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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 12295 (ALL)

PRADIP SHARMA v. STATE OF U.P.

BAIL/45032/2025 · 2026-10-04

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 45032 of 2025 Court No. - 73 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 216/2024, अन्तगर्त धारा 409 भारतीय दंड संिहता, थाना कोतवाली, िजला बस्ती में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा पूरकशपथ-पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय। 4. आवेदक का यह िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है। आवेदक का प्रथम जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 1874/2025 में इस न्यायालय के इसी न्यायपीठ के आदेश िदनांक 05.08.2025 के द्वारा िनरस्त िकया जा चुका है। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा एक अन्य नवीन एवं सबल तकर् प्रस्तुत िकया गया िक यद्यिप प्रस्तुत प्रकरण प्रथम श्रेणी मिजस्ट्रेट द्वारा िवचारणीय (Triable) है, िकतु िवद्वान मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, बस्ती की न्यायालय द्वारा िदनांक 01.04.2025 को आवेदक के िवरुद्ध आरोप िवरिचत (चाजर् फ्रे म) िकए जाने के उपरांत भी, इस जमानत प्राथर्ना पत्र के योजन ( फाइिलग) की ितिथ तक िवचारण न्यायालय द्वारा िकसी भी अिभयोजन साक्षी (Prosecution Witness) की परीक्षा नहीं की गई है। इसके अितिरक्त, यह भी उल्लेखनीय है िक आरोप-पत्र (चाजर्शीट) में कु ल 10 गवाह दशार्ए गए हैं, िकतु अनुसंधान अिधकारी (I.O.) द्वारा कई महत्वपूणर् िबदुओं एवं साक्ष्यों की िववेचना ही नहीं की गई है। ऐसी िस्थित में, िवचारण (Trial) के िनकट भिवष्य में िनष्कषर् पर पहुँचने अथवा समाप्त होने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है। चूंिक 'त्विरत िवचारण' (Speedy Trial) का अिधकार अिभयुक्त का मौिलक अिधकार है, Versus Counsel for Applicant(s) : Rajesh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pradip Sharma .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) अतः िवलंब के इस आधार पर भी आवेदक न्यायसंगत रूप से जमानत पर मुक्त िकए जाने का पूणर् अिधकारी है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 01.11.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए, आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय। 7. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 8. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 9. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत BAIL No. 45032 of 2025 2 िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। October 5, 2026 CP.sahani BAIL No. 45032 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad