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High Court of Chhattisgarh · body

2026 DAILYLAW 35910 (CHH)

UNITED INDIA INSURANCE COMPANY LIMITED v. MANMOHAN

MAC/302/2026 · 2026-09-15

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2026

Judgment text

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1 / 7 {MA(C) No. 302 of 2026} CGHC010018922026 2026:CGHC:40465 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर तिवेतिवेध अपु ल ( प्रतिकर ) क्रमां!क -302 /2026  या(नाइटेड इ!तिडया इ!श्या.र/स क! पुना लिलतिमांटेड, पु-मांइक्र. ऑति2स, शॉ4तिपु!ग क4म्प्लक्स, मांना र.ड, पु!जा नाशॉनाल 9क क समांना, कटेघो.र, लिजाल- क.र (छत्ती सगढ़) । (दो.षी वेहना हईवे टे@क क्रमां!क-स .जा .-12-स .-3365 क मां क! पुना ) -----अपु लर्थीE तिवेरूद्घ 1. मांनामां.हना तिपु–समांर सया, आया-लगभग 37 वेषीL, 2. श्री मां तिमांत्रा धनावेना पुति-मांनामां.हना, आया-लगभग 40 वेषीL, 3. अवेयास्क अभया क मांर, तिपु-मांना.हना लिस!ह, आया-लगभग 17 वेषीL, द्वार-अपुना प्रकR तिक स!रक्षक मांनामां.हना, तिपु-समांर सया, 4. श्री मां कTशॉल्या ई, पुति-समांर सया धनावेर, आया-लगभग 57 वेषीL, सभ तिनावेस -ग्रामां-इमांल पुर, ग्रामां-लपुर, गरलिसया, र्थीना-!ग., हस ल-पु.ड़ी - उपुर.ड़ी, लिजाल- क.र (छत्ती सगढ़), -------(दोवेकL) 5. दोवेलल धनावेर, तिपु-चमांर लिस!ह धनावेर, आया-लगभग 40 वेषीL, तिनावेस -ग्रामां लिस!घोल , मांध्या स् , वेडL क्रमां!क 9, र्थीना-!कZमां[गर, हस ल-कटेघो.र, लिजाल- क.र (छत्ती सगढ़), (दो.षी वेहना हईवे टे@क क्रमां!क-स .जा .-12-स .-3365 क चलक) 6. आयाषी लिस!ह, तिपु-च!द्रभना लिस!ह, आया-लगभग 27 वेषीL, तिनावेस -ग्रामां लपुर, र्थीना- !ग., हस ल-पु.ड़ी -उपुर.ड़ी, लिजाल- क.र (छत्ती सगढ़) (दो.षी वेहना हईवे टे@क क्रमां!क-स .जा .-12-स .-3365 क पु!जा कR स्वेमां ) -----प्रत्यार्थीEगण POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.09.17 14:15:25 +0530 2 / 7 {MA(C) No. 302 of 2026} अपु लर्थीE मां क! पुना द्वार : श्री अनापुमां दो, अलिधवेक्ता । दोवेकL/प्रत्यार्थीE क्रमां!क-1 स 4 द्वार : श्री ए2. एस. खर, अलिधवेक्ता । प्रत्यार्थीE क्रमां!क-5 एवे! 6 द्वार : क.ई उपुस्थिस्र्थी नाहd । न्यायामां(तिL श्री स!जाया क मांर जायासवेल !! तिनाणLया पु ठ पुर पुरिर !! 16/09/2026 1. मां.टेर याना अलिधतिनायामां, 1988 कZ धर 173 क अ!गL प्रस् इस अपु ल मां/ प्रर्थीमां अपुर मां.टेर दोघोLटेना दोवे अलिधकरण, कटेघो.र, लिजाल-क.र (छत्ती सगढ़) द्वार दोवे प्रकरण क्रमां!क 05/2024, “मांनामां.हना वेगjरह तिवेरुद्ध दोवेलल धनावेर वेगjरह” मां/ पुरिर अलिधतिनाणLया तिदोना!क 18/07/2025 क. चनाT दो गई हj । उक्ता अलिधतिनाणLया द्वार दोवेकLगण क पुक्ष मां/ ₹12,20,000/- कZ प्रतिकर रतिशॉ, 7% वेतिषीLक ब्याजा सतिह, अलिधतिनाणE कZ गई हj र्थी उक्ता प्रतिकर रतिशॉ क भगना ह मां क! पुना क. उत्तीरदोया ठहरया गया हj । उक्ता अलिधतिनाणLया क. आग स!क्षपु मां/ “प्रश्नाध ना अलिधतिनाणLया” स स!.लिध तिकया जा रह हj । 2. प्रकरण क थ्या, स!क्षपु मां/, इस प्रकर ह9 तिक तिदोना!क 16.10.2023 क. अमांना क मांर (आया 13 वेषीL) मां.टेरसइतिकल स जा रह र्थी । उस समांया प्रत्यार्थीE क्रमां!क-5 दोवेलल धनावेर द्वार हइवे टे@क क्रमां!क स .जा .-12-स .-3365 (लिजास आग स!क्षपु मां/ “दो.षी वेहना” स स!.लिध तिकया जा रह हj) क. जा गति एवे! लपुरवेह पु(वेLक चलया गया लिजासकZ ठ.कर लगना क 2लस्वेरूपु अमांना क मांर क. ग!भ र च.टे/ आई! और उसकZ मांRत्या ह. गई । उक्ता घोटेना क स!!ध मां/ र्थीना-!ग. मां/ अपुरध क्रमां!क 170/2023 पु!जा द्ध तिकया गया र्थी तिवेवेचना उपुर! अतिभया.गपुत्रा प्रस् तिकया गया । 3 / 7 {MA(C) No. 302 of 2026} 3. मांRक अमांना क मांर कZ दोघोLटेना मां/ मांRत्या क 2लस्वेरूपु उसक मां-तिपु, भई एवे! दोदो द्वार मां.टेर याना अलिधतिनायामां कZ धर 166 क अ!गL प्रतिकर ह दोवे आवेदोना प्रस् तिकया गया । उक्ता दोवे आवेदोना पुर जा!च उपुर! अलिधकरण द्वार दोवेकLगण क पुक्ष मां/ “प्रश्नाध ना अलिधतिनाणLया” पुरिर तिकया गया र्थी “दो.षी वेहना“ क. अपु लर्थीE- मां क! पुना स तिमां पुए जाना क आधर पुर अपु लर्थीE- मां क! पुना क. प्रतिकर रतिशॉ क भगना ह उत्तीरदोया ठहरया गया । लिजास इस अपु ल मां/ चनाT दो गई हj । 4. अपु लर्थीE- मां क! पुना क तिवेद्वाना अलिधवेक्ता क कL हj तिक “दो.षी वेहना“ क. दोघोLटेना मां/ झू(ठ रूपु स स!लिलप्त तिकया गया हj, जातिक उक्ता वेहना स क.ई दोघोLटेना घोतिटे नाहd हuई र्थी । दोघोLटेना तिदोना!क 16/10/2023 कZ हj, जातिक प्रर्थीमां स(चना पुत्रा तिदोना!क 17/10/2023 क. अज्ञा वेहना क तिवेरुद्ध दोजाL कZ गई र्थी । आपुरलिधक प्रकरण मां/ मांगL स(चना, शॉवे पुर क्षण प्रतिवेदोना सतिह अन्या दोस्वेजा[ मां/ भ दोघोLटेना अज्ञा वेहना स ह.ना अ!तिक हj । इसक लगभग 50 तिदोवेस पुश्च तिदोना!क 06/12/2023 क. तिमां वेहना क. जाब् कर उस दोघोLटेना मां/ स!लिलप्त या गया हj । याह भ कL तिदोया हj तिक लिजाना व्यातिक्ताया[ क. घोटेना क प्रत्याक्षदोशॉE अर्थीवे मांTक क सक्ष या गया हj, उनाक पुर क्षण नाहd करया गया हj । क वेल क! प्रसदो लिस!ह (चश्मांदो दो सक्ष ) क पुर क्षण करया गया हj, जातिक पुलिलस द्वार उसक क.ई कर्थीना लखद्ध नाहd तिकया गया र्थी । अx उपुलब्ध सक्ष्या एवे! अतिभलख स “दो.षी वेहना“ कZ दोघोLटेना मां/ स!लिलप्त प्रमांतिण नाहd ह. हj । अपु लर्थीE- मां क! पुना क. प्रतिकर रतिशॉ क भगना ह उत्तीरदोया ठहरया जाना त्रातिटेपु(णL हj । अx अपु ल स्वे कर कर अपु लर्थीE- मां क! पुना क. उक्ता दोतियात्वे स उन्मां.तिच तिकया जाया । 5. इसक तिवेपुर , दोवेकL/प्रत्यार्थीE क्रमां!क-1 स 4 क तिवेद्वाना अलिधवेक्ता ना अपु ल क तिवेर.ध कर हuए कL प्रस् तिकया तिक अलिधकरण द्वार अतिभलख पुर उपुलब्ध मांTलिखक एवे! 4 / 7 {MA(C) No. 302 of 2026} दोस्वेजा सक्ष्या क समांतिच मां(ल्या!कना कर तिवेलिधसम्मां तिनाष्कषीL अतिभलिललिख तिकया गया हj । अपु लर्थीE मां क! पुना क कL स्वे कर या.ग्या नाहd हj । अx अपु ल खरिरजा तिकया जाए । 6. उपुस्थिस्र्थी पुक्ष क कL श्रीवेण तिकए गए र्थी अतिभलख क स(क्ष्मांपु(वेLक पुरिरशॉ लना तिकया गया । 7. दोवेकL पुक्ष कZ ओर स मांRक क तिपु मांनामां.हना (जा. घोटेना क प्रत्याक्षदोशॉE नाहd ह9) द्वार पुर क्षण मां/ अतिभया.गपुत्रा क दोस्वेजा[ कZ प्रमांतिण प्रतिलिलतिपुया! प्रस् कZ गई ह9 । अ!तिमां प्रतिवेदोना प्रदोशॉL पु -1 स याह पुरिरलतिक्ष ह. हj तिक तिवेवेचना उपुर! पुलिलस द्वार “दो.षी वेहना“ क. दोघोLटेना मां/ स!लिलप्त पुया गया र्थी उसक चलक दोवेलल धनावेर क तिवेरुद्ध अतिभया.गपुत्रा प्रस् तिकया गया हj । 8. दोवेकL पुक्ष कZ ओर स घोटेना क प्रत्याक्षदोशॉE सक्ष क रूपु मां/ क! प्रसदो लिस!ह क पुर क्षण करया गया हj । उक्ता सक्ष ना दोवेकL पुक्ष क कर्थीना कZ पुति} कर हuए या हj तिक “दो.षी वेहना“ क चलक द्वार वेहना क. जा गति एवे! लपुरवेह पु(वेLक चलए जाना क करण दोघोLटेना घोतिटे हuई, लिजासक 2लस्वेरूपु अमांना क मांर कZ घोटेनास्र्थील पुर ह मांRत्या ह. गई र्थी । याद्यतिपु प्रतिपुर क्षण मां/ उक्ता सक्ष ना स्वे कर तिकया हj तिक उसना पुलिलस क समांक्ष अपुना याना नाहd तिदोया र्थी, र्थीतिपु उसना स्वेx कह हj तिक उसना दोघोLटेना क. प्रत्याक्ष रूपु स दोख र्थी र्थी घोटेना क पुश्च 112 एवे! 108 ना!र पुर 2.ना कर पुलिलस एवे! ए!ल/स क. लया र्थी और मांRक क पुरिरजाना[ क. भ घोटेना कZ स(चना दो र्थी । उक्ता कर्थीना क प्रतिपुर क्षण क दोTरना खण्डना नाहd तिकया जा सक हj । 9. अपु लर्थीE- मां क! पुना कZ ओर स सहयाक प्र!धक रमांशॉरण लिस!ह जाग (अनावेदोक सक्ष क्रमां!क-2) क पुर क्षण करया गया हj, लिजासना अपु लर्थीE- मां क! पुना क कL क अनारूपु 5 / 7 {MA(C) No. 302 of 2026} कर्थीना तिकया हj तिक प्रर्थीमां स(चना पुत्रा मां/ अज्ञा वेहना क उल्लेख हj र्थी अपु लर्थीE कZ ओर स प्रकरण मां/ अन्वेषीक तिनायाक्ता तिकया गया र्थी, लिजासक प्रतिवेदोना मां/ भ "दो.षी वेहना" कZ दोघोLटेना मां/ स!लिलप्त नाहd पुई गई हj । अन्वेषीक क रूपु मां/ प्रर्थीLना खण्डलवेल (अनावेदोक सक्ष क्रमां!क-1) क पुर क्षण करया गया हj । उक्ता सक्ष ना प्रदोशॉL पु -2 प्रर्थीमां स(चना पुत्रा, प्रदोशॉL पु -3 शॉवे पुर क्षण आवेदोना र्थी प्रदोशॉL पु -4 जाब् आतिदो दोस्वेजा[ क उल्लेख कर हuए कर्थीना तिकया हj तिक "दो.षी वेहना" कZ जाब् तिकए जाना क पु(वेL क पुलिलस कZ तिवेवेचना मां/ ऐस क.ई दोस्वेजा उपुलब्ध नाहd हj, लिजासस उक्ता वेहना कZ दोघोLटेना मां/ स!लिलप्त प्रदोतिशॉL ह. ह. । उसना अपुना ओर स "दो.षी वेहना" क या!तित्राक पुर क्षण प्रतिवेदोना प्रदोशॉL ड -1, मां.टेरसइतिकल क या!तित्राक पुर क्षण प्रतिवेदोना प्रदोशॉL ड -3 र्थी सक्ष प्र मां क मांर पुटेल, आशॉ षी क मांर, रमांलल धनावेर एवे! तिवेजाया क मांर धनावेर क पुलिलस कर्थीना[ क. क्रमांशॉx प्रदोशॉL ड -4 स ड -7 क रूपु मां/ प्रस् कर उल्लेख तिकया हj उसमां/ "दो.षी वेहना" क क्रमां!क नाहd या गया हj । प्रतिपुर क्षण मां/ प्रर्थीLना खण्डलवेल ना याह स्वे कर तिकया हj तिक उसक द्वार प्रस् समांस् दोस्वेजा पुलिलस द्वार jयार तिकए गए दोस्वेजा ह9 र्थी उस इस कZ जानाकर नाहd हj तिक पुलिलस द्वार "दो.षी वेहना" क चलक क तिवेरुद्ध तिकस आधर पुर अतिभया.गपुत्रा प्रस् तिकया गया हj । 10. मांनाना या उच्चमां न्यायालया द्वार न्यायादृ}! Mangla Ram v. Oriental Insurance Co. Ltd., (2018) 5 SCC 656 मां/ प्रतिपुतिदो तिकया हj तिक पुलिलस अतिभलख, तिवेशॉषीकर प्रर्थीमां स(चना पुत्रा एवे! अतिभया.गपुत्रा, दोघोLटेना र्थी उसमां/ चलक कZ स!लिलप्त क स!!ध मां/ प्रर्थीमांदृ}या सक्ष्या क आधर ना सक ह9 । ऐस अतिभलख प्रस् तिकए जाना पुर उनाक प्रभवे क. तिनाष्प्रभवे करना क दोतियात्वे उस पुक्ष पुर आ जा हj जा. वेहना कZ स!लिलप्त अर्थीवे चलक कZ लपुरवेह स इ!कर कर हj । 6 / 7 {MA(C) No. 302 of 2026} 11. मांनाना या उच्चमां न्यायालया द्वार न्यायादृ}! Geeta Dubey v. United India Insurance Co. Ltd., 2024 SCC OnLine SC 3779 मां/ प्रतिपुतिदो तिकया हj तिक मां.टेर दोघोLटेना दोवे प्रकरण मां/, आपुरलिधक मांमांल[ मां/ लग( “यातिक्तायाक्ता स!दोह स पुर” प्रमांण क कठ.र मांनादो!ड क. लग( नाहd तिकया जा सक, स्थिल्क दोवे क पुर क्षण “स!भवेनाओ! कZ प्रल” क आधर पुर तिकया जाना चतिहए । 12. मांनाना या उच्चमां न्यायालया द्वार न्यायादृ}! Meera Bai & Ors. v. ICICI Lombard General Insurance Company Ltd. & Anr., 2025 SCC OnLine SC 992 मां/ याह प्रतिपुतिदो तिकया हj तिक क वेल प्रत्याक्षदोशॉE सक्ष क अभवे, मां.टेर दोघोLटेना प्रतिकर क दोवे क. तिनारस् करना क एकमांत्रा आधर नाहd नाया जा सक, यातिदो दोघोLटेना एवे! लपुरवेह क यातिक्तास!ग तिनाष्कषीL प्रर्थीमां स(चना पुत्रा, अतिभया.गपुत्रा एवे! अन्या आलिधकरिरक अतिभलख[ स तिनाकल जा सक ह. । 13. उपुर.क्ता न्यायादृ}![ क प्रकशॉ मां/ तिवेचर करना पुर याह स्पु} हj तिक मांTक क सक्ष क रूपु मां/ पुर तिक्ष क! प्रसदो लिस!ह भल ह पुलिलस क अ!तिमां प्रतिवेदोना मां/ स(च द्ध सक्ष नाहd हj, तिक! न्यायालया ना कर्थीना मां/ वेह अखस्थिण्ड रह हj । याह भ उल्लेखना या हj तिक मां क! पुना कZ ओर स पुर तिक्ष सक्ष मांTक क सक्ष नाहd ह9 र्थी उनाक सक्ष्या क तिवेशॉषी मांहत्वे इसलिलए भ नाहd हj तिक वे ना . घोटेना क प्रत्याक्षदोशॉE ह9 और ना ह तिवेवेचना क स!!ध मां/ तिकस प्रत्याक्ष ज्ञाना क आधर पुर कर्थीना कर रह ह9 । उनाक द्वार पुलिलस अतिभलख[ क आधर पुर तिकया गया कर्थीना मां(ल सक्ष्या नाहd मांना जा सक । इसक तिवेपुर , न्यायालया क समांक्ष मांTक क सक्ष क रूपु मां/ पुर तिक्ष क! प्रसदो लिस!ह मां(ल सक्ष हj र्थी उसक कर्थीना[ क समांर्थीLना पुलिलस द्वार प्रस् अतिभया.गपुत्रा स भ ह. हj, लिजासक प्रभवे खण्डना नाहd ह. सक हj । 7 / 7 {MA(C) No. 302 of 2026} 14. ऐस दोशॉ मां/ सक्ष क! प्रसदो लिस!ह क कर्थीना जा. पुलिलस क अतिभया.गपुत्रा द्वार समांलिर्थीL हj र्थी न्यायादृ}![ मां/ प्रतिपुतिदो लिसद्ध! क. दृति}ग रख हuए, याह न्यायालया पु हj तिक अपु लर्थीE- मां क! पुना क कL स्वे कर तिकए जाना या.ग्या नाहd हj । अलिधकरण द्वार पुरिर “प्रश्नाध ना अलिधतिनाणLया” अतिभलख पुर उपुलब्ध मांTलिखक एवे! दोस्वेजा सक्ष्या क अनारूपु ह.ना स उसमां/ तिकस हस्क्षपु कZ आवेश्याक नाहd पुया जा । 2लस्वेरूपु, अपु ल स्वे कर या.ग्या नाहd ह.ना स खरिरजा कZ जा हj । 15. तिनाणLया कZ प्रति क सर्थी अलिधकरण क अतिभलख शॉ घ्रपु(वेLक आवेश्याक कयाLवेह ह स(चनार्थीL वे पुलनार्थीL वेपुस प्रतिषी ह. । सह /- (स!जाया क मांर जायासवेल) न्यायाध शॉ पो मन