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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 15307 (ALL)

ABONI RAY ALIAS ABONI KUMAR RAY v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NA528/42956/2026 · 2026-10-05

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42956 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता, 2023 की धारा 528 के अंतगर्त यह आवेदन पत्र, िक्रिमनल के स संख्या 3178 of 2015 (राज्य बनाम एबोनी रे), के संबंध में, धारा 420 भारतीय दंड संिहता एवं धारा 15(2) व 15(3) भारतीय आयुिवज्ञान पिरषद अिधिनयम, पुिलस स्टेशन चंदौसी, िजला संभल में प्रेिषत आरोप-पत्र िदनांिकत 30.05.2015 तथा मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, मुरादाबाद द्वारा पािरत संज्ञान आदेश िदनांिकत 09.07.2015 और मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, चंदौसी द्वारा पािरत संज्ञान आदेश िदनांिकत 14.11.2019 को अपास्त करने एवं संपूणर् आपरािधक कायर्वाही को अपास्त करने हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा तकर् प्रस्तुत िकया गया िक आवेदक के िखलाफ कोई अपराध नही बनता है और वतर्मान अिभयोग आवेदक का उत्पीड़न करने के उद्देश्य से दुभार्वनापूणर् इरादे से शुरू िकया गया है। उन्होंने अपने दावे के समथर्न में कु छ दस्तावेज़ और बयान प्रस्तुत िकए। 4. िवद्वान अिधवक्ता अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा आवेदक के तकों का प्रबल िवरोध िकया गया। 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं एवं अिभलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता िक आवेदक के िवरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष िकए गए सभी अिभवचन (submissions) तथ्य के िववािदत प्रश्नों से संबंिधत हैं, िजनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के अंतगर्त न्याियक िनणर्य नहीं िकया जा सकता है। इस चरण पर के वल प्रथम दृष्टया (prima facie) Versus Counsel for Applicant(s) : Ravi Kumar Shukla, Vikash Chandra Tiwari Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Aboni Ray Alias Aboni Kumar Ray .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) मामला देखा जाना है, जैसा िक माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य , ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हिरयाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी ( िक्रिमनल) 426, िबहार राज्य बनाम पी.पी. शमार्, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 192 और अंत में झंडू फामार्स्युिटकल वक्सर् िलिमटेड बनाम मोहम्मद शराफु ल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (िक्रिमनल) 283 के मामलों में प्रितपािदत कानून के आलोक में स्पष्ट िकया गया है। इसिलए, इस मामले की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने की प्राथर्ना को अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत यह आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। October 6, 2026 S.Mishra NA528 No. 42956 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad