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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 14855 (ALL)

ABHISHEK MISHRA v. State of U.P.

BAIL/40090/2024 · 2026-10-05

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 40090 of 2024 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 46/2021, अन्तगर्त धारा 498ए, 304बी भारतीय दण्ड संिहता एवं धारा 3/4 दहेज प्रितषेध अिधिनयम, थाना बाबूपुरवा, िजला कानपुर नगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा पूरकशपथ-पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय। 4. आवेदक का यह िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है। आवेदक का प्रथम जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 3243/2023 में इस न्यायालय के इसी न्यायपीठ के आदेश िदनांक 02.02.2024 के द्वारा िनरस्त िकया गया है। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा एक नया एवं बलवती तकर् प्रस्तुत िकया गया िक वतर्मान वाद से संबंिधत िवचारण (Trial) में वतर्मान में अिभयोजन साक्षी संख्या-07 (PW-7) के िवरुद्ध गैर-जमानतीय वारंट (NBW) िनगर्त िकया जा चुका है, िकतु बार- बार प्रयासों के बावजूद वह न्यायालय में उपिस्थत नहीं हो रहा है, िजसके फलस्वरूप इस मामले के शीघ्र िनस्तारण (Speedy Trial) की कोई संभावना िनकट भिवष्य में प्रतीत नहीं हो रही है। उनके द्वारा अपने तकोर्ं के समथर्न में, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 'Indrani Pratim Mukerjea Vs. Central Bureau of Investigation and Another' (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 1627 of 2022) के मामले Versus Counsel for Applicant(s) : Akhilesh Chandra Shukla, Amarjeet Choudhary, Ray Sahab Yadav, Shailendra Kumar Awasthi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Abhishek Mishra .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) में प्रितपािदत महत्वपूणर् िविध-व्यवस्था का हवाला देते हुए न्यायालय का ध्यान आकृ ष्ट िकया। इसके माध्यम से यह रेखांिकत िकया गया िक िकसी िवचाराधीन बंदी (Under- trial Prisoner) को अिनिश्चतकाल तक कारावास में रखना भारतीय संिवधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्रदत्त उसके मूल अिधकारों (Fundamental Rights) के िवपरीत है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक इस प्रकरण में िद० 28.02.2021 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए, आवेदक को जमानत पर पर मुक्त िकये जाने योग्य है। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, िकतु उनके द्वारा उपयुर्क्त तकोर्ं का खंडन नहीं िकया जा सका। 7. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 8. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही 4. BAIL No. 40090 of 2024 2 करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 9. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 6, 2026 CP.sahani BAIL No. 40090 of 2024 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad