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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 15730 (ALL)

AMAN YADAV v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NA528/15489/2026 · 2026-10-07

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 15489 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से अंतगर्त धारा 528 बी.एन.एस.एस भारतीय सुरक्षा संिहता के अंतगर्त यह आवेदन पत्र, मु.अ.सं० 226/2025, अंतगर्त धारा 115(2)/ 352/ 351(3)/ 300/ 302 बी.एऩ.एस. एवं 3/5 धमर् पिरवतर्न अिधिनयम थाना िशवपुर, िजला वाराणसी, में प्रेिषत आरोप पत्र िदनांक 15.07.2025 िजसमें एिडशनल िडिस्ट्रक्ट एवं सेशन जज, कोटर् न. 04 वाराणसी द्वारा पािरत प्रश्नगत/प्रसंज्ञान आदेश िदनांक 18.07.2025 को अपास्त करने एवं सम्पूणर् कायर्वाही अपास्त करने के उद्देश्य से योिजत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक पर धमर् पिरवतर्न करवाने एवं िशकायत कतार् को प्रतािडत करने का आरोप है जो िक िनराधार हैं। आवेदक द्वारा या उसके पिरवार द्वारा कभी भी कोई दहेज की मांग की गयी। प्रश्नगत आदेश एक 'स्पीिकग' (सकारण) एवं तकर् संगत आदेश नहीं है तथा उक्त प्रश्नगत आदेश मात्र अनुमानों और कयासों के आधार पर पािरत िकया गया है। अतः उपरोक्त प्रश्नगत आदेश समुिचत िववेचना एवं तथ्यों पर आधािरत नहीं है। इसिलए, प्रश्नगत आदेश त्रुिटपूणर् है एवं अपास्त िकए जाने योग्य है। 4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कथन िकया िक उक्त वाद में इस न्यायालय के आदेश िदनांक 24.04.2026 को मध्यस्थता के न्द्र दोनों पक्षों में मध्यस्थता के िलए भेजा गया था िकन्तु मध्यस्थता के न्द्र द्वारा भेजी गयी आख्या िदनांक 10.08.2026 के अवलोकन से यह दिशत होता है िक दोनों पक्षों में मध्यस्थता स्थािपत नहीं हो सकी है। आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रश्नगत आदेश को अपास्त करने हेतु जो तकर् प्रस्तुत िकए गए वे बलहीन है। इसिलए, प्रश्नगत आदेश में हस्तक्षेप िकए जाने की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही है। Versus Counsel for Applicant(s) : Satyendra Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Aman Yadav .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं को श्रवणोपरांत एवं पत्रावली व प्रश्नगत आदेशों का सम्यक रूपेण पिरशीलन िकया साथ ही उपरोक्त विणत अिभयोग में न्यायालय द्वारा आदेश िदनांक 24.04.2026 द्वारा इस मामलें को मध्यस्थता कें द्र (Mediation Center) भी भेजा गया था, िकन्तु मध्यस्थता के न्द्र द्वारा भेजी गयी आख्या िदनांक 10.08.2026 के अवलोकन से यह स्पष्ट दिशत है दोनों पक्षों में मध्यस्थता स्थािपत नहीं हो सकी है साथ ही धारा 528 बीएनएसएस के तहत अपनी शिक्त का प्रयोग करते हुए इस न्यायालय को आरोपों की सत्यता और साक्ष्यों की िवश्वसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। अतः, समन आदेश और पिरणामी कायर्वाही को रद्द करने की प्राथर्ना अस्वीकृ त की जाती है। उक्त को ध्यान में रखते हुए, यह आवेदन पत्र स्वीकार िकये जाने योग्य नहीं है। तद्नुसार, इसे अस्वीकार िकया जाता है। 6. उपयुर्क्त अभ्युिक्त के साथ यह आवेदन पत्र िनस्तािरत िकया जाता है। 7. हालांिक, आवेदक के पास सबंिधत न्यायालय के समक्ष उपयुक्त आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता है। October 8, 2026 S.Mishra NA528 No. 15489 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad