ANSHUL BADKUL @ ANASHUL JAIN v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NA528/41314/2026 · 2026-10-04
Gautam Chowdhary
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[ 2026 DAILYLAW 13064 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 41314 of 2026 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, के स संख्या 16875/2025 (राज्य बनाम अंशुल बड़कू ल), जो अपराध संख्या 0015/2025 से उद्भूत है, के संबंध में, धारा 79 बी.एन.एस. और 67 आईटी एक्ट, पुिलस स्टेशन साइबर क्राइम, िजला लिलतपुर में प्रेिषत आरोप पत्र िदनांिकत 06.07.2025 तथा संज्ञान/समंस आदेश िदनांिकत 12.11.2025 को अपास्त करने एवं संपूणर् कायर्वाही अपास्त करने हेतु योिजत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तों को श्रवणोपरान्त, पत्रावली के पिरशीलन से न्यायालय ने पाया िक पिरवाद में लगाए गए आरोप एक संज्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं एवं वह आरोप, िकए गए िववेचना/ अवलोकन के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एस.एस. के तहत अपनी शिक्त का प्रयोग करते हुए, जाँच के दौरान एकत्र की गयी सामग्री के आरोपों की शुद्धता और िवश्वसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदक अिभयुक्त के िववािदत बचाव पर िवचार नहीं िकया जा सकता है। तद्नुसार, प्रसंज्ञान/तलबी या उपरोक्त वाद की कायर्वाही को रद्द करने की प्राथर्ना और पिरणामी कायर्वाही अस्वीकृ त की जाती है।
4. इस स्तर पर, आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता का अनुरोध है िक आवेदक को अभी तक उपरोक्त मामलें में िगरफ्तार नहीं िकया गया है और पुिलस आवेदक को िगरफ्तार करने के प्रयास में है और संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा आवेदक के िखलाफ दण्डात्मक प्रिक्रया जारी की जा सकती है। इसिलए, आवेदक के जमानत आवेदन पत्र पर िवचार करने के िलए संबंिधत िवचारण न्यायालय को िनदेर्श जारी कर िदया जाय।
5. यहां प्रासंिगक है िक माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Satendra Kumar Antil Vs.
Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के प्रकरण को आदेश िद० 07-10-2021 द्वारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदेर्श देते हुए िनस्तािरत िकया जा चुका है, इसके पश्चात् अब संबंिधत िवचारण न्यायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंित्रत करने वाले वैधािनक प्रािवधानों को प्रभािवत िकए िबना, इस न्यायालय द्वारा कोई िविशष्ट िनदेर्श जारी Versus Counsel for Applicant(s) : Ashok Trivedi, Rahul Trivedi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Anshul Badkul @ Anashul Jain .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंिक यह अपेक्षा की जाती है िक संबंिधत िवधारण न्यायालय आवेदकगण के जमानत प्राथर्ना पत्र को िनस्तािरत करते सगय माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले से जारी आवश्यक िदशा-िनदेर्शों को ध्यान में रखेगा।
6. उपरोक्त िटप्पिणयों के साथ, यह आवेदन पत्र अिन्तम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। October 5, 2026 S.Mishra NA528 No. 41314 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad