CHHABINATH SINGH YADAV v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
WRIC/41179/2026 · 2026-10-08
Saurabh Shyam Shamshery
body2026
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[ 2026 DAILYLAW 14294 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD WRIT - C No. - 41179 of 2026 Court No. - 36 HON'BLE SAURABH SHYAM SHAMSHERY, J.
1. याची के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवपक्षी-बैंक के िवद्वान अिधवक्ता को सुना गया।
2. पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्तागण इस बात पर सहमत हैं िक इस िरट यािचका को इस न्यायालय की समन्वय पीठ द्वारा बैजंथ बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य (िरट-सी सं. 10013/2026) में पािरत आदेश िदनांक 22.07.2026 के िनबंधनों के अनुसार िनस्तािरत िकया जा सकता है।
3. जहाँ तक वसूली की सीमा का संबंध है, उस पर पक्षकारों के मध्य हुए अनुबंध करार के आलोक में िवचार िकया जाएगा, जैसा िक इस न्यायालय की खंडपीठ द्वारा अंजनी कु मार बनाम िजला अिधकारी, जनपद रायबरेली व अन्य, िरट यािचका सं. 1793 (MB)/2008, िनणीर्त िदनांक 17.08.2010 में पािरत िनणर्य में िनधार्िरत िकया गया है। इस स्तर पर, इस न्यायालय की एक खण्डपीठ द्वारा हाल में िदए गए एक अंतिरम आदेश को भी ध्यान देता हूँ, िजसके द्वारा बैजंथ (उपयुर्क्त) के िनणर्य के प्रस्तर 47 तथा 49 पर अंतिरम रोक लगा दी गई है। (देखें उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम िवकास बैंक िल० एवं अन्य प्रित बैजंथ एवं दो अन्य, अन्तगर्त स्पेशल अपील सं० 1018 सन् 2026 में पािरत आदेश िदनांिकत 09.09.2026)
4. िवपक्षी बैंक याची को ऋण खाते का िववरण एवं अनुबंध की प्रित उपलब्ध कराएगा तथा मािसक िकस्तें भी तय कर सकता है।
5. उपरोक्त िटप्पिणयों के साथ, यह िरट यािचका िनस्तािरत की जाती है। October 9, 2026 AK Versus Counsel for Petitioner(s) : Lal Chandra Yadav Counsel for Respondent(s) : Ashish Agrawal, C.S.C. (Saurabh Shyam Shamshery,J.) Chhabinath Singh Yadav .....Petitioner(s) State of U.P. and Another .....Respondent(s) Digitally signed by :- AWADESH KUMAR High Court of Judicature at Allahabad