PERVINDRA AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NA528/42966/2026 · 2026-10-05
Gautam Chowdhary
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[ 2026 DAILYLAW 14200 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42966 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक की ओर से भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता, 2023 की धारा 528 के अंतगर्त यह आवेदन पत्र, के स संख्या 1827/2026 (राज्य बनाम परवेंद्र व अन्य), जो अपराध संख्या 0319/2025 से उद्भूत है, के संबंध में, धारा 191(2), 191(3), 121(1), 109, 352, 351(3), 125, 324 (3), 190, 309(4), 62 बी.एन.एस. एवं धारा 2/3 सावर्जिनक संपित्त को नुकसान िनवारण अिधिनयम, पुिलस स्टेशन िमलक, िजला रामपुर के अंतगर्त प्रेिषत आरोप- पत्र िदनांिकत 27.08.2025 तथा समन आदेश िदनांिकत 29.07.2026 को अपास्त करने एवं संपूणर् कायर्वाही को अपास्त करने हेतु योिजत िकया गया है।
2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा तकर् प्रस्तुत िकया गया िक आवेदकगण के िखलाफ कोई अपराध नही बनता है और वतर्मान अिभयोग आवेदकगण का उत्पीड़न करने के उद्देश्य से दुभार्वनापूणर् इरादे से शुरू िकया गया है। उन्होंने अपने दावे के समथर्न में कु छ दस्तावेज़ और बयान प्रस्तुत िकए।
4. िवद्वान अिधवक्ता अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा आवेदकगण के तकों का प्रबल िवरोध िकया गया।
5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं एवं अिभलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता िक आवेदक के िवरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष िकए गए सभी अिभवचन (submissions) तथ्य के िववािदत प्रश्नों से संबंिधत हैं, िजनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के Versus Counsel for Applicant(s) : Vijay Pratap Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pervindra And Another .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
अंतगर्त न्याियक िनणर्य नहीं िकया जा सकता है। इस चरण पर के वल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा िक माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हिरयाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 426, िबहार राज्य बनाम पी.पी. शमार्, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 192 और अंत में झंडू फामार्स्युिटकल वक्सर् िलिमटेड बनाम मोहम्मद शराफु ल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (िक्रिमनल) 283 के मामलों में प्रितपािदत कानून के आलोक में स्पष्ट िकया गया है। इसिलए, इस मामले की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने की प्राथर्ना को अस्वीकार िकया जाता है।
6.
तद्नुसार, आवेदकगण की ओर से धारा 528 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत यह आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। October 6, 2026 S.Mishra NA528 No. 42966 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad