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High Court of Chhattisgarh · body

2026 DAILYLAW 2677 (CHH)

MUKESH RAM v. THE STATE OF CHHATTISGARH

CRMP/277/2026 · 2026-03-02

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 5 (Cr. M. P. No.-277 of 2026) 2026:CGHC:11091 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क्रमां%क -277 /2026  मांक श रमां तिपु-धनपुल, उम्र-लगभग 18 वेर्ष" 03 मांह, तिनवेस -ग्रामां र7ल , पुटेलपुर, पुलिलस थान-चलगल , लि;ल-लरमांपुर-रमांन;ग%;, छत्ती सगढ़ -----यातिचकक"/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ  छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार थान प्रभर , पुलिलस थान-लरमांपुर, लि;ल-लरमांपुर- रमांन;ग%;, छत्ती सगढ़ -----प्रत्याथाB/रज्या यातिचकक"/अतिभयाक्त द्वार : श्री न र; मांह, अलिधवेक्त । रज्या/प्रत्याथाB द्वार : श्री अतिमां वेमां", पुFनल अलिधवेक्त । मांनन या न्यायामांGति" श्री स%;या क मांर ;यासवेल , न्यायाध श !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 03/03/2026 1. भर या नगरिरक सरक्षा स%तिह, 2023 क धर 528 क अ%ग" प्रस् इस यातिचक मांP तिवेचरर्ण न्यायालया—अपुर सत्र न्यायाध श, एफ.टे .एस.स . (लWतिगक अपुरधX स लकX POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.03.03 17:40:51 +0530 2 / 5 (Cr. M. P. No.-277 of 2026) क स%रक्षार्ण अलिधतिनयामां, 2012 क अ%ग" गतिठ तिवेशर्ष न्यायालया, लि;स आग स%क्षापु मांP “तिवेशर्ष अलिधतिनयामां“ कह गया हF), लि;ल लरमांपुर-रमांन;ग%;, छत्ती सगढ़ द्वार सत्र प्रकरर्ण क्रमां%क 67/2024, “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरुद्ध मांक श रमां“ मांP पुरिर आदाश तिदान%क 29/10/2025 क_ चन7 दा गई हF । उक्त आदाश क मांध्यामां स अतिभयाक्त पुक्षा द्वार प्रस् आवेदान अ%ग" धर 311 दा प्रतिक्रया स%तिह / धर 348 भर या नगरिरक सरक्षा स%तिह, 2023 तिनरस् कर तिदाया गया, लि;सक द्वार पु तिb (अ.स.-1) क_ पुनc प्रतिपुर क्षार्ण ह आहd तिकए ;न क तिनवेदान तिकया गया था । उक्त आदाश क_ स%क्षापु मांP “प्रश्नध न आदाश“ स स%_लिध तिकया ; रह हF । 2. प्रकरर्ण क थ्या, स%क्षापु मांP, इस प्रकर हW तिक यातिचकक"/अतिभयाक्त क तिवेरुद्ध तिवेचरर्ण न्यायालया क समांक्षा धर 65(1), 137(2) भर या न्याया स%तिह, 2023 था धर 4(2), 6 तिवेशर्ष अलिधतिनयामां क अ%ग" तिवेचरर्ण ल%ति हF । उक्त प्रकरर्ण मांP पु तिb क न्यायालया न कथान तिदान%क 20/01/2025 क_ लखद्ध तिकया गया । तिवेचरर्ण क दा7रन तिदान%क 19/09/2025 क_ अतिभयाक्त क ओर स धर 311 दा प्रतिक्रया स%तिह / धर 348 भर या नगरिरक सरक्षा स%तिह, 2023 क अ%ग" एक आवेदान प्रस् तिकया गया, लि;समांP याह तिनवेदान तिकया गया तिक पु तिb, ;_ लगभग 14 वेर्षBया लिलक ई गई हF, क मांख्या पुर क्षार्ण, प्रतिपुर क्षार्ण था न्यायालया द्वार धर 168 भर या सक्ष्या अलिधतिनयामां, 2023 क अ%ग" तिकए गए प्रश्नX क करर्ण कथानX मांP अस्पुष्ट एवे% भ्रमां क उत्पुन्न ह_ गई हF, लि;सस अतिभयाक्त क प्रतिरक्षा पुर प्रतिकG ल प्रभवे पुbन क आश%क हF । उक्त ण्डिस्थाति क_ स्पुष्ट करन ह पु तिb क_ पुनc प्रतिपुर क्षार्ण क लिलए आहd तिकया ;न आवेश्याक या गया । उक्त आवेदान पुर उभयापुक्षा क_ सनन क उपुर% तिवेचरर्ण न्यायालया द्वार “प्रश्नध न आदाश” पुरिर कर आवेदान तिनरस् कर तिदाया गया । 3 / 5 (Cr. M. P. No.-277 of 2026) 3. इस यातिचक पुर पु तिb पुक्षा क_ सGचन प्रतिर्ष क गई । इसक अनपुलन मांP पु तिb क मां द्वार तिदान%क 24/02/2026 क_ स%%लिध लि;ल तिवेलिधक सवे प्रलिधकरर्ण स आभस मांध्यामां द्वार उपुण्डिस्था ह_कर उक्त यातिचक क स%%ध मांP क_ई आपुलित्ती नहo ह_न क अतिभव्यातिक्त क गई । 4. यातिचकक"/अतिभयाक्त क तिवेद्वान अलिधवेक्त क क" हF तिक पु तिb क मांख्या पुर क्षार्ण एवे% प्रतिपुर क्षार्ण मांP पुरिरलतिक्षा तिभन्न न्यायालया द्वार धर 168 भर या सक्ष्या अलिधतिनयामां, 2023 क अ%ग" पुGछ गए सGचक प्रश्न क करर्ण उत्पुन्न हqई हF, लि;स पुर पु तिb न क वेल “हr” मांP उत्तीर तिदाया । याह भ क" तिकया गया तिक उस समांया पुGवे" चवे अलिधवेक्त क_ पुनc प्रतिपुर क्षार्ण क अवेसर प्रदान तिकए ;न क वे;Gदा आवेश्याक प्रश्न नहo तिकए गए । उक्त पुरिरण्डिस्थातियाX क करर्ण अतिभयाक्त क तिह प्रभतिवे ह_न था न्याया क हतिन क आश%क हF । अc “प्रश्नध न आदाश” क_ अपुस् कर पु तिb क पुनc प्रतिपुर क्षार्ण ह अवेसर प्रदान तिकया ;ए । तिवेद्वान अलिधवेक्त द्वार अपुन क" क समांथा"न मांP मांनन या कलकत्ती उच्च न्यायालया द्वार पुरिर तिनर्ण"या श्री कs ष्र्ण मां_हन दास तिवेरुद्ध रज्या, आपुरलिधक पुनर क्षार्ण प्रकरर्ण क्रमां%क 62/2025, आदाश तिदान%क 05/02/2026, क हवेल तिदाया गया हF । 5. रज्या/प्रत्याथाB क तिवेद्वान अलिधवेक्त क क" हF तिक अतिभयाक्त क_ पु तिb क प्रतिपुर क्षार्ण क पुGर्ण" एवे% पुया"प्त अवेसर प्रदान तिकया ; चक हF । मांत्र अलिधवेक्त क पुरिरवे"न क आधर पुर पु तिb क_ पुनc प्रतिपुर क्षार्ण ह आहd तिकया ;न न्यायास%ग नहo हF । याह भ क" तिकया गया तिक तिवेशर्ष अलिधतिनयामां क धर 33(5) क अनसर पु तिb क_ अनवेश्याक रूपु स र-र सक्ष्या ह न्यायालया मांP उपुण्डिस्था नहo तिकया ;न चतिहए । इस स%%ध मांP 4 / 5 (Cr. M. P. No.-277 of 2026) मांनन या उच्चमां न्यायालया क प्रस%तिगक न्यायादृष्ट%X क हवेल दा हqए कह गया तिक ल पु तिb क स%रक्षार्ण एवे% मांनलिसक आघा स चवे क_ सवेxपुरिर मांहत्वे तिदाया गया हF । अc यातिचक तिनरस् क ;ए । 6. उभयापुक्षा क क" श्रीवेर्ण तिकया गया था अतिभलख क सGक्ष्मांपुGवे"क पुरिरश लन तिकया गया । 7. तिवेशर्ष अलिधतिनयामां क धर 33(5) क उद्देश्या याह सतिनण्डिश्च करन हF तिक ल पु तिb क_ अनवेश्याक रूपु स र-र न्यायालया मांP उपुण्डिस्था न ह_न पुb । थातिपु, वे"मांन प्रकरर्ण मांP याह पुरिरलतिक्षा ह_ हF तिक घाटेन स स%%लिध आवेश्याक त्वेX क स%दाभ" मांP उत्पुन्न अस्पुष्ट एवे% भ्रमां क_ स्पुष्ट करन ह तिवेचरर्ण न्यायालया न धर 168 भर या सक्ष्या अलिधतिनयामां, 2023 क अ%ग" सGचक प्रश्न तिकया था, लि;स पुर पु तिb न “हr” मांP उत्तीर तिदाया । उक्त उत्तीर क उपुर% भ त्कल न चवे अलिधवेक्त द्वार आवेश्याक स्पुष्ट करक प्रश्न नहo तिकए गए । ऐस ण्डिस्थाति मांP, थ्यात्मांक स्पुष्ट एवे% न्यायातिह क दृतिष्ट स चवे पुक्षा क_ एक अवेसर प्रदान तिकया ;न उतिच प्र  ह_ हF । 8. पुरिरर्णमांc, प्रस् यातिचक स्वे कर क ; हF । तिवेचरर्ण न्यायालया क “प्रश्नध न आदाश” अपुस् तिकया ; हF । तिवेचरर्ण न्यायालया क_ तिनदा{तिश तिकया ; हF तिक पु तिb क पुनc प्रतिपुर क्षार्ण ह एक तिलिथा तिनया क ;ए था उक्त तिलिथा पुर उसक प्रतिपुर क्षार्ण अतिनवेया" रूपु स पुGर्ण" कर उस उस तिदान उन्मांक्त तिकया ;ए । 9. याह भ तिनदा{तिश तिकया ; हF तिक पु तिb क उपुण्डिस्था ह_न पुर ₹2,000/- (रुपुया दा_ ह;र मांत्र) क गवेह-व्याया, चवे पुक्षा द्वार पु तिb पुक्षा क_ अदा तिकया ;ए । सथा ह याह सतिनण्डिश्च तिकया ;ए तिक लि;स तिदान पु तिb न्यायालया मांP उपुण्डिस्था ह_, उस तिदान 5 / 5 (Cr. M. P. No.-277 of 2026) उसक प्रतिपुर क्षार्ण पुGर्ण" कर लिलया ;ए, लि;सस उस पुनc अनवेश्याक रूपु स उपुण्डिस्था न ह_न पुb । 10. रलि;स्टे} क_ तिनदा{तिश तिकया ; हF तिक इस आदाश क प्रति याथाश घ्र तिवेचरर्ण न्यायालया क_ पुलनथा" एवे% सGचनथा" प्रतिर्ष तिकया ;ए । 11. उपुर_क्तनसर, इस दाण्डिक प्रक र्ण" यातिचक क तिनरकरर्ण तिकया ; हF । सह /- (स%;या क मांर ;यासवेल) न्यायाध श पु_मांन