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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 29822 (CHH)
RAJKUMAR SAHU v. STATE OF CHHATTISGARH
CRA/1768/2026 · 2026-07-28
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 29822 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (Cr. A. No.-1768 of 2026)
CGHC010269502026
2026:CGHC:32695 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक अपु ल
क्रमां"क
-1768
/2026
रजक मांर सहू- तिपु-रथरमां, उम्र-लगभग 24 वेर्ष3, ति4वेस -करहू , पुलिलस थ4-तिर3, लिजल-ज"जग र चम्पु, छत्ती सगढ़ (प्रश्4धी 4 आदाश मां< 'लिजल' त्रुति?पु@र्ण3 उल्लेलिC) -----अपु लथE/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार लिजल दालिधीकर , लिजल-ज"जग र चम्पु, छत्ती सगढ़, पुलिलस थ4-तिर3, लिजल-ज"जग र चम्पु, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लथE/अतिभयाक्त द्वार : श्री अतिवे4श च"दा सहू-, श्री कतिशश सल@ज एवे" सश्री तिप्रया शमां3, अलिधीवेक्तगर्ण । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री रOतिहूस्वे लिस"हू, उपु शसकQया अलिधीवेक्त । न्यायामां@ति3 श्री स"जया क मांर जयासवेल !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 29/07/2026 1 धीर 14(क)( ) ii अ4स@तिच जति एवे" अ4स@तिच ज4जति (अत्याचर ति4वेरर्ण) अलिधीति4यामां, 1989 (लिजस आग स"क्षेपु मां< "तिवेशर्ष अलिधीति4यामां" कहू गया हूY) क अ"ग3 प्रस् इस अपु ल मां<, तिवेचरर्ण न्यायालया-तिवेशर्ष न्यायाधी श (तिवेशर्ष अलिधीति4यामां), POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.07.29 17:45:22 +0530
2 / 5 (Cr. A. No.-1768 of 2026) ज"जग र, लिजल-ज"जग र चम्पु, छत्ती सगढ़ द्वार पुलिलस थ4-तिर3, लिजल-ज"जग र चम्पु, छत्ती सगढ़ क अपुरधी क्रमां"क-111/2025 अ"ग3 धीर 103(2), 61(2)( ), a
238 भर या न्याया स"तिहू, 2023 थ तिवेशर्ष अलिधीति4यामां कQ धीर 3(2)(vक) क मांमांल मां< ति4यातिमां जमां4 दा4 क ति4वेदा4 तिकया गया हूY । उसक ति4यातिमां जमां4 आवेदा4 कO तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार तिदा4"क-20/01/2026 कO ति4रस् कर तिदाया गया । लिजस आदाश कO इस अपु ल मां< च4] दा गई हूY । 2 अतिभयाOज4 मांमांल, स"क्षेपु मां<, इस प्रकर हूY तिक अपु लथE/मांख्या अतिभयाक्त रजक मांर सहू- कQ पुत्4 जया सहू- ग्रामां कQ सरपु"च रहू । मांaक मांहून्द्र घेल उक्त ग्रामां क उपुसरपु"च रहू, जO प्रईमां ? .वे . न्या@ज मां< भ कया3 कर थ । 3 अतिभयाOज4 क अ4सर, अपु लथE/मांख्या अतिभयाक्त रजक मांर सहू- अपु4 पुत्4 , जO ग्रामां कQ सरपु"च थ , क पुदा क दारुपुयाOग कर थ, लिजसक मांaक मांहून्द्र घेल द्वार उपुसरपु"च हूO4 क 4 तिवेरOधी तिकया ज थ । उक्त करर्ण स उभयापुक्षे क मांध्या र"लिजश कQ ण्डिस्थति तिवेद्यमां4 थ । घे?4 तिदा4"क 06/09/2025 कO, ज सक्षे अतिमां ? 4 एवे" मां4मांOहू4 घेल, मांaक मांहून्द्र घेल क सथ थ, उस समांया अपु लथE/मांख्या अतिभयाक्त रजक मांर सहू- द्वार अतिमां ?
4 क मांOइल पुर फोO4 कर मांहून्द्र घेल कO उसक घेर अक ल भज4 क लिलए कहू गया । इसक पुश्च मांहून्द्र घेल अक ल अपु लथE/मांख्या अतिभयाक्त रजक मांर सहू- क घेर गया, तिक" वेपुस 4हूh आया, पुश्च मां< उसक शवे प्रप्त हूjआ । त्पुश्च मांaक क भई लिजन्द्र घेल कQ स@च4 पुर, अपु लथE/मांख्या अतिभयाक्त रजक मांर सहू- द्वार गस्स मां< आकर घे?4क्रमां कQ ज4कर दा4 पुर, तिदा4"क 08/09/2025 कO 08 व्यातिक्तयाl क तिवेरुद्ध प्रथमां स@च4 पुत्रु दाज3 तिकया गया थ तिवेवेच4 उपुर" अतिभयाOगपुत्रु प्रस् तिकया ज चक हूY ।
3 / 5 (Cr. A. No.-1768 of 2026) 4 इस अपु ल क स""धी मां< पु तिn/तिशकयाक3 द्वार आज तिदा4"क 29/07/2026 कO स""लिधी लिजल तिवेलिधीक सवे प्रलिधीकरर्ण स आभस रूपु स उपुण्डिस्थ हूOकर अपु लथE/ अतिभयाक्त कO जमां4 तिदाए ज4 पुर आपुलित्ती हूO4 कQ अतिभव्यातिक्त कQ गई । 5 अपु लथE/अतिभयाक्त क तिवेद्वा4 अलिधीवेक्त 4 क3 प्रस् तिकया तिक प्रकरर्ण मां< क ल 09 आरOतिपुयाl मां< स 07 वेयास्क अतिभयाक्त हूo, जतिक 02 अपुचर लक हूo । लिज4मां< स 02 अपुचर लक थ शर्ष मां< सहू-अतिभयाक्त रजन्द्र क मांर सहू-, दागpश आतिदात्या वे शYलश कश्यापु उफो3 रज@ क जमां4 आवेदा4 स्वे कर तिकया ज चक हूY । अपु लथE/अतिभयाक्त क तिवेरुद्ध कOई प्रत्याक्षे सक्ष्या उपुलब्धी 4हूh हूY । अपु लथE/अतिभयाक्त स अल्?O कर एवे" उसकQ तिक्कQ क ?u भ जप्त या गया हूY । अपु लथE/अतिभयाक्त तिदा4"क 09/09/ 2025 स ति4र"र अतिभरक्षे मां< हूY । अतिभयाOज4 द्वार प्रस् 34 सतिक्षेयाl मां< स अ क क वेल 06 सतिक्षेयाl क हू पुर क्षेर्ण तिकया गया हूY । तिवेचरर्ण मां< समांया लग4 स"भतिवे हूY । अतिभलC स याहू भ पुरिरलतिक्षे हूO हूY तिक अ"तिमां र सथ दाC ज4 क सक्षे अतिमां ?
4 पुक्षेद्रOहू हूO गया हूY थ सक्षे मां4मांOहू4 घेल भ अपु4 कथ4 पुर ण्डिस्थर 4हूh रहू हूY । अv तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्4धी 4 आदाश" तिवेलिधीसम्मां 4हूh हूY, इसलिलए उक्त आदाश कO अपुस् कर हूjए प्रस् अपु ल स्वे कर कQ जए थ अपु लथE/अतिभयाक्त कO जमां4 पुर रिरहू तिकया जए । 6 उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वा4 अलिधीवेक्त 4 प्रस् अपु ल क तिवेरOधी कर हूjए क3 तिदाया तिक अपु लथE मांख्या अतिभयाक्त हूY । सहू-अतिभयाक्त लिजन्द्र कश्यापु, कन्हू यादावे एवे" भस्कर मां"झी कO अ क जमां4 क लभ प्रप्त 4हूh हूjआ हूY, उ4क सथ तिमांलकर अपु लथE द्वार मांaक कQ हूत्या तिकए ज4 क आरOपु हूY । अ"तिमां र सथ दाC ज4 कQ पुतिx सक्षे
मां4मांOहू4 घेल 4 अपु4 न्यायालया 4 या4 मां< कQ हूY । अपु लथE/अतिभयाक्त स अल्?O कर
4 / 5 (Cr.
A. No.-1768 of 2026) एवे" उसकQ तिक्कQ क ?u भ जप्त तिकया गया हूY । इस प्रकर, अपु लथE/अतिभयाक्त क तिवेरुद्ध पुया3प्त सक्ष्या उपुलब्धी हूo । अv इस ग"भ र अपुरधी मां< अपु लथE कQ भ@तिमांक उसकQ स"लिलप्त एवे" सहूभतिग कO स्पुx रूपु स दाश3 हूY, लिजसक करर्ण उस जमां4 क लभ प्रदा4 तिकया ज4 उतिच 4हूh हूY । इसलिलए जमां4 आवेदा4 स""धी प्रस् अपु ल ति4रस् तिकया जए । 7 उभयापुक्षे क क3 श्रीवेर्ण तिकया थ अतिभलC एवे" क स यार क पुरिरश ल4 तिकया गया । 8 अतिभलC पुर उपुलब्धी समांस् थ्या एवे" सक्ष्या क पुरिरश ल4 कर4 पुर याहू पुरिरलतिक्षे हूO हूY तिक अतिभयाOज4 क अ4सर प्रस् हूत्या क र्षड्यं"त्रु स""धी प्रकरर्ण मां< अपु लथE कO मांख्या अतिभयाक्त या गया हूY । याहू भ आरOपु हूY तिक अपु लथE ग्रामां क सरपु"च क पुति हूY थ अतिभयाOज4 द्वार उसक तिवेरुद्ध अपुरधी क उद्देश्या भ प्रदातिश3 तिकया गया हूY । उपुलब्धी समांस् सक्ष्या पुर तिवेचर कर4 पुर याहू न्यायालया पु हूY तिक अपु लथE/अतिभयाक्त क मांमांल जमां4 पुर रिरहू अन्या सहू-अतिभयाक्तगर्ण स तिभन्न प्रकa ति क हूY । अv अपु लथE/ अतिभयाक्त ति4यातिमां जमां4 क लभ प्रप्त कर4 क अलिधीकर प्र 4हूh हूO । तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्4धी 4 आदाश" मां< कOई अवेYधी अथवे अशद्घ पुरिरलतिक्षे 4हूh हूO हूY । इसलिलए उसमां< हूस्क्षेपु तिकए ज4 कQ आवेश्याक 4हूh पुई ज । अv अपु ल Cरिरज कQ ज हूY । 9 इस मांमांल मां< अपु लथE/अतिभयाक्त कQ तिगरफ्र तिदा4"क-09/09/2025 कQ या गई हूY । तिवेचरर्ण ल"ति हूY, लिजसमां< क ल 34 सतिक्षेयाl मां< स अ क क वेल 06 सतिक्षेयाl क हू
पुर क्षेर्ण तिकया गया हूY । अपु लथE कर 10 मांहू स ति4रूद्घ हूo । प्रकरर्ण कQ प्रकa ति एवे" अतिभरक्षे कQ अवेलिधी कO दृतिxग रC हूjए मांमांल मां< श घ्र तिवेचरर्ण कQ आवेश्याक हूY ।
5 / 5 (Cr. A. No.-1768 of 2026) 10 अv उपुरOक्त पुरिरण्डिस्थतियाl कO दृतिxग रC हूjए तिवेचरर्ण न्यायालया कO ति4दाpतिश तिकया ज हूY तिक वेहू स"पु@र्ण3 प्रयासl क सथ तिवेचरर्ण कQ कया3वेहू मां< गति ल हूjए मांमांल क श घ्र अतिश घ्र ति4रकरर्ण कर4 सति4ण्डिश्च कर< । 11 रलिजस्?u कO ति4दाpतिश तिकया ज हूY तिक इस आदाश कQ प्रति याथश घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया कO स@च4थ3 प्रतिर्ष तिकया जए । सहू /- (स"जया क मांर जयासवेल) न्यायाधी श पोमन