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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 2381 (ALL)

WALIULLAH AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NA528/19750/2026 · 2026-05-13

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 19750 of 2026 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय सुर्षा संिहता के अंतगर्त यह आवेदन प्ऴ, पिरवाद सं० 942/2017, अंतगर्त धारा 323, 504, 506 भारतीय दण्ड संिहता, थाना पटहेरवा, िजला कु शीनगर में िसिवल जज (जे०िड०) न्याियक मिजस््िेट कसया, जनपद कु शीनगर ्षारा पािरत तलबी आदेश िद० 30.05.2019 तथा इस वाद की संपूणर् कायर्वाही को अपास्त करने हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक उपर्यु्व मामलें में िवचारण न्यायालय ्षारा इस मामलें को पिरवाद के रूप में दजर् करते समय, तथ्यों का सम्यक पिरशीलन नहीं िकया गया तथा धारा 223 बी.एन.एन.एस. का अनुपालन भी नहीं िकया गया है। यहां ्ऺासंिगक है िक किथत घटना में मारपीट का वणर्न िकया गया, िकतु िकसी कोई भी चोट आना नहीं बताया गया है, जो अिभयोजन कथानक की संिदग्धता को दिशत कर रहा है। इससे पिरलि्षत है िक ्ऺश्नगत आदेश एक 'स्पीिकग' (सकारण) एवं तकर् संगत आदेश नहीं है तथा उ्व ्ऺश्नगत आदेश मा्ऴ अनुमानों और कयासों के आधार पर पािरत िकया गया है। अतः उपरो्व ्ऺश्नगत आदेश समुिचत िववेचना एवं तथ्यों पर आधािरत नहीं है। इसिलए, ्ऺश्नगत आदेश ्ऴुिटपूणर् है एवं अपास्त िकए जाने योग्य है। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने कथन िकया िक इस मामलें में संबंिधत न्यायालय ्षारा वषर् 2019 में ्ऺसं्ञान िलया जा चुका है, िजसके कारण किथत धारा 223 बी.एन.एन.एस. के अनुपालन का अ्ऺसांिगक है। ्ऺश्नगत मामलें में समुिचत िववेचना के उपरांत िवचारण न्यायालय ्षारा पयार्प्त आधार पर ्ऺश्नगत आदेश पािरत िकया है, िजसमें कोई िविधक अथवा ्षे्ऴािधकार संबंधी ्ऴुिट पिरलि्षत नहीं हो रही है। उनका यह भी कथन है िक आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा ्षारा ्ऺश्नगत आदेश को अपास्त करने Versus Counsel for Applicant(s) : Neeraj Srivastava, Sandeep Kumar Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Waliullah And Another .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) हेतु जो तकर् ्ऺस्तुत िकए गए वे बलहीन है। इसिलए, ्ऺश्नगत आदेश में हस्त्षेप िकए जाने की कोई आवश्यकता ्ऺतीत नहीं हो रही है। 5. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वागण के तकॏल को ्शवणोपरांत एवं प्ऴावली व ्ऺश्नगत आदेशों का सम्यक रूपेण पिरशीलन िकया तथा िव्षान अवर न्यायालय ्षारा पािरत ्ऺश्नगत आदेश समुिचत िववेचना पर आधािरत है, सकारण एवं उिचत आदेश है। उसमें कोई सारवान अिनयिमतता, अनौिचत्यता या ्ऺि्वया या ्षे्ऴािधकार संबंधी ्ऴुिट पिरलि्षत नहीं होती है।इसिलए, यह आवेदन प्ऴ को िनरस्त िकए जाने योग्य है। 6. तद्नुसार, आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के अंतगर्त ्ऺस्तुत यह आवेदन प्ऴ िनरस्त िकया जाता है। 7. कायार्लय को िनदरॏश िदया जाता है िक इस आदेश की एक ्ऺितिलिप संबंिधत अवर न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनि्ात िकया जाय। 8. यिद इस वाद में कोई अंतिरम आदेश हो तो, उसे समाप्त समझा जाय। May 14, 2026 CP.sahani NA528 No. 19750 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad