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High Court of Chhattisgarh · body

2026 DAILYLAW 24549 (CHH)

KANHAIYA RATHIYA v. STATE OF CHHATTISGARH

CRA/1243/2026 · 2026-07-01

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2026

Judgment text

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1 / 6 (Cr. A. No.-1243 of 2026) 2026:CGLJ:27302 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया , तिलसपुर दाण्डिक अपु ल क्रमां"क -1243 /2026  कन्है,या रति-या तिपु-रूपुसया रति-या, उम्र-लगभग 38 वेर्ष3, ति4वेस -ग्रामां झर4, आवेस पुर, धौ9रभ"-, पुलिलस था4 वे हैस ल-मां4र, लि<ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----अपु लथा=/अतिभयाक्त तिवेरूद्घ  छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुलिलस था4-मां4र, लि<ल-रयागढ़, छत्ती सगढ़ -----उत्तीरवेदा /रज्या अपु लथा=/अतिभयाक्त द्वार : श्री मां4D< क मांर लिसन्है, अलिधौवेक्त । रज्या/उत्तीरवेदा द्वार : श्री रDतिहैस्वे लिस"है, उपु शासकHया अलिधौवेक्त । न्यायामांIति3 श्री स"<या क मांर <यासवेल !! आदाशा पु - पुर पुरिर !! 02/07/2026 1. धौर 14(क)( ) ii अ4सIतिच <ति एवे" अ4सIतिच <4<ति (अत्याचर ति4वेरण) अलिधौति4यामां, 1989 (लि<स आग स"क्षेपु मांT "तिवेशार्ष अलिधौति4यामां" कहै गया है,) क अ"ग3 <मां4 स""धौ प्रस् तिद्वा या अपु ल मांT तिवेचरण न्यायालया-तिवेशार्ष न्यायाधौ शा (तिवेशार्ष POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.07.03 11:56:01 +0530 2 / 6 (Cr. A. No.-1243 of 2026) अलिधौति4यामां), रयागढ़, छत्ती सगढ़ द्वार पुलिलस था4-मां4र, रयागढ़, छत्ती सगढ़ क अपुरधौ क्रमां"क-309/2025 अ"ग3 धौर 296, 351(2), 115(2), 109(1), 221, 132, 74, 76, 309(4), 309(6), 3(5), 310(2), 121(1), 77, 351(3) भर या न्याया स"तिहै, 2023, तिवेशार्ष अलिधौति4यामां कH धौर 3(2)( ) v था सIच4 प्र9द्यDतिगकH अलिधौति4यामां, 2008 कH धौर-66(ङ), 67(क) क है प्रस् ति4यातिमां <मां4 आवेदा4 मांT पुरिर आदाशा तिदा4"क 15/01/2026 कD च49 दा गई है, लि<सक है अपु लथा=/अतिभयाक्त क ति4यातिमां <मां4 आवेदा4 ति4रस् कर तिदाया गया । उक्त आदाशा कD स"क्षेपु मांT “प्रश्4धौ 4 आदाशा” स स"Dलिधौ तिकया < रहै है, । 2. अतिभयाD<4 मांमांल स"क्षेपु मांT इस प्रकर है, तिक पु ति] था4 पुI"< पुथार, लि<ल रयागढ़ (छत्ती सगढ़) मांT मांतिहैल आरक्षेक क पुदा पुर पुदास्था है, । मां4र था4 क्षेत्र, लि<ल रयागढ़ मांT ण्डिस्था लि<"दाल क" पु4 स स""लिधौ <4स4वेई क तिवेरDधौ मांT तिवेतिभन्न मांद्दोंa कD लकर लगभग 14 ग्रामांa क ग्रामां ण स .एच.पु . च9क, लिलर मांT धौर4-प्रदाशा34 कर रहै था । उक्त प्रदाशा34 क दा9र4 क4I4-व्यावेस्था 4ए रख4 है रयागढ़ लि<ल क तिवेतिभन्न था4a क पुलिलस अलिधौकर -कमां3चर था प्रशासति4क अलिधौकरिरयाa कH ड्यूIटी लगई गई था । तिदा4"क 27. 12.2025 कD एकतित्र प्रदाशा34कर , अन्या सहै-अतिभयाक्तa <,स र<शा मांरकमां आतिदा क उकसवे पुर उग्रा एवे" तिहै"सक हैD गए । उन्हैa4 पुलिलस द्वार शा"ति 4ए रख4 कH अपु ल कH उपुक्षे कर हैgए अति4या"तित्र हैDकर प्रणघाक हैमांल प्रर"भ कर तिदाए । प्रदाशा34करिरयाa क हैथाa मांT ल- -" आतिदा था । इस दा9र4 पु ति], <D मांतिहैल आरक्षेक है,, अपु4 सरक्षे है ख कH ओर भग , तिक"  गड्ढे मांT पु,र फं" स4 स तिगर पु] । भ लगभग 7–8 प्रदाशा34करिरयाa 4 उस घार लिलया और उसकH हैत्या कर4 कH ति4या स अश्ल ल गल - गल9< कर हैgए था <4 स मांर4 कH धौमांकH दा हैgए उस पुर हैथा-मांक्कa, ल-घाIसa 3 / 6 (Cr. A. No.-1243 of 2026) एवे" ल- -"a स प्रहैर तिकया । पु ति] कH लज्< भ"ग कर4 कH 4 या स उसक दाD4a पु,र उ-कर उसक वेस्त्रोंa कD गल एवे" वेक्षेस्थाल क पुस स खpचकर फं] तिदाया था अ"qवेस्त्रों कD भ खpच हैgए उस घास टी । पु ति] प्रणरक्षे है र-र ति4वेदा4 कर रहै , पुर" उसकH वेदा= क कपु] फं]कर उस पुर हैrस रहै । वेहै असहैया अवेस्था मांT अपु4 स्4a कD दाD4a हैथाa स ढं"ककर रD -तिलख रहै । सहै-अतिभयाक्त मां"गल रति-या द्वार " स उसकH पु - पुर प्रहैर तिकया गया था अन्या व्यातिक्तयाa द्वार भ मांरपु टी कH गई । इस  च एक व्यातिक्त द्वार उसक अधौ34ग्न अवेस्था क वे तियाD मांDइल फंD4 स 4कर प्रसरिर कर तिदाया गया । अतिभयाक्तa 4 उसक गल दाकर <4 स मांर4 क प्रयास तिकया, लि<सस वेहै तिकस प्रकर अपु4 अ"qवेस्त्रों कD छD]कर <4 चकर वेहै" स भग4 मांT सफंल हैgई । इस घाटी4 मांT मांतिहैल था4 प्रभर मां4र, रयागढ़ क सथा भ अश्ल ल गल -गल9< एवे" मांरपु टी कH गई था उसक लिसर कD हैईवे वेहै4 स क चल4 क प्रयास तिकया गया और उस <4 स मांर4 कH धौमांकH दा गई । उक्त घाटी4 कH रिरपुDटी3 पुर था4 मां4र, लि<ल रयागढ़ द्वार अपुरधौ पु"< द्ध तिकया गया । त्पुश्चv आहैa क तिचतिकत्स या पुर क्षेण करया गया, सतिक्षेयाa क कथा4 दा<3 तिकए गए था स"पुIण3 तिवेवेच4 उपुर" अतिभयाक्तa क तिवेरुद्ध अतिभयाDग-पुत्र प्रस् तिकया गया । 3. इस अपु ल क स""धौ मांT पु ति]/तिशाकयाक3 कD तिदा4"क-23/06/2026 कD सIच4 प्रतिर्ष कH गई था । लि<सक अ4पुल4 मांT पु ति]/तिशाकयाक3 द्वार आ< तिदा4"क 02/ 07/2026 कD स""लिधौ लि<ल तिवेलिधौक सवे प्रलिधौकरण स आभस रूपु स उपुण्डिस्था हैDकर अपु लथा=/अतिभयाक्त कD <मां4 तिदाए <4 पुर आपुलित्ती हैD4 कH अतिभव्यातिक्त कH गई । 4. अपु लथा=/अतिभयाक्त क तिवेद्वा4 अलिधौवेक्त 4 क3 प्रस् तिकया तिक अपु लथा= ति4दाxर्ष है, था उस इस प्रकरण मांT तिमांथ्या रूपु स फंr सया गया है, । याहै उसकH तिद्वा या <मां4 अपु ल है, । 4 / 6 (Cr. A. No.-1243 of 2026) इसस पुIवे3 प्रस् उसकH प्रथामां <मां4 अपु ल, दाण्डिक अपु ल क्रमां"क-451/2026, आदाशा तिदा4"क 24/02/2026 द्वार वेपुस लिलए <4 क करण ति4रस् कर दा गई था । याहै भ क3 तिदाया गया तिक 4 D प्रथामां सIच4 पुत्र मांT अपु लथा= क 4मां अ"तिक है, और 4 है तिकस सक्षे क पुलिलस कथा4 मांT उसक 4मां उल्लेलिख है,, लि<सस घाटी4 मांT उसकH स"लिलप्त स"दाहैस्पुदा प्र  हैD है, । अपु लथा= क कDई पुIवे3 आपुरलिधौक इतिहैस 4हैp है, । वेहै तिदा4"क 06/01/2026 स ति4र"र न्यातियाक अतिभरक्षे मांT है, । स"पुIण3 तिवेवेच4 उपुर" अतिभयाDगपुत्र प्रस् तिकया < चक है, । अतिभयाD<4 द्वार प्रस् क ल 65 सतिक्षेयाa मांT स अ क तिकस भ सक्षे क पुर क्षेण प्रर"भ 4हैp हैgआ है,, लि<सस तिवेचरण मांT समांया लग4 स"भतिवे है, । अq तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्4धौ 4 आदाशा" कD अपुस् कर हैgए प्रस् अपु ल स्वे कर कH <ए था अपु लथा=/अतिभयाक्त कD ति4यातिमां <मां4 क लभ प्रदा4 कर हैgए रिरहै तिकया <ए । 5. उत्तीरवेदा /रज्या क तिवेद्वा4 अलिधौवेक्त 4 प्रस् अपु ल क तिवेरDधौ कर हैgए क3 प्रस् तिकया तिक तिशा4ख़् पुर क दा9र4 पु ति] द्वार अपु लथा=/अतिभयाक्त कH पुहैच4 कH गई है, । घाटी4 क समांया ,यार तिकए गए वे तियाD मांT भ अपु लथा= कH उपुण्डिस्थाति पुरिरलतिक्षे हैD है, । अपु लथा= स एक मांDइल फंD4, घाटी4 क समांया पुहै4 गए कपु] था एक क ल्है] कH <प्त कH गई है, । याहै भ क3 तिदाया गया तिक सहै-अतिभयाक्तगण तिचत्रस4 सवे, तिच4शा खम्हैर उफं3 क 4I था 4मांल रति-या कH <मां4 स""धौ अपु लT पुIवे3 मांT ति4रस् कH < चकH है• । याहै भ क3 प्रस् तिकया गया तिक प्रस् प्रकरण अ4सIतिच <4<ति वेग3 क व्यातिक्तयाa था पुलिलस एवे" प्रशासति4क अलिधौकरिरयाa क तिवेरुद्ध करिर ग"भ र प्रक€ ति क अपुरधौ स स""लिधौ है, । घाटी4 क समांया पुलिलस एवे" प्रशासति4क अलिधौकर क4I4-व्यावेस्था 4ए रख4 क अपु4 वे,धौति4क क3व्या क ति4वे3है4 कर रहै था । ऐस ण्डिस्थाति मांT क3व्या ति4वे3है4र 5 / 6 (Cr. A. No.-1243 of 2026) एक मांतिहैल आरक्षेक, <D एक शासकHया सवेक है,, क सथा ग"भ र प्रक€ ति क अपुरधौ करिर तिकया <4 अपुरधौ कH ग"भ र कD और अलिधौक ढ़ है, । अq अपु लथा= कH भIतिमांक, अपुरधौ कH प्रक€ ति एवे" ग"भ र था उसक तिवेरुद्ध उपुलब्धौ प्रथामांदृष्टया सक्ष्या कD दृतिष्टग रख हैgए तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्4धौ 4 आदाशा" पुIण3q उतिच एवे" तिवेलिधौसम्मां है,, लि<समांT तिकस प्रकर क हैस्क्षेपु कH आवेश्याक 4हैp है, । अq प्रस् <मां4 अपु ल ति4रस् तिकए <ए । 6. उपुण्डिस्था पुक्षे क क3 श्रीवेण तिकया था अतिभलख एवे" क स यार क पुरिरशा ल4 तिकया गया । 7. अतिभलख क समांग्रा पुरिरशा ल4 स था याहै दृतिष्टग रख हैgए तिक अभ पु ति] क न्यायालया मांT या4 4हैp हैgआ है, । अq अपु लथा=/अतिभयाक्त क मांमांल इस स्र पुर ति4यातिमां <मां4 है उपुयाक्त 4हैp पुया < । तिवेचरण न्यायालया द्वार पुरिर "प्रश्4धौ 4 आदाशा" मांT कDई अवे,धौ अथावे अशाद्घ पुरिरलतिक्षे 4हैp हैD है, । अq उसमांT हैस्क्षेपु तिकए <4 कH आवेश्याक 4हैp पुई < । अq अपु ल खरिर< कH < है, । 8. इस मांमांल मांT तिगरफ्र तिदा4"क-06/01/2026 कH या गई है, । तिवेचरण ल"ति है,, लि<समांT क ल 65 सतिक्षेयाa मांT स अ क तिकस भ सक्षे क पुर क्षेण प्रर"भ 4हैp हैgआ है, । अपु लथा= कर  06 मांहै स ति4रूद्घ है• । प्रकरण कH प्रक€ ति एवे" अतिभरक्षे कH अवेलिधौ कD दृतिष्टग रख हैgए मांमांल मांT शा घ्र तिवेचरण कH आवेश्याक है, । 9. अq उपुरDक्त पुरिरण्डिस्थातियाa कD दृतिष्टग रख हैgए तिवेचरण न्यायालया कD ति4दाˆतिशा तिकया < है, तिक वेहै स"पुIण3 प्रयासa क सथा तिवेचरण कH कया3वेहै मांT गति ल हैgए मांमांल क शा घ्र अतिशा घ्र ति4रकरण कर4 सति4ण्डिश्च करT । 6 / 6 (Cr. A. No.-1243 of 2026) 10. रलि<स्टी‰ कD ति4दाˆतिशा तिकया < है, तिक इस आदाशा कH प्रति याथाशा घ्र तिवेचरण न्यायालया कD सIच4था3 प्रतिर्ष तिकया <ए । सहै /- (स"<या क मांर <यासवेल) न्यायाधौ शा पो मन