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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 1886 (ALL)

AAMIR NAEEM v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NA528/7189/2026 · 2026-05-06

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 7189 of 2026 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय सुर्षा संिहता के अंतगर्त यह आवेदन प्ऴ, वाद सं० 1576/2022, अंतगर्त धारा 125 सी.आर.पी.सी में अपर स्ऴ न्यायाधीश, ्ऺधान न्यायाधीश (पिरवार न्यायालय क्ष संख्या-2) बरेली, जो अपर स्ऴ न्यायाधीश, ्ऺधान न्यायाधीश (पिरवार न्यायालय क्ष संख्या-2) बरेली के न्यायालय में लिम्बत है, में पािरत ्ऺश्नगत आदेश िद० 15.07.2025 के िवरु्ध योिजत की गयी है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, िवप्षी सं० 2 के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधकता को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा का कथन है िक अितिर्व ्ऺधान न्यायाधीश (पिरवार न्यायालय)- बरेली िवप्षी सं० 02 का भरण-पोषण ्ऺाथर्ना प्ऴ स्वीकार करते हुए िवप्षी सं० 02 को ्ऺाथर्ना प्ऴ ्ऺस्तुत करने की ितिथ िदनांक 13.09.2022 से वाद के िनस्तारण होने तक, बतौर अंतिरम भरण-पोषण धनरािश कु ल अंकन 5,000/- ्ऺितमाह की दर से भुगतान करने का आदेश पािरत िकया गया है, जो न्यायोिचत नहीं है, क्योंिक उ्व आदेश पािरत करते समय आवेदक की आय व आय के ्शोत पर ध्यान नहीं िदया गया तथा एकप्षीय रूप से आदेश पािरत कर िदया गया। अि्षम आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा कथन िकया गया िक उसकी आय इतनी नहीं है िक वह भरण-पोषण की उ्व धनरािश िवप्षी सं० 02 को अदा कर सके । 4. इस मामले के तथ्यों एवं पिरिस्थितयों के दृि्िगत आवेदक को िनदरॏिशत िकया जाता है िक वह अब तक के संपूणर् बकाया धनरािश रु० 2,20,000/- (दो लाख बीस हजार रु०) का भुगतान एक-एक महीने के अंतराल में 6 बराबर िकश्तो में अदा िकया जाएगा तथा ्ऺश्नगत आदेश में िनयत की गयी धनरािश अंकन 5,000/- रूपये ्ऺितमाह आवेदक ्षारा िवप्षी सं० Versus Counsel for Applicant(s) : Chandra Bir Singh, Harsh Vardhan Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Mansur Ali Ansari Aamir Naeem .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) 02 को भरण-पोषण भ्ते के रूप में दी जाने वाली धनरािश आगे ्ऺितमाह िनयिमत रूप से अदा की जाएगी। 5. यह स्प्ि िकया जाता है िक यिद आवेदक ्षारा बकाये की उ्व धनरािश िवप्षी सं० 02 को छह बराबर िकश्तों में अदा की जाती है एवं भरण-पोषण की अंकन धनरािश रु० 5,000/- ्ऺितमाह की िनयिमत अदायगी की जाती है तो ्ऺश्नगत आदेश के अनुपालन में वसूली की कायर्वाही स्थिगत रहेगी, िकन्तु यिद आवेदक ्षारा इस आदेश के अनुसार िनयत समयानुसार बकाया धनरािश की अदायगी नहीं की जाती है तथा ्ऺितमाह भरण-पोषण िदए जाने हेतु िनयत की गयी रु० 5,000/- की धनरािश ्ऺितमाह अदा नहीं की जाती है, तो यह अंतिरम आदेश स्वतः िनष््ऺभावी समझा जाय। 6. संबंिधत िवचारण न्यायालय को िनदरॏिशत िकया जाता है िक उ्व वाद का अंितम रूप से िनस्तारण आज से 6 माह के अन्दर, उभय प्ष को सुनवाई का समुिचत अवसर ्ऺदान करते हुए Crl. Appeal No. 730 of 2020, arising out of SLP (Crl.) No. 9503 of 2018 (Rajnesh vs. Neha & Anr.) में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा ्ऺितपािदत िविध-्िवस्था के ्ऺकाश में, इस न्यायालय के इस आदेश के िकसी भी िटप्पणी से ्ऺभािवत हुए िबना, गुण-दोष के आधार पर कर िदया जाय। 7. यहाँ पर यह स्प्ि िकया जाता है िक इस न्यायालय के अन्तिरम आदेश के अनुपालन में आवेदक ्षारा जो भी धनरािश िवप्षी संख्या-2 को अदा की जाती है, वह धनरािश संबंिधत िवचारण न्यायालय ्षारा पािरत अंितम आदेश के अनुसार िनयत की गयी भरण-पोषण भ्ते की धनरािश में समायोिजत की जाएगी। 8. तद्नुसार, यह आवेदन प्ऴ अिन्तम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। 9. रिजस््िार कम्पलायंस को िनदरॏश िदया जाता है िक इस आदेश की एक ्ऺितिलिप संबंिधत न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनि्ात िकया जाए। May 7, 2026 Pawan Kumar NA528 No. 7189 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad