2023
1. दी न्या+ इण्डि./या इ!श्या1र2स क! पुनी लिलतिमांटे/, द्वार शाखा प्र!धक, शाखा कया9लया, आकशावेणी र1/, जगदीलपुर, लिजल-स्र, छत्ती सगढ़ (दी1षी वेहनी तिपुकपु क्रमां!क-स .ज .-05-/ .-0275 क मां क! पुनी ) -----अपु लर्थीC तिवेरूद्घ
1. श्री मां नी ल1ई मांHया9, पुति-स्वेगCया नीनी+रमां मांIया9, आया-लगभग 55 वेषी9, दी1नीK तिनीवेस -स्क+ लपुर, ग्रामां-तिरर्थी, पु1स्टे-र2ग, पुलिलस चIकM-घो1तिटेया, लिजल-स्र, छत्ती सगढ़ । -----दीवेक9
2. सदीरमां कश्यापु, तिपु-लदीरूरमां, आया-लगभग 23 वेषी9, जति-मां+रिरया, पुशा-/Qईवेर , तिनीवेस -छ1टे दीर2ग, स्क+ लपुर, ग्रामां-र2ग, पु1स्टे-र2ग, पुलिलस चIकM-घो1तिटेया, लिजल-स्र, छत्ती सगढ़ । (दी1षी वेहनी तिपुकपु क्रमां!क-स .ज .-05-/ .-0275 क वेहनी चलक)
3. धसनी मां./वे , तिपु-पुईरमां मां./वे , तिनीवेस -ग्रामां पुर1दी, पुलिलस र्थीनी-हस ल एवे! लिजल-क1./ग!वे, छत्ती सगढ़ (दी1षी वेहनी तिपुकपु क्रमां!क-स .ज .-05-/ .-0275 क पु!ज कS स्वेमां ) -----प्रत्यार्थीCगणी अपु लर्थीC/ मां क! पुनी द्वार : श्री कमांरूल अVज ज, अलिधवेक्ता । दीवेक9/प्रत्यार्थीC क्रमां!क-1 द्वार : स+चनी तिमांल पुश्च क1ई उपुण्डिस्र्थी नीहX । वेहनी चलक/प्रत्यार्थीC क्रमां!क-2 द्वार : श्री कल्पुशा रूपुरिरल, अलिधवेक्ता । पु!ज कS स्वेमां /प्रत्यार्थीC क्रमां!क-3 द्वार : स+चनी तिमांल पुश्च क1ई उपुण्डिस्र्थी नीहX । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.09.22 10:40:13 +0530
2 / 5 (MA(C) No. 393 of 2023) न्यायामां+ति9 श्री स!जया क मांर जयासवेल !! तिनीणी9या पु ठ पुर पुरिर !! 21/09/2026
1. मां1टेर यानी अलिधतिनीयामां, 1988 कM धर 173 क अ!ग9 प्रस् इस अपु ल मां2 S या अतिरिरक्ता मां1टेर दीघो9टेनी दीवे अलिधकरणी, स्र स्र्थीनी जगदीलपुर (छत्ती सगढ़) द्वार दीवे प्रकरणी क्रमां!क 229/2019, “श्री मां नी ल1ई तिवेरुद्ध सदीरमां कश्यापु वेगHरह” मां2 पुरिर अलिधतिनीणी9या तिदीनी!क 03/12/2022 क1 चनीI दी गई हH । उक्ता अलिधतिनीणी9या द्वार दीवेक9 क पुक्ष मां2 ₹5,00,000/- कM प्रतिकर रतिशा, 9% वेतिषी9क ब्याज सतिह, अलिधतिनीणीC कM गई हH र्थी उक्ता प्रतिकर रतिशा क भगनी ह अपु लर्थीC मां क! पुनी क1 उत्तीरदीया ठहरया गया हH । लिजस अलिधतिनीणी9या क1 आग स!क्षपु मां2 “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणी9या” स स!1लिध तिकया ज रह हH ।
2.
प्रकरणी क थ्या स!क्षपु मां2 इस प्रकर हg तिक 60 वेषीCया नीनी+रमां मांIया9 तिदीनी!क 04/01/2019 क1 तिपुकअपु वेहनी क्रमां!क स .ज .-05-/ .-0275 (लिजस आग स!क्षपु मां2 “दी1षी वेहनी” स स!1लिध तिकया ज रह हH) मां2 हमांल क रूपु मां2 सवेर ह1कर ग्रामां र2ग ज रह र्थी । ज उक्ता वेहनी कपुर नील क पुस पुहijच, उस चलक सदीरमां कश्यापु द्वार चलया ज रह र्थी । इस दीIरनी उक्ता वेहनी घोटेनीस्र्थील पुर पुलटे गया, लिजसस उसमां2 सवेर नीनी+रमां मांIया9 क1 ग!भ र च1टे2 आई! और पुरिरणीमांस्वेरूपु उसकM मांSत्या ह1 गई । त्पुश्चl, उसकM पुत्नी श्री मां नी ल1ई मांIया9 द्वार धर 163 (क), मां1टेर यानी अलिधतिनीयामां, 1988 क अ!ग9 दीवे आवेदीनी प्रस् तिकया गया । अलिधकरणी द्वार दीवे प्रमांतिणी पुया गया र्थी याह तिनीध9रिर तिकया गया तिक “दी1षी वेहनी”, अपु लर्थीC/ मां क! पुनी स तिमां र्थी, तिक! दीघो9टेनी क समांया उसक चलक क पुस वेHध एवे! प्रभवे चलक अनीज्ञतिn नीहX र्थी ।
3 / 5 (MA(C) No. 393 of 2023) फलp, अलिधकरणी द्वार “अदीयाग एवे! वेस+ल ” क लिसद्ध! क1 लग+ कर हiए ₹5,00,000/- कM प्रतिकर रतिशा 9% वेतिषी9क ब्याज सतिह अलिधतिनीणीC कM गई । उक्ता अलिधतिनीणी9या क1 इस अपु ल क मांध्यामां स चनीI दी गई हH ।
3. अपु लर्थीC/ मां क! पुनी क तिवेद्वानी अलिधवेक्ता क क9 हH तिक मांSक नीनी+रमां मांIया9 “दी1षी
वेहनी” मां2 हमांल क रूपु मां2 सवेर नीहX र्थी र्थी पुrलिलस क अ!ग9 उसक ज1लिखामां आच्छतिदी नीहX र्थी । याह भ क9 प्रस् तिकया गया हH तिक दीघो9टेनी क समांया “दी1षी
वेहनी” क चलक क पुस वेHध एवे! प्रभवे चलक अनीज्ञतिn नीहX र्थी , लिजसक करणी मां पुrलिलस कM शाs! क उल्लं!घोनी हiआ । अp अपु लर्थीC/ मां क! पुनी क1 प्रतिकर क दीतियात्वे स उन्मांक्ता तिकया जए ।
4. वेहनी चलक/प्रत्यार्थीC क्रमां!क-2 क तिवेद्वानी अलिधवेक्ता क क9 हH तिक मांSक नीनी+रमां मांIया9 दीघो9टेनीकरिर वेहनी मां2 सवेर र्थी र्थी वेह उसमां2 हमांल क रूपु मां2 कया9र र्थी, लिजसक ज1लिखामां मां पुrलिलस क अ!ग9 आच्छतिदी र्थी । अp अलिधकरणी द्वार पुरिर अलिधतिनीणी9या तिवेलिध एवे! अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या क अनीरूपु हH र्थी उसमां2 तिकस प्रकर क हस्क्षपु कM आवेश्याक नीहX हH । फलp, अपु ल खारिरज तिकया जए ।
5. उपुण्डिस्र्थी पुक्ष क क9 श्रीवेणी तिकया गया र्थी अतिभलखा क स+क्ष्मांपु+वे9क पुरिरशा लनी तिकया गया ।
6.
अतिभलखा क पुरिरशा लनी स याह ण्डिस्र्थीति स्पुष्ट ह1 हH तिक दी1षी वेहनी क चलक सदीरमां कश्यापु र्थी र्थी उक्ता वेहनी अपु लर्थीC/ मां क! पुनी स तिमां र्थी , लिजसकM मां पुrलिलस
प्रदीशा9 / -1 हH । उक्ता वेहनी मांलवेहक र्थी । दीवेक9 श्री मां नी ल1ई मांIया9 र्थी मांIक क सक्ष लदीरूरमां मांIया9 क कर्थीनीK क आधर पुर अलिधकरणी द्वार याह तिनीष्कषी9 अतिभलिललिखा
4 / 5 (MA(C) No. 393 of 2023) तिकया गया हH तिक दीघो9टेनी क समांया मांSक दी1षी वेहनी मां2 हमांल क रूपु मां2 सवेर र्थी । उसक ज1लिखामां मां पुrलिलस क अ!ग9 आच्छतिदी र्थी । अतिभलखा पुर उपुलब्ध उक्ता सक्ष्या क सम्याकl पुरिरशा लनी स अलिधकरणी द्वार अतिभलिललिखा उक्ता तिनीष्कषी9 मां2 क1ई त्रुतिटे पुरिरलतिक्ष नीहX ह1 हH, लिजसस उसमां2 हस्क्षपु क क1ई आधर नीहX हH । फलp, अपु लर्थीC/ मां क! पुनी क याह प्रर्थीमां क9 तिक मांSक “दी1षी वेहनी” मां2 हमांल क रूपु मां2 सवेर नीहX र्थी र्थी उसक ज1लिखामां मां पुrलिलस क अ!ग9 आच्छतिदी नीहX र्थी, स्वे कर या1ग्या नीहX हH ।
7. जहj क “अदीयाग एवे! वेस+ल ” क लिसद्ध! क प्रश्नी हH? अतिभलखा पुर उपुलब्ध सक्ष्या स याह स्पुष्ट रूपु स स्र्थीतिपु हH तिक दीघो9टेनी कM तिलिर्थी क1 “दी1षी वेहनी“ प्रदीशा9 / -1 क अनीसर अपु लर्थीC/ मां क! पुनी स तिमां र्थी । इस स!!ध मां2 अपु लर्थीC/ मां क! पुनी कM ओर स पुर तिक्ष सहयाक श्रीणी -
III मांहशा क मांर भर (अनीवेदीक सक्ष क्रमां!क-1) र्थी प्रशासतिनीक अलिधकर शाहज लिसद्दी कM (अनीवेदीक सक्ष क्रमां!क-2) क कर्थीनीK एवे! लिजल पुरिरवेहनी कया9लया, जगदीलपुर स प्रn अतिभलखा या सक्ष्या क पुरिरशा लनी क आधर पुर अलिधकरणी द्वार याह तिनीष्कतिषी9 तिकया गया तिक दीघो9टेनी क समांया वेहनी चलक क पुस वेHध एवे! प्रभवे चलक अनीज्ञतिn नीहX र्थी , लिजसक करणी मां पुrलिलस कM शाs! क उल्लं!घोनी पुया गया । ऐस ण्डिस्र्थीति मां2, अलिधकरणी द्वार अपु लर्थीC/ मां क! पुनी क1 “अदीयाग एवे! वेस+ल ” क लिसद्ध! क अ!ग9 अलिधतिनीणीC प्रतिकर रतिशा क प्रर्थीमांp भगनी करनी क दीतियात्वे अलिधर1तिपु तिकया गया हH । मांनीनी या सवेsच्च न्यायालया द्वार न्यायादृष्ट! Amrit Paul Singh and Another v. Tata AIG General Insurance Company Limited and Others, (2018) 7 SCC 558 र्थी न्यायादृष्ट!
Sunita and Others v. United India Insurance Co. Ltd. and Others, 2025 SCC OnLine SC 1464 मां2
5 / 5 (MA(C) No. 393 of 2023) प्रतिपुतिदी तिवेलिध-लिसद्ध! र्थी वे9मांनी प्रकरणी क थ्या एवे! पुरिरण्डिस्र्थीतियाK क सम्याकl पुरिरशा लनी स याह स्पुष्ट हH तिक अलिधकरणी द्वार “अदीयाग एवे! वेस+ल ” क लिसद्ध! लग+ कर हiए पुरिर अलिधतिनीणी9या तिवेलिध क अनीरूपु हH लिजसमां2 तिकस हस्क्षपु कM आवेश्याक नीहX हH ।
8. ऐस दीशा मां2, उपुर1क्ता न्यायादृष्ट!K मां2 प्रतिपुतिदी लिसद्ध! क1 दृतिष्टग रखा हiए, याह न्यायालया पु हH तिक अपु लर्थीC- मां क! पुनी क क9 स्वे कर तिकए जनी या1ग्या नीहX हH । अलिधकरणी द्वार पुरिर “प्रश्नीध नी अलिधतिनीणी9या” अतिभलखा पुर उपुलब्ध मांIलिखाक एवे! दीस्वेज सक्ष्या क अनीरूपु ह1नी स उसमां2 तिकस हस्क्षपु कM आवेश्याक नीहX पुया
ज । फलस्वेरूपु, अपु ल स्वे कर या1ग्या नीहX ह1नी स खारिरज कM ज हH ।
9. तिनीणी9या कM प्रति क सर्थी अलिधकरणी क अतिभलखा शा घ्रपु+वे9क आवेश्याक कया9वेह ह स+चनीर्थी9 वे पुलनीर्थी9 वेपुस प्रतिषी ह1 । सह /- (स!जया क मांर जयासवेल) न्यायाध शा पोमन