SANJEEV KUMAR SINGH ALIAS SANJEEV SINGH AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NA528/19851/2026 · 2026-05-13
Gautam Chowdhary
body2026
DailyLaw.ai
[ 2026 DAILYLAW 1529 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2026 DAILYLAW 1529 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 19851 of 2026 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के अन्तगर्त यह आवेदन प्ऴ, पिरवाद सं० 18250, वषर् 2024 (राज्य जिरए रिवन््श नाथ बनाम राजेन््श िनषाद), अन्तगर्त धारा 323, 504, 506 भा०दं०िव०, थाना झगहा, िजला गोरखपुर, में अपर िसिवल न्यायाधीश (िस०िड०) कोटर् नं० 3/अपर मुख्य न्याियक मिजस््िेट गोरखपुर ्षारा पािरत सम्मन आदेश िदनांक 10.09.2025 को अपास्त करने हेतु योिजत िकया गया है।
2. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदकगण के िव्षान अिधव्वा का कथन है िक िवप्षी सं० 2 ्षारा दुराशय के तहत वतर्मान पिरवाद दजर् कराया गया, जबिक िविदत है िक उभय प्ष के मध्य भूिम िववाद है तथा उसी के रंिजशन इस मामलें में आवेदकगण को फं साय गया है। आगे यह भी कहा गया िक इस ्ऺकरण में उभय प्षकारों के मध्य सुलह-समझौता हो जाने की संभावना है। इसिलए, इस ्ऺकरण को संबंिधत अवर न्यायालय के मध्यस्थता के न््श को स्थानान्तिरत कर िदया जाय।
4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा का तकर् है िक उनका यह अनुरोध स्वीकार िकए जाने में कोई आपि्त नहीं है।
5. प्ऴावली के पिरशीलन एवं उपयुर््व तथ्यों के दृि्िगत इस ्ऺकरण में यह िनदरॏिशत िकया जाता है िक दोनों प्षकार संबंिधत अवर/िवचारण न्यायालय के सम्ष उपिस्थत होकर मामलें को सुलह-समझौता के ्षारा िनस्तािरत करने के िलए आवेदन प्ऴ ्ऺस्तुत करें। यिद, ्ऺकरण को सुलह-समझौता के आधार पर िनस्तािरत करने के संबंध में आवेदन प्ऴ, अवर/िवचारण न्यायालय के सम्ष ्ऺस्तुत िकया जाता है तो संबंिधत न्यायालय ्षारा आवेदन प्ऴ ्ऺस्तुत िकए जाने की ितिथ से एक सप्ताह के अंदर उस पर उिचत आदेश पािरत िकया जाय तथा संबंिधत Versus Counsel for Applicant(s) : Amit Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sanjeev Kumar Singh Alias Sanjeev Singh And Another .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
मध्यस्थता कें ्श (Mediation center) ्षारा उसे 04 माह के अन्दर िनस्तािरत कर िदया जाय।
6. उपरो्व वाद का मध्यस्थता कें ्श में िनस्तािरत होने तक आवेदकगण के िवरू्ध कोई ्ऺपीड़क कायर्वाही नहीं की जाएगी।
7.
यहाँ पर यह स्प्ि िकया जाता है िक यिद प्षकारों के मध्य उ्व मध्यस्थता की ्ऺि्वया िवफल होती है तो संबंिधत अवर/िवचारण न्यायालय उपरो्व वाद में आवेदकगण के िवरू्ध िनयमानुसार िविधक कायर्वाही करने को स्वतं्ऴ है और यिद प्षकारों के मध्य उ्व मध्यस्थता की ्ऺि्वया सफल होती है तो आवेदकगण मध्यस्थता कें ्श की उस आख्या के साथ इस न्यायालय में आने को स्वतं्ऴ हैं।
8. उपरो्व अभ्युि्व के साथ धारा 528 भारतीय नागिरक सुर्षा संिहता के अन्तगर्त ्ऺस्तुत िकया गया यह आवेदन प्ऴ अंितम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। May 14, 2026 CP.sahani NA528 No. 19851 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad