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High Court of Chhattisgarh · body
2026 DAILYLAW 1941 (CHH)
Yashwant Kumar Nag v. State of Chhattisgarh
CRR/405/2026 · 2026-03-22
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2026
[ 2026 DAILYLAW 1941 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 5 (Cr. R. No.-405 of 2026)
2026:CGHC:13720 अप्रतिवेद्य छत्ती सगढ़ उच्च न्यायालया
, तिलसपुर
दाण्डिक पुनर क्षण
क्रमां%क
-405
/2026
1. याशवे% क मांर नग, तिपु-स्वे. पुरसरमां नग, आया लगभग 45 वेर्ष3, तिनवेस ग्रामां तिपुपुरछड़ी , थान तिपुपुरछड़ी , जि8ल गरिरया%दा, छत्ती सगढ़ ।
2. अतिभर्षक जिस%ह गहरवेर, तिपु-रधेश्यामां जिस%ह गहरवेर, आया लगभग 39 वेर्ष3, तिनवेस
वे3 क्रमां%क 12, करAतिदाया, जिसधे , जि8ल जिसधे , मांध्या प्रदाश ।
3. कमांलश सहC, तिपु-गAरलल सहC, आया लगभग 34 वेर्ष3, तिनवेस नयापुर, उजि8य्यारपुर, थान ललपुर, जि8ल मां%गल , छत्ती सगढ़ ।
4. र8रमां रक, तिपु-खोAरहर रक, आया लगभग 45 वेर्ष3, तिनवेस ग्रामां मांजिसवेन , थान आर%ग, जि8ल रयापुर, छत्ती सगढ़ । -----पुनर क्षणक3गण/अतिभयाक्तगण तिवेरूद्घ
1. छत्ती सगढ़ रज्या, द्वार पुजिलस थान रजि8मां, जि8ल गरिरया%दा, छत्ती सगढ़ ।
2. शरदा च%दा शमां3, तिपु-रघुदामांन शमां3, आया लगभग 50 वेर्ष3, तिनवेस वे आइलM कNलAन , अमांलश्वेर, थान अमांलश्वेर, जि8ल दाग3, छत्ती सगढ़ ।
3. अरुण क मांर तिद्वावेदा , तिपु-स्वे. लल तिहर तिद्वावेदा , आया लगभग 47 वेर्ष3, तिनवेस
कछवेर, पुAस्ट ति, थान समांरिरया, जि8ल र वे, मांध्या प्रदाश (वे3मांन मांS जि8ल 8ल गरिरया%दा, छत्ती सगढ़ मांS तिनरुद्ध) । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2026.03.24 15:18:48 +0530
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4. अ8या क मांर तिवेश्वेकमां3, तिपु-रमां स्वेरूपु तिवेश्वेकमां3, आया लगभग 45 वेर्ष3, तिनवेस वे3 क्रमां%क 32, लपुरवे, कट्टी चWक, थान सAहगपुर, जि8ल शहAल, मांध्या प्रदाश । -----प्रत्याथाYगण पुनर क्षणक3गण/अतिभयाक्तगण द्वार : श्री मांAहम्मांदा अफरA8 अथार, अजिधेवेक्त आभस मांध्यामां स । रज्या/प्रत्याथाY क्रमां%क-1 द्वार : श्री सतिमां जिस%ह, उपुमांहजिधेवेक्त सतिह सश्री लक्ष्मां न कश्यापु, पु_नल अजिधेवेक्त । प्रत्याथाY क्रमां%क-2 स 4 द्वार : स`चन प्रतिर्ष नहa । न्यायामां`ति3 श्री स%8या क मांर 8यासवेल !! आदाश पु ठ पुर पुरिर !! 23/03/2026
1. पुनर क्षण कd ग्राह्य पुर प्रर%तिभक क3 सन गए ।
2. भर या नगरिरक सरक्ष स%तिह, 2023 कd धेर 438/442 क अ%ग3 प्रस् इस दाण्डिक पुनर क्षण मांS, अपुर सत्र न्यायाधे श, गरिरया%दा, जि8ल गरिरया%दा (छत्ती सगढ़) द्वार सत्र प्रकरण क्रमां%क 43/2025, धेर 420, 120( ), 409/34 भर या दा स%तिह, “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरुद्ध शरदाच%दा शमां3 वे अन्या” मांS पुरिर आदाश तिदान%क 26/02/2026 कA चनW दा गई ह_, जि8सक ह अतिभयाA8न क आवेदान स्वे कर कर हlए उक्त प्रकरण कA न्यातियाक मांजि8स्टmट प्रथामां श्रीण , रजि8मां, जि8ल गरिरया%दा (छत्ती सगढ़) क न्यायालया मांS तिवेजिधेवे तिवेचरण ह प्रतिप्रतिर्ष तिकया गया ।
3.
प्रकरण क स%तिक्षप्त थ्या इस प्रकर हM तिक टm एक्सA क% पुन मांS कया3र यातिचकक3गण था प्रत्याथाYगण—शरदाच%दा शमां3, अरुण क मांर तिद्वावेदा , अ8या क मांर तिवेश्वेकमां3 वे अन्या—न
3 / 5 (Cr. R. No.-405 of 2026) तिमांलकर अनक व्यातिक्तयाs कA क% पुन मांS तिनवेश करन पुर 800 तिदानs मांS मां`लधेन सतिह पुtच गन रतिश वेपुस दान क प्रलAभन दाकर प्ररिर तिकया था क ल ₹4,83,30,000/- कd रतिश प्रप्त कर धेAखोधेड़ी कd । उक्त स%%धे मांS प्रप्त जिलजिखो तिशकया पुर थान रजि8मां, जि8ल गरिरया%दा द्वार अपुरधे क्रमां%क 408/2024 पु%8 द्ध कर तिवेवेचन उपुर% अतिभयाAगपुत्र न्यातियाक मांजि8स्टmट प्रथामां श्रीण , रजि8मां क न्यायालया मांS प्रस् तिकया गया, 8हt दाण्डिक प्रकरण क्रमां%क 402/2025 “छत्ती सगढ़ रज्या तिवेरुद्ध शरदाच%दा शमां3 वे अन्या” क रूपु मांS पु%8 द्ध हlआ । त्पुश्च तिदान%क 06/10/2025 कA दा प्रतिक्रया स%तिह कd धेर 323 क अ%ग3, मांनन या उच्चमां न्यायालया क न्यायादृष्टां%
. (2024) 6 541 Amandeep Singh Saran v State of Chhattisgarh SCC
क हवेल दा हlए प्रकरण सत्र न्यायालया कA तिवेचरण ह उपुतिपु3 तिकया गया ।
4. अतिभयाA8न द्वार अपुर सत्र न्यायाधे श, गरिरया%दा क समांक्ष याह क3 दा हlए आवेदान पुश तिकया गया तिक धेर 409 भर या दा स%तिह क अपुरधे क तिवेचरण न्यातियाक मांजि8स्टmट प्रथामां श्रीण द्वार ह तिकया 8न ह_ । उक्त क3 स्वे कर कर हlए अपुर सत्र न्यायालया, गरिरया%दा द्वार प्रकरण पुनx न्यातियाक मांजि8स्टmट प्रथामां श्रीण , रजि8मां कA तिवेजिधेवे तिवेचरण ह प्रतिर्ष तिकया गया । इस आदाश कA वे3मांन पुनर क्षण मांS चनW दा गई ह_ ।
5. पुनर क्षणक3गण/अतिभयाक्तगण क तिवेद्वान अजिधेवेक्त क क3 ह_ तिक भर या स%तिवेधेन क अनच्छदा 21 क अ%ग3 त्वेरिर तिवेचरण प्रत्याक व्यातिक्त क मां`ल अजिधेकर ह_ । वे3मांन मांमांल मांS क ल 09 अतिभयाक्त हM, जि8नमांS स 02 फरर हM, 01 अतिभयाक्त तिनरुद्ध ह_ था क ल 111 सक्ष स`च द्ध हM । धेर 409 भर या दा स%तिह क अपुरधे आ8 वेन करवेस स दान या ह_, अx न्यातियाक मांजि8स्टmट प्रथामां श्रीण द्वार त्वेरिर एवे% प्रभवे तिवेचरण स%भवे
4 / 5 (Cr.
R. No.-405 of 2026) नहa ह_ । सथा ह , धेर 409 क अ%ग3 दादाश दान कd पु`ण3 क्षमां मांजि8स्टmट न्यायालया मांS नहa ह_ । अx
Amandeep Singh Saran ( पु`वेyक्त) मांS प्रतिपुतिदा तिवेजिधेक जिसद्ध%s क आलAक मांS मांजि8स्टmट द्वार पुरिर उपुपु3ण आदाश उतिच था था अपुर सत्र न्यायाधे श क आदाश त्रतिटपु`ण3 ह_, जि8स अपुस् कर प्रकरण सत्र न्यायालया कA तिवेचरण ह भ8 8न चतिहए ।
6. रज्या/प्रत्याथाY क्रमां%क-1 क तिवेद्वान अजिधेवेक्त क क3 ह_ तिक
Amandeep Singh Saran (पु`वेyक्त) प्रकरण मांS अतिभयाक्त लगभग 08 वेर्षy% स तिनरुद्ध था था 86 सतिक्षयाs मांS स मांत्र 10 क पुर क्षण हlआ था, जि8सस भर या स%तिवेधेन क अनच्छदा 21 क ह त्वेरिर तिवेचरण आवेश्याक पुया गया । तिवेचरण या वे3मांन प्रकरण मांS ऐस पुरिरण्डिस्थातियाt तिवेद्यमांन नहa हM । यातिचकक3गण 8मांन पुर हM था क वेल एक सह-अतिभयाक्त अतिभरक्ष मांS ह_, जि8सन कAई यातिचक प्रस् नहa कd ह_ । अx थ्याs कd तिभन्न क करण उक्त न्यायादृष्टां% क समांथा3न वे3मांन यातिचकक3गण कA प्रप्त नहa हA । सथा ह , तिवेजिधे क अनसर धेर 409 भर या दा स%तिह क तिवेचरण न्यातियाक मांजि8स्टmट प्रथामां श्रीण द्वार ह तिकया 8न ह_ । अx अपुर सत्र न्यायाधे श द्वार पुरिर प्रश्नधे न आदाश तिवेजिधेसम्मां ह_ और पुनर क्षण तिनरस् तिकए 8न याAग्या ह_ ।
7. अतिभलखो क पुरिरश लन स स्पुष्टां ह_ तिक अतिभयाक्तगण क तिवेरुद्ध धेर 409 एवे% 420 भर या दा स%तिह क आरAपु हM था 111 सक्ष स`च द्ध हM । थातिपु, यातिचकक3गण 8मांन पुर हM था दाA सह-अतिभयाक्त फरर हM । प्रकरण मांS
Amandeep Singh Saran (पु`वेyक्त) प्रकरण 8_स पुरिरण्डिस्थातियाt पुरिरलतिक्ष नहa हAa । उक्त मांमांल मांS मांनन या उच्चमां न्यायालया द्वार प्रकरण कd तिवेशर्ष पुरिरण्डिस्थातियाs मांS आदाश पुरिर तिकया गया ह_ । दा
5 / 5 (Cr. R. No.-405 of 2026) प्रतिक्रया स%तिह कd अनस`च क अनसर धेर 409 भर या दा स%तिह क तिवेचरण न्यातियाक मांजि8स्टmट प्रथामां श्रीण क क्षत्रजिधेकर मांS आ ह_ । अx उक्त न्यायादृष्टां% क समांथा3न यातिचकक3गण कA प्रप्त नहa हA ।
8. अतिभलखो मांS उपुलब्धे समांस् थ्या एवे% पुरिरण्डिस्थातियाs कA दृतिष्टांग रखो हlए, न्यायालया अपुर सत्र न्यायाधे श, गरिरया%दा द्वार पुरिर "प्रश्नधे न आदाश" मांS कAई अवे_धे अथावे अशद्घ पुरिरलतिक्ष नहa हA ह_ । अx उसमांS हस्क्षपु तिकए 8न कd आवेश्याक नहa पुई 8 । अx याह यातिचक प्रर%तिभक स्र पुर खोरिर8 कd 8 ह_ ।
9.
रजि8स्टm कA तिनदा€तिश तिकया 8 ह_ तिक इस आदाश कd प्रति याथाश घ्र तिवेचरण न्यायालया कA स`चनथा3 प्रतिर्ष तिकया 8ए ।
10. उपुरAक्तनसर, इस पुनर क्षण यातिचक क तिनरकरण तिकया 8 ह_ । सह /- (स%8या क मांर 8यासवेल) न्यायाधे श पो
मन