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High Court of Chhattisgarh · body

2026 DAILYLAW 2796 (CHH)

NARESH KENWAT v. STATE OF CHHATTISGARH

CRMP/213/2026 · 2026-02-08

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 4 (Cr. M. P. No.-213 of 2026) 2026:CGHC:7213 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क्रमां%क -213 /2026 1. नरश क/ वेट तिपु-1धरमां क/ वेट, उम्र-लगभग 67 वेर्ष", तिनवेस -मांकन स%ख्या-630, तिवेवेकन%दा नगर, मां1पुक, पुलिलस थान-सरक, लि:ल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ -----यातिचकक"/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ 1. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थान प्रभर , पुलिलस थान-सरक, लि:ल-तिलसपुर, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार : श्री गBमां खेत्रपुल, अलिधवेक्त । उत्तीरवेदा /रज्या : श्री अफ़र1: खेन, पुGनल अलिधवेक्त । मांनन या न्यायामांHति" श्री स%:या क मांर :यासवेल , न्यायाध श !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 09/02/2026 1. उभयापुक्ष क सहमांति स अ%तिमां क" सन गए । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.02.10 10:29:46 +0530 2 / 4 (Cr. M. P. No.-213 of 2026) 2. भर या नगरिरक सरक्ष स%तिह, 2023 क धर 528 क ह प्रस् इस यातिचक मां/, तिवेचरर्ण न्यायालया-अष्टमां अपुर सत्र न्यायाध श, तिलसपुर, छत्ती सगढ़ द्वार सत्र प्रकरर्ण क्रमां%क-161/2016 "छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरूद्घ तिवे:या वेगGरह" मां/ पुरिर आदाश तिदान%क- 09/12/2025 क1 चनB दा गई हG । लि:सक ह अतिभयाक्त पुक्ष द्वार मांमांल क तिवेवेचक आर०पु ० तिवेर (अ.स.-21) क1 प्रतिपुर क्षर्ण ह पुन\ आह] तिकया :न क अनमांति  प्रस् धर-311 दा प्रतिक्रया स%तिह/348 भर या नगरिरक सरक्ष स%तिह क आवेदान तिनरस् कर तिदाया गया, लि:स आग स%क्षपु मां/ "प्रश्नध न आदाश" स स%1लिध तिकया : रह हG । 3. अतिभयाक्तगर्ण क तिवेरुद्ध धर 323, 506, 498-क था 304-खे भर या दा स%तिह क अ%ग" आर1पु पुर तिवेचरर्ण प्रचलिल रह । लि:स दाBरन तिचतिकत्सक रन क सर (अ.स.-25) क सक्ष्या लखेद्घ क गई लि:सक द्वार आह तित्रवेर्ण क/ वेट क मांdत्याकल न कथान सक्ष्या क रूपु मां/ लखेद्ध तिकया गया था । :तिक इसक पुHवे" ह तिवेवेचक आर.पु . तिवेर (अ.स.-21) क सक्ष्या तिदान%क 25/04/2023 क1 न्यायालया मां/ लखेद्ध तिकया : चक था । 4. यातिचकक"/अतिभयाक्त क तिवेद्वान अलिधवेक्त क क" हG तिक अतिभया1:न अनसर प्रर%भ मां/ तिचतिकत्सकe द्वार याह अतिभमां तिदाया गया था तिक आह यान दान क ण्डिस्थाति मां/ नहf हG, तिक%  त्पुश्च याह अतिभमां तिदाया गया तिक वेह यान दान या1ग्या हG । इस क्रमां मां/ तिचतिकत्सक रन क सर (अ.स.-25) द्वार आह तित्रवेर्ण क/ वेट क मांdत्याकल न कथान तिदान%क 09/02/2016 क1 लखेद्ध तिकया गया । चH%तिक तिवेवेचक आर.पु . तिवेर (अ.स.-21) क सक्ष्या पुHवे" मां/ ह लखेद्ध ह1 चक हG । ऐस ण्डिस्थाति मां/, आह तित्रवेर्ण 3 / 4 (Cr. M. P. No.-213 of 2026) क/ वेट मांdत्याकल न कथान दान या1ग्या था अथावे नहf—इस स%%ध मां/ उत्पुन्न तिवेर1धभस, था इस तिवेर्षया मां/ पुलिलस द्वार तिकए गए पुत्रचर एवे% तिचतिकत्सकe द्वार तिदाए गए पुरस्पुर तिभन्न-तिभन्न अतिभमां क स%दाभ" मां/ तिवेवेचक आर.पु . तिवेर (अ.स.-21) स क छ आवेश्याक प्रश्न तिकया :न आवेश्याक हG । अ\ यातिचक स्वे कर तिकया :कर प्रश्नध न आदाश तिनरस् तिकया :ए था तिवेवेचक आर.पु . तिवेर क1 पुन\ प्रतिपुर क्षर्ण ह आहk करन क अनमांति प्रदान क :ए । 5. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वान क क" हG तिक तिवेवेचक आर.पु . तिवेर क सक्ष्या पुHवे" मां/ पुHर्ण" ह1 चक हG और अतिभयाक्त क1 प्रतिपुर क्षर्ण क अवेसर तिदाया : चक हG । क वेल तिचतिकत्सक रन क सर क सक्ष्या दा मां/ दा:" ह1न क करर्ण पुन\ प्रतिपुर क्षर्ण क आवेश्याक नहf हG । प्रश्नध न आदाश न्याया1तिच हG । अ\ यातिचक तिनरस् तिकया :ए । 6. अतिभलखे क पुरिरश लन स याह स्पुष्ट ह1 हG तिक प्रधन आरक्षक तिशवेनरयार्ण (अ.स.-16) न अपुन कथान मां/ याह स्वे कर तिकया हG तिक तिदान%क 08/02/2016 क1 तिचतिकत्सक द्वार याह अतिभमां व्याक्त तिकया गया था तिक आह यान दान या1ग्या नहf हG । उसन याह भ कह हG तिक वेह तिदान%क 06/02/2016 स 08/02/2016 क छत्ती सगढ़ आयातिवे"ज्ञान स%स्थान (लिसम्स) अस्पुल, तिलसपुर : रह । उक्त अवेसरe पुर तिचतिकत्सक द्वार आह क1 यान दान या1ग्या न ह1न क अतिभमां तिदाया गया । थातिपु, पुश्च मां/ आह क1 यान दान या1ग्या पुया :कर उसक मांdत्याकल न कथान दा:" तिकया गया । 7. ऐस दाश मां/, तिवेवेचक आर.पु . तिवेर (अ.स.-21), लि:सक सक्ष्या पुHवे" मां/ ह पुHर्ण" ह1 चक हG, स प्रतिपुर क्षर्ण क दाBरन क छ आवेश्याक प्रश्न पुHछ :न क अनमांति प्रदान तिकया 4 / 4 (Cr. M. P. No.-213 of 2026) :न न्याया1तिच ह1ग, क्याeतिक तिचतिकत्सक रन क सर (अ.स.-25) क सक्ष्या तिवेवेचक क सक्ष्या क पुश्चq न्यायालया मां/ लखेद्घ तिकया गया हG । 8. अ\ याह यातिचक स्वे कर क : हG । प्रश्नध न आदाश, :ह% क तिवेवेचक आर.पु . तिवेर स स%%लिध हG, अपुस् तिकया : हG । तिवेचरर्ण न्यायालया क1 तिनदाrतिश तिकया : हG तिक तिवेवेचक आर.पु . तिवेर क1 आहk कर चवे पुक्ष क1 पुन\ प्रतिपुर क्षर्ण क एक अवेसर प्रदान कर । 9. रलि:स्टs क1 तिनदाrतिश तिकया : हG तिक इस आदाश क प्रति याथाश घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया क1 सHचनथा" वे पुलनथा" प्रतिर्ष क :ए । 10. उपुर1क्तनसर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क तिनरकरर्ण तिकया : हG । सह /- (स%:या क मांर :यासवेल) न्यायाध श पु1मांन