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Reserved : 30/04/2026 Delivered : 07/05/2026 HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD WRIT - A No. - 6188 of 2026 Brij Lal Singh …..Petitioner(s) Versus The State of U.P. and another …..Respondent(s) Counsel for Petitioner(s) : Ritesh Mani Tripathi, Shivendu Ojha, Sr. Advocate Counsel for Respondent(s) : C.S.C., Sanjay Kumar Om Court No. - 32 HON'BLE SAURABH SHYAM SHAMSHERY, J.
1. Petitioner before this Court has retired on 31.01.2018 from the post of Assistant Engineer, U.P. Jal Nigam (Rural), Chitrakoot and has been granted all retiral benefits viz. pension, GPF, etc. 2. The petitioner after more than 2 years of his retirement was served with a charge sheet dated 22.05.2020 that while he was working as Executive Engineer under UNICEF Project Unit, UP Jal Nigam, Karvi, Chitrakoot, he was not diligent towards his duties, therefore, project was not completed within time limit and he has diverted huge amount in Bargarh
2 WRIA No. - 6188 of 2026 Gram Samuh Pey Jal Yojana and has caused financial loss to Department. Similarly, in Mau Gram Samuh Pey Jal Yojana also, he was failed to complete the project within time limit and has caused financial loss to Department. 3. The petitioner was asked to submit reply and he accordingly, submitted reply on 10.06.2020 explaining that he always remained diligent towards his duties and amount was not diverted and there was no financial loss to Department. 4. It was also brought on record that similar charge was levelled against one Devi Prasad Goswami, a retired Accountant, however, he was exonerated on basis of similar evidence. 5. Sri R.K. Ojha, learned Senior Advocate assisted by Sri Shivendu Ojha, learned counsel for petitioner has vehemently referred charges levelled against petitioner and said retired Accountant that it were same and has also referred findings arrived in inquiry report that petitioner was found guilty on both charges, however, only for carelessness in duty. No diversion or loss of money was reported.
For reference, relevant part of inquiry report, so far as petitioner and retired Accountant are concerned, is mentioned hereafter :- “For petitioner :- 1- बरगढ़ ्ቇाम समूह पेयजल पर अनुबन्ध के अन्तगत मुख्य रूप से ्ቦी िሺसह, कायवाहक अधिध०अभि!० (से०निन०) के कायकाल में स्काडा के काय नहीं हो पाये थे तथा अभि!लेखों के अनुसार उ्ሹ काय- का अनुबन्ध व्ቧ 2012 में गनि/त निकया गया। इनके कायकाल में पुराने दरों पर सम्बኌन्धत फम ने काय नहीं निकया जिजससे उ्ሹ पेयजल योजना के समस्त काय पू्ቓ नहीं हो सके । सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० के कायकाल में निव०य० खण्ड को रू० 130.00 लाख ्ቚा् हुआ जिजसमें रु० 10.00 लाख की धनराभि@ सेन्टेज के रूप में तथा रु० 93.19 लाख अनुबन्ध के अनुसार काय- पर व्यय निकया गया। इस ्ቚकार रु० 130.00 लाख के सापे्ቌ रु० 103.19 लाख का व्यय सेन्टेज एवं अनुबन्ध के 3 WRIA No. - 6188 of 2026 अन्तगत काय- पर व्यय निकया गया। रु० 26.81 लाख ( रु० 130.00 लाख - रु० 103.19 लाख ) अन्य निव!ागीय / अनुर्ቌ्ቓाधीन काय- पर व्यय निकये जाने हेतु परिरयोजना ्ቚबन्धक ( निव० / याँ० ) धिH्ቔकू ट के ्ቛारा सूधिHत तो निकया गया निकन्तु इसका कोई साቌኚय ्ቚेनि्ቧत नहीं निकया गया है। अधोहस्ता्ቌरी के अभि!मत के अनुसार बरगढ़ पेयजल योजना की उ्ሹ धनराभि@ रु० 26.81 लाख अन्य निव!ागीय / अनुर्ቌ्ቓाधीन काय- में व्यय निकये जाने हेतु ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० / स०अ० ( निव० / याँ० ) दो्ቧी ्ቚतीत होते है । सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० के ्ቛारा अपने स्प्ቖीकर्ቓ/ ्ቚत्यावेदन में यह !ी उ्ቤेख निकया गया है निक निव०/ याँ० खण्ड को रु० 7,43,72,000.00 की धनराभि@ ्ቚा् हुयी। परिरयोजना ्ቚबन्धक यूनीसेफ ्ቚोजेक्ट यूनिनट ( निव० / याँ० ) धिH्ቔकू ट ने अपने प्ቔांक 513/ डब्ल्यू -11/35 निदनांक 27.07.2020 के ्ቛारा अवगत कराया गया है निक रु० 743.72 लाख में रु० 80.00 लाख सኌम्मलिलत है तथा यह राभि@ अलग से नहीं दी गयी है। उ्ሹ के अधितरिर्ሹ निव० / याँ० खण्ड को रु० 40.00 लाख की धनराभि@ हैण्डपम्प काय- के लिलये ्ቚा् हुई थी अथात योजना हेतु निव० / याँ० काय- के लिलये रु० 743.72 लाख ्ቚा् हुआ था। बरगढ ्ቇाम समूह पेयजल योजना में निव्ቕुत संयोजन हेतु सेपरेट फीडर डालने के लिलये वांभिWत धनराभि@ निव्ቕुत निव!ाग में ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० के ्ቛारा अधिध@ा्ቧी अभि!यंता के पद पर काय!ार ्ቇह्ቓ करने के पूव ही इनके पूवाधिधकारिरयों के ्ቛारा जमा करायी जा Hुकी थी। लेनिकन वन निव!ाग से अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ
प्ቔ ्ቚा् न होने के कार्ቓ सेपरेट फीडर डालने का काय पू्ቓ नहीं हो सका। य्ቕनिप वन निव!ाग से अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ प्ቔ ्ቚा् निकये जाने का उ्ቈरदाधियत्व निव्ቕुत निव!ाग का था लेनिकन जल निनगम के अधिधकारिरयों के ्ቛारा !ी निनयनिमत रूप से फालोअप निकया जाना आवश्यक था। ्ቦी बी०एल०िሺसह के ्ቛारा अपने ्ቚत्यावेदन में उ्ቤेख निकया गया है निक उनके कायकाल तक अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ प्ቔ ्ቚा् नहीं हुआ तथा बाद में ्ቚा् हुआ। अधोहस्ता्ቌरी के मतानुसार ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृत कायवाहक अधिध०अभि!० उधिHत रूप से फालोअप न निकये जाने के लिलये कु W सीमा तक उ्ቈरदायी /हराये जा सकते है । 2- मऊ ्ቇाम समूह पेयजल योजना में निव्ቕुत संयोजन ्ቚा् निकये जाने हेतु निव०- या० खण्ड, धिH्ቔकू ट के ्ቛारा निव्ቕुत निव!ाग को धनराभि@ ्ቚा् करायी जा Hुकी है तथा निव्ቕुत ट्रांसनिम@न लाइन में आ रहे पेडो़ के व्यवधान के कार्ቓ वन निव!ाग से अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ प्ቔ समय से न निमल पाने के कार्ቓ निव्ቕुत संयोजन का काय बाधिधत रहा, जिजसके अनु्ቦव्ቓ का काय निव्ቕुत निव!ाग ्ቛारा ही निकया जाना था। स्वतं्ቔ पो्ቧक के माध्यम से निव्ቕुत संयोजन न दे पाने के कार्ቓ निव्ቕुत निव!ाग ्ቛारा अस्थाई रूप से निव्ቕुत संयोजन दे निदया गया। उपरो्ሹ व्यवधानों/ निवपरीत परिरኌस्थधितयों एवं निव्ቕुत निव!ाग से निव्ቕुत संयोजन हेतु सेपरेट फीडर डालने का काय समय से न होने हेतु फालोअप निकये जाने में िሗकधिHत भि@भिथल कायवाही के लिलये ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० आंभि@क रूप से उ्ቈरदायी ्ቚतीत होते हैं। For retired Accountant :- मऊ ्ቇाम समूह पेयजल योजना के आरोप में उ्ቤेख निकये गये सी०डब्ल्यू०आर०- कम पम्प हाउस(ए) तथा सी०डब्ल्यू०आर०- कम पम्प हाउस (बी) जोन- डी (रैपुरा/आजादपुरा), सम्प- ए कम पम्प हाउस जोन-ई(लावेद) सम्प- बी सी०डब्ल्यू० आर० कम पम्प हाउस(बी) जोन- ए, में स्थानिपत निकये गये पኌ᭚म्पग प्लान्ट्स व अन्य निव०/ याँ० उपकर्ቓ की आपूቔኌत व स्थापना का काय ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० एवं सहा० अभि!० के अधिध@ासी अभि!यंता के पद पर काय!ार ्ቇह्ቓ करने के पूव के अधिधकारिरयों के
कायकाल के है। अतः इन 4 WRIA No. - 6188 of 2026 पኌ᭚म्पग प्लान्टों एवं अन्य सम्बኌन्धत निव० / या० उपकर्ቓों की कनिमयों हेतु ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृत कायवाहक अधिध०अभि!० / सहायक अभि!यन्ता उ्ቈरदायी नहीं है ” । 6. Learned Senior Advocate has also submitted that inquiry report in regard to petitioner and retired Accountant, being absolutely different despite on similar evidence are perverse. 7. Learned Senior Advocate has also referred punishment order dated 26.02.2026 that outcome of inquiry report was simply relied upon including determination of diversion of money and financial loss was also determined without any proof that whether there was any actual financial loss or not. For reference, relevant part thereof is mentioned hereinafter :-
“
उ्ሹ आरोप के संद! में अपHारी ्ቛारा निदये गये ्ቚधितर्ቌात्मक कथन के
सापे्ቌ जांH अधिधकारी की जांH आख्या- ्ቦी बी०एल०िሺसह,
सेवानिनवृत कायवाहक अधिध०अभि!०/ सहायक अभि!यंता (निव०या०)
ने अपने प्ቔ सं०-01/ वारा्ቓसी- गोपनीय/निदनांक 10.06.2020
के ्ቛारा निदये गये स्प्ቖीकर्ቓ/
्ቚत्यावेदन में उ्ቤेख निकया
गया है निक उनके ्ቛारा कायालय अधिध०अभि!०,
यूनीसेफ ्ቚोजेक्ट यूनिनट (निव०/या०)
उ०्ቚ० जल निनगम,
धिH्ቔकू ट में निदनांक 29.07.2016 को
सहा० अभि!० (निव०/या०)
के पद पर काय!ार ्ቇह्ቓ निकया गया।
तत्प्ቐात अधी्ቌ्ቓ अभि!यंता,
निनमा्ቓ मण्डल (निव०/या०),
उ०्ቚ० जल
निनगम बाँदा के प्ቔ सं०- 2265/ई-2/22
निदनांक 02.08.2016 के
्ቛारा निदये गये निनदe@ों के अनुसार इन्हें अधिध@ासी अभि!यंता (निव०/या०)
के काय- एवं दाधियत्वों के निनवहन हेतु अधिधकृ त निकया गया। इस ्ቚकार वह
निदनांक 02.08.2016 से 31.01.2018
तक कु ल निमलाकर निव०/याँ०
खण्ड में अधिध@ा्ቧी० (निव०/याँ०)
के पद पर 16 माह 18
निदन की
अवधिध तक कायरत रहें। बरगढ ्ቇाम समूह पेयजल योजना के काय ्ቚारम्!
की धितभिथ 28.02.2011 तथा उ्ሴाधिधकारिरयों से समयवृधिg उपरांत काय पू्ቓ निकये जाने की धितभिथ 30.10.2018 थी। अधिध@ासी अभि!यन्ता, यूनीसेफ ्ቚोजेक्ट यूनिनट (निव०/याँ०) उ०्ቚ० जल निनगम, धिH्ቔकू ट के प्ቔ सं०-670/डब्ल्यू-11/44 निदनांक 16.10.2020 के ्ቛारा ्ቦी बी०एल० िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ अधिध०अभि!० (निव०/याँ०) के सम्बन्ध में ኌस्थधित निनम्नानुसार स्प्ቖ की गयी है- 1- बरगढ ्ቇाम समूह पेयजल पर अनुबन्ध के अन्तगत मुख्य रूप से ्ቦी िሺसह, कायवाहक अधिध०अभि!० (से०निन०) के कायकाल में स्काडा के काय नहीं हो पाये थे तथा अभि!लेखों के अनुसार उ्ሹ काय का अनुबन्ध व्ቧ 2012 में गनि/त निकया गया। इनके कायकाल में पुराने दरों पर सम्बኌन्धत फम ने काय नहीं निकया जिजससे उ्ሹ पेयजल योजना के समस्त काय पू्ቓ नहीं हो सकें । सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० के कायकाल में निव०/ याँ० खण्ड को रु० 130.00 लाख ्ቚा् हुआ जिजसमें रु० 10.00 लाख की धनराभि@ सेन्टेज के रूप में तथा रु० 93.19 लाख अनुबन्ध के अनुसार काय- पर व्यय निकया गया। इस ्ቚकार रु० 130.00 5 WRIA No. - 6188 of 2026 लाख के सापे्ቌ रु० 103.19 लाख का व्यय सेन्टेज एवं अनुबन्ध के अन्तगत काय- पर व्यय निकया गया। अन्य रु० 26.81 लाख (रु० 130.00 लाख- रु० 103.19 लाख) निव!ागीय/ अनुर्ቌ्ቓाधीन काय- पर व्यय निकये जाने हेतु परिरयोजना ्ቚबन्धक (निव०/याँ०) धिH्ቔकू ट के ्ቛारा सूधिHत तो निकया गया निकन्तु इसका कोई साቌኚय ्ቚेनि्ቧत नहीं निकया गया है। अधोहस्ता्ቌरी के अभि!मत के अनुसार बरगढ पेयजल योजना की उ्ሹ धनराभि@ रु० 26.81 लाख अन्य निव!ागीय/ अनुर्ቌ्ቓाधीन काय- में व्यय निकये जाने हेतु ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!०/ स०अ० (निव०/याँ०) दो्ቧी ्ቚतीत होते है। सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० के ्ቛारा अपने स्प्ቖीकर्ቓ/ ्ቚत्यावेदन में यह !ी उ्ቤेख निकया गया है निक निव०/ याँ० खण्ड को रु० 7,43,72,000.00 की धनराभि@ ्ቚा् हुयी। परिरयोजना ्ቚबन्धक यूनीसेफ ्ቚोजेक्ट यूनिनट (निव०/याँ०) धिH्ቔकू ट ने अपने प्ቔांक 513/डब्ल्यू-11/35 निदनांक 27.07.2020 के ्ቛारा अवगत कराया गया है निक रु० 743.72 लाख में रु० 80.00 लाख सኌम्मलिलत है तथा यह राभि@ अलग से नहीं दी गयी है। उ्ሹ के अधितरिर्ሹ निव०/ याँ० खण्ड को रु० 40.00 लाख की धनराभि@ हैण्डपम्प काय- के लिलये ्ቚा् हुई थी अथात योजना हेतु निव०/ याँ० काय- के लिलये रु० 743.72 लाख ्ቚा् हुआ था। बरगढ़ ्ቇाम समूह पेयजल योजना में निव्ቕुत संयोजन हेतु सेपरेट फीडर डालने के लिलये वांभिWत धनराभि@ निव्ቕुत निव!ाग में ्ቦी बी०एल० िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध@ा्ቧी अभि!यन्ता के पद पर काय!ार ्ቇह्ቓ करने के पूव ही इनके पूवाधिधकारिरयों के ्ቛारा जमा करायी जा Hुकी थी। लेनिकन वन निव!ाग से अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ
प्ቔ ्ቚा् न होने के कार्ቓ सेपरेट फीडर डालने का काय पू्ቓ नहीं हो सका। य्ቕनिप बना निव!ाग से अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ प्ቔ ्ቚा् निकये जाने का उ्ቈरदाधियत्व निव्ቕुत निव!ाग का था लेनिकन जल निनगम के अधिधकारिरयों के ्ቛारा !ी निनयनिमत रूप से फालोअप निकया जाना आवश्यक था। ्ቦी बी०एल० िሺसह के ्ቛारा अपने ्ቚत्यावेदन में उ्ቤेख निकया गया है निक उनके कायकाल तक अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ प्ቔ ्ቚा् नहीं हुआ तथा बाद में ्ቚा् हुआ। अधोहस्ता्ቌरी के मतानुसार ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० उधिHत रूप से फालोअप न निकये जाने के लिलये कु W सीमा तक उ्ቈरदायी /हराये जा सकते हैं। 2- मऊ ्ቇाम समूह पेयजल योजना में निव्ቕुत संयोजन ्ቚा् निकये जाने हेतु निव०/ याँ० खण्ड, धिH्ቔकू ट के ्ቛारा निव्ቕुत निव!ाग को धनराभि@ ्ቚा् करायी जा Hुकी है तथा निव्ቕुत ट्रांसनिम@न लाइन में आ रहे पेड़ों के व्यवधान के कार्ቓ वन निव!ाग से अनापलि्ቈ ्ቚमा्ቓ प्ቔ समय से न निमल पाने के कार्ቓ निव्ቕुत संयोजन का काय बाधिधत रहा, जिजसके अनु्ቦव्ቓ का काय निव्ቕुत निव!ाग ्ቛारा ही निकया जाना था। स्वतं्ቔ माध्यम के माध्यम से निव्ቕुत संयोजन न दे पाने के कार्ቓ निव्ቕुत निव!ाग ्ቛारा अस्थायी रूप से निव्ቕुत संयोजन दे निदया गया। उपरो्ሹ व्यवधानों/ निवपरीत परिरኌस्थधितयों एवं निव्ቕुत निव!ाग से निव्ቕुत संयोजन हेतु सेपरेट फीडर डालने का काय समय से न होने हेतु फालोअप निकये जाने में िሗकधिHत भि@भिथल कायवाही के लिलये ्ቦी बी०एल० िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० आंभि@क रूप से उ्ቈरदायी ्ቚतीत होते हैं। मऊ ्ቇाम समूह पेयजल योजना के आरोप में उ्ቤेख निकये गये सी०डब्ल्यू०आर- कम हाउस (ए) तथा सी०डब्ल्यू०आर- कम पम्प हाउस (बी) जोन- डी (रैपुरा/आजादपुरा), सम्प- ए कम पम्प हाउस जोन-ई (लायंद) सम्प- बी सी०डब्ल्यू० आर० कम पम्प हाउस (बी) जोन- ए में स्थानिपत निकये गये पኌ᭚म्पग प्लान्ट्स व अन्य निव०/ याँ० उपकर्ቓ की आपूቔኌत व स्थापना का काय ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० एवं सहा० अभि!० अधिध@ासी अभि!यंता के पद पर काय!ार ्ቇह्ቓ करने के पूव के अधिधकारिरयों के कायकाल के हैं। अतः
इन पኌ᭚म्पग प्लांटों एवं अन्य 6 WRIA No. - 6188 of 2026 सम्बኌन्धत निव०/ याँ० उपकर्ቓों की कनिमयों हेतु ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!०/ सहायक अभि!यन्ता उ्ቈरदायी नहीं है। जांH अधिधकारी का निनष्क्ቧ :- ्ቦी बी०एल० िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध@ासी अभि!यन्ता/ सहायक अभि!यन्ता (निव०/याँ०) के ्ቛारा निदये गये स्प्ቖीकर्ቓ/ ्ቚत्यावेदन तथा अधिध@ासी अभि!यन्ता, यूनीसेफ ्ቚोजेक्ट यूनिनट (निव०/याँ०) उ० ्ቚ० जल निनगम, धिH्ቔकू ट से ्ቚा् सूHना/ अभि!मत व अन्य अभि!लेखों के परी्ቌ्ቓ से यह निनष्क्ቧ निनकलता है निक ्ቦी बी०एल० िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध@ासी अभि!यन्ता / सहायक अभि!यंता ( निव० / याँ० ) के पद पर कायरत रहने तक की अवधिध तक जनपद धिH्ቔकू ट की बरगढ़ ्ቇाम समूह पेयजल योजना के मद में ्ቚा् धनराभि@ में से रु० 26.81 लाख की धनराभि@ अन्य निव!ागीय / अनुर्ቌ्ቓाधीन काय- पर व्यय निकये जाने , व्ययवतन हेतु दो्ቧी ्ቚतीत होते हैं , तथा दोनों पेयजल योजनाओं में निव्ቕुत संयोजन के लिलये सेपरेट फीडर निबWाये जाने के काय में निव!ागीय अनु्ቦव्ቓ (Follow-up) में िሗकधिHत भि@भिथलता के लिलये ्ቦी बी०एल० िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० , आंभि@क रूप से उ्ቈरदायी है । मऊ ्ቇाम समूह पेयजल योजना में निवभि!्ቐ सी०डब्ल्यू०आर० कम पम्प हाउस में स्थानिपत पम्पों व अन्य निव०/याँ० उपकर्ቓों की कनिमयों हेतु ्ቦी बी०एल० िሺसह सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!०/ सहायक अभि!यन्ता (निव०/याँ०) को उ्ቈरदायी नहीं /हराया जा सकता है। तद्ቅम में उ्ቤेखनीय है निक निदनांक 09.09.2021 को जल निनगम के निव!ाजन के फलस्वरूप अधी्ቌ्ቓ अभि!यन्ता (भि@्ቌा-1), उ 0 ्ቚ 0 जल निनगम (नगरीय), लखनऊ के प्ቔ सं0-220/007-2019-01- 0109(्ሺा0 ्ቌे0) निदनांक 16.04.2022 ्ቛारा प्ቔावली इस कायालय को उपलब्ध करायी गयी। ्ቚकर्ቓ में उपलब्ध करायी गयी जांH में ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ सहायक अभि!यन्ता (निव०/याँ०) के दो्ቧी पाये जाने के फलस्वरूप ्ቚधान कायालय, उ 0 ्ቚ 0 जल निनगम (्ቇामी्ቓ), लखनऊ के प्ቔांक-1091/009-2019-01-0109(आ०्ቌे०) निदनांक 28.10.2023 ्ቛारा जांH अधिधकारी से ्ቚा् जांH आख्या ्ቚधित उपलब्ध कराते हुये जांH आख्या के सापे्ቌ लिललिखत अभ्यावेदन ्ቚस्तुत करने एवं व्यनि्ሹगत सुनवाई हेतु निदनांक 15.11.2023 को समय ्ቚदान निकया गया। उ्ሹ
निनधारिरत धितभिथ को ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ सहायक अभि!यन्ता ( निव० / याँ० ) ्ቛारा व्यनि्ሹगत रूप से उपኌस्थत होकर अपना लिललिखत अभ्यावेदन / स्प्ቖीकर्ቓ निदनांक 16.11.2023 ्ቚस्तुत निकया गया , जिजसमें कोई !ी नये तथ्य उजि्ቤलिखत नहीं निकये गये । अतः ्ቚकर्ቓ में अधिधरोनिपत आरोपों के सापे्ቌ अपHारी के उ्ቈर, तत्सापे्ቌ जांH अधिधकारी की जांH आख्या, अपHारी के अभ्यावेदन/व्यनि्ሹगत सुनवाई के दौरान निदये गये स्प्ቖीकर्ቓ एवं उपलब्ध अन्य अभि!लेखों/साቌኚयों के परी्ቌ्ቓोपरान्त पाया गया निक अधी्ቌ्ቓ अभि!यन्ता, निनमा्ቓ मण्डल (निव०/याँ०), उ०्ቚ० जल निनगम, बाँदा के प्ቔ सं0-2265/ई-2/22 निदनांक 02.08.2016 के ्ቛारा निदये गये निनदe@ों के अनुसार ्ቦी बी०एल०िሺसह , सहायक अभि!यन्ता ( निव० / याँ० ) को अधिध@ा्ቧी अभि!यन्ता ( निव० / याँ० ) के काय- एवं दाधियत्वों के निनवहन हेतु अधिधकृ त निकया गया। इस ्ቚकार ्ቦी बी०एल०िሺसह , सहायक अभि!यन्ता ( निव० / याँ० ) निदनांक 02.08.2016 से 31.01.2018 तक कु ल निमलाकर निव० / याँ० खण्ड में अधिध०अभि!० ( निव० / याँ० ) के पद पर 16 माह 18 निदन की अवधिध तक कायरत रहे । ्ቦी बी०एल०िሺसह , कायवाहक अधिध@ा्ቧी अभि!यंता ( निव० / याँ० ) के कायकाल में निव० / याँ० खण्ड को बरगढ़ पाइप पेयजल योजनान्तगत निव० / याँ० काय- हेतु रु० 130.00 लाख ्ቚा् हुआ। उ्ሹ धनराभि@ में से रु० 10.00 लाख की धनराभि@ सेन्टेज मद में तथा रु० 93.19 लाख 7 WRIA No. - 6188 of 2026 की धनराभि@ योजनान्तगत गनि/त अनुबन्ध के सापे्ቌ काय- पर व्यय निकया गया तथा रु० 26.81 लाख ( रु० 130.00 लाख - रु० 103.19 लाख = रु० 26.81 लाख ) की धनराभि@ व्ययवቔኌतत की गयी। अतः बरगढ़ पेयजल योजनान्तगत ्ቚा् धनराभि@ में से रु० 26.81 लाख की धनराभि@ अन्य निव!ागीय / अनुर्ቌ्ቓाधीन काय- में व्ययवतन निकये जाने हेतु ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ कायवाहक अधिध०अभि!० / स०अ० ( निव० / याँ० ) दो्ቧी हैं । ्ቚ्गत ्ቚकर्ቓ में ्ቦी बी०एल०िሺसह, सहायक अभि!यन्ता के सेवानिनवृ्ቈ हो जाने के कार्ቓ इन्हें ्ቚ@ासनिनक दण्ड नहीं निदया जा सकता है। ्ቚकर्ቓ
में निव्ቈीय ्ቌधित हेतु ्ቚधान कायालय, उ०्ቚ० जल निनगम, लखनऊ के प्ቔांक 441/2316-0172/ऋ्ቓ/16 निदनांक 17.12.2016 में निननिहत ्ቚावधानों के अनुसार अधिध@ा्ቧी अभि!यन्ता से 40 ्ቚधित@त वसूली का ्ቚावधान है। अतः ्ቚकर्ቓ में उ्ሹानुसार उजि्ቤलिखत कु ल निव्ቈीय हानिन रु० 26.81 लाख के 40 ्ቚधित@त समानुपाधितक अं@ रु० 1072400.00 ( दस लाख बह्ቈर हजार Hार सौ रूपये मा्ቔ ) की वसूली ्ቦी बी०एल०िሺसह , सेवानिनवृ्ቈ सहायक अभि!यन्ता के सेवानिनवृलि्ቈक देयकों से निकये जाने के आदे@ पारिरत निकये जाते हैं । सेवानिनवृलि्ቈक देयकों से उ्ሹ वसूली पू्ቓ न होने की ኌस्थधित में @े्ቧ वसूली न्याधियक ्ቚनि्ቅया के अधीन सम्बኌन्धत खण्ड ्ቛारा की जायेगी। तदनुसार ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ सहायक अभि!यन्ता के निवरुg संኌस्थत अनु@ासैनिनक जांH ्ቚकर्ቓ को समा् निकया जाता है। उ्ሹ आदे@ की ्ቚधित ्ቦी बी०एल०िሺसह, सेवानिनवृ्ቈ सहायक अभि!यन्ता की ” Hरिर्ቔ पंजिजका एवं व्यनि्ሹगत प्ቔावली में रखी जायेगी। 8. Per contra, Sri Sanjay Kumar Om, learned counsel for respondents has vehemently supported impugned order and referred the documents on record and sought time for filing counter affidavit that petitioner was granted ample opportunity to place his case and he has done so also. There was some difference in charges against petitioner and retired Accountant but the petitioner, being on higher post, was held responsible and financial loss was determined and according to Government Order, 40% of it was calculated and an order of recovery was passed against petitioner. 9. I have considered above submissions and perused the records. 10. Court has not asked learned counsel for respondents to file counter affidavit since at this stage, Court has considered challenge to impugned order only on two grounds, firstly,
8 WRIA No. - 6188 of 2026 whether in given circumstances, outcome of inquiry report and punishment order and quantum of recovery can be justified or not as well as what would be the effect of exoneration of retired Accountant on same charges ? 11.
Submission of learned counsel for respondents that charges levelled against petitioner and retired Accountant were different was correct since Court is satisfied from reading of charges that both were same. Still, only on a ground that other employee was granted exoneration, the petitioner could not be exonerated, if there was a finding that petitioner being more responsible has not discharged his duties diligently and diverted money against the procedure and thus, caused actual loss. 12. At this stage, Court also takes note that proceedings were initiated after petitioner’s retirement and there is no reference in impugned order whether there is any provision of law to initiate inquiry subsequent to retirement as well as whether there was any requirement of permission under Rule 351-A of Civil Services Regulations, however, learned Senior Advocate for petitioner has not much emphasized on it rather he has placed his case only on issue of arbitrariness, as referred above. 13. In aforesaid circumstances, Court finds that outcome of inquiry that expenditure of Rs. 103.19 lakh was towards contract and there was no dispute so far as said amount is concerned. The only dispute was in regard to Rs. 26.81 lakhs that it was spend on other departmental and construction works and was duly informed to Director at Chitrakoot but in
9 WRIA No. - 6188 of 2026 inquiry report, details thereof were not mentioned, therefore, there is no specific finding that said amount of Rs. 26.18 lakh, if paid towards other works, was not required or payment was made without any actual work, however, there is no such finding. 14. Otherwise also, only reference is that it appears that petitioner was guilty, therefore, there is no finding that Department has suffered with financial loss of Rs. 26.81 lakhs, therefore, further action of recovery also appears to be defective so far as inquiry report is concerned. 15.
Now Court proceeds to consider whether Disciplinary Authority has made any independent consideration whether petitioner was solely responsible for diverting amount of Rs. 26 lakh to other department and whether there was any actual financial loss ? 16. There is no consideration in impugned punishment order whether said amount was not made towards actual construction work or due to said expenditure, original project has suffered some loss. There is no such finding to that effect. There is no finding to this effect also that in such cases if there was a due procedure and it was not followed. 17. Otherwise also, Court finds that once there is no specific finding how financial loss occurred, an order of recovery could not be survived. It may be a case of any other punishment, which they could not pass after retirement, therefore, at this stage, Court also finds that there is no permission to conduct disciplinary proceedings after retirement
10 WRIA No. - 6188 of 2026 of petitioner. Court also finds merit in other argument of learned Senior Advocate for petitioner that on similar nature of allegations, retired Accountant was exonerated and there is no specific consideration as to why petitioner was found guilty. 18. Court finds that impugned order dated 26.02.2026 in present form does not survive and matter is remitted back to pass a fresh order after making specific calculation whether there was an actual loss or not after taking a report from Project Manager, which was not provided during disciplinary proceedings as well as after making a conscious decision whether permission is required u/r 351-A of Fundamental Rules since disciplinary proceedings were initiated after two years of retirement of petitioner. 19. With aforesaid observations\directions, this writ petition is disposed of. (SAURABH SHYAM SHAMSHERY, J.) May 07, 2026 <N. Sinha> Digitally signed by :- NIRMAL SINHA High Court of Judicature at Allahabad