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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 11115 (ALL)

SANJEET YADAV v. SHRI SHAMIM AHMAD ANSARI

CAPL/5471/2026 · 2026-09-28

Vikas Budhwar

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CONTEMPT APPLICATION (CIVIL) No. - 5471 of 2026 Court No. - 53 HON'BLE VIKAS BUDHWAR, J. 1. This Court on 15.09.2026 proceeded to pass the following order:- "1. The present contempt application has been preferred alleging willful defiance of the order dated 20.08.2025 passed in Criminal Misc. Application U/s 529 of B.N.S.S. No. 2818 of 2025 (Sanjeet Yadav Versus State of U.P. and 3 Others), order whereof is quoted herein under:- "1. Heard learned counsel for the applicant and learned Additional Government Advocate for the State. 2. By means of this application, the only prayer made by the applicant is that a direction be issued to the Special Judge POCSO- III, Gorakhpur to proceed with the trial in Sessions Trial no. 689 of 2019 (State vs Sanjeet Yadav) arising out of Case Crime No.404 of 2017, under Sections 354(A), 504, 506 IPC & section 7//8 of POCSO Act, PS- Gagaha, District- Gorakhpur, within a short stipulated period. 3. Considering the facts of the case but without expressing any opinion on the merits of the applicant's case, this application U/s 529 B.N.S.S. is finally disposed of with a direction to the court below concerned to decide the aforesaid case in accordance with law without granting unnecessary adjournments to either of the parties as expeditiously as possible, if there is no legal impediment." 2. This Court on 17.08.2026 proceeded to pass the following order:- "1. Learned counsel for the applicant is directed to serve a copy of contempt application upon Registrar (compliance), within 24 hours. 2. Registrar (compliance) shall seek instructions in the matter from officer concerned, within next one month. 3. Put up this case on 15.09.2026, as fresh. 4. In the meantime, office is directed to inform the Registrar (Litigation) about this Versus Counsel for Applicant(s) : Babhru Vahan Singh Counsel for Opposite Party(s) : Sudhir Mehrotra Sanjeet Yadav .....Applicant(s) Shri Shamim Ahmad Ansari .....Opposite Party(s) matter." 3. Though, there happens to be the comments of the opposite party dated 08.09.2026, and Sri Sudhir Mehrotra has also provided the comments which are same. The comments of the Judicial Officer dated 08.09.2026 reads as under:- "महोदय, सम्मानपूवर्क िनवेदन करना है िक िवशेष सत्र परीक्षण संख्या 689/2019 राज्य बनाम संजीत यादव अन्तगर्त धारा 354 क, 504, 506 भा0 दं0 सं0 व 7/8 पाक्सो एक्ट, थाना गगहा, िजला गोरखपुर की पत्रावली िवचारण हेतु मेरे न्यायालय में लंिबत है िजसमें िदनांक 17-02-2023 को अिभयुक्त संजीत यादव के िवरुद्ध आरोप अन्तगर्त धारा 354 क, 504,506 भा0 दं0 सं0 व 7/8 पाक्सो एक्ट में िवरिचत िकया गया, आरोप िवरिचत िकये जाने के उपरान्त अिभयोजन की तरफ से साक्षी पी0 डब्लू 1 पीिड़ता की मुख्य परीक्षा िदनांक 21-01-2025 को अंिकत कराया गया तथा उसी िदनांक को बचावपक्ष की ओर से स्थगन प्राथर्नापत्र प्रस्तुत िकया गया िजसे िवचारण न्यायालय द्वारा मु0 1000/- रूपये हजेर् पर स्वीकार करते हुए साक्षी/पीिड़ता के प्रितपरीक्षा हेतु िदनांक 04-02-2025 की ितिथ िनयत की गयी, परन्तु बचावपक्ष की ओर से समय 4.00 बजे सांय तक साक्षी/पीिड़ता से प्रितपरीक्षा हेतु कोई उपिस्थत नहीं हुआ और न ही स्थगन प्राथर्नापत्र ही प्रस्तुत िकया गया, तदोपरान्त बचावपक्ष को साक्षी/पीिड़ता से प्रितपरीक्षा का अवसर समाप्त िकया गया। बचावपक्ष की ओर से िदनांक 23-04-2025 को साक्षी/पीिड़ता से प्रितपरीक्षा हेतु पुनः तलब िकये जाने हेतु प्राथर्नापत्र प्रस्तुत िकया गया िजसे िवचारण न्यायालय द्वारा िदनांक 27-05-2025 को मु0 1000/- रूपये पर स्वीकार िकया गया। िदनांक 23-09-2025 को साक्षी/पीिड़ता के न्यायालय में उपिस्थत आने पर बचावपक्ष की ओर से साक्षी/पीिड़ता से प्रितपरीक्षा न िकये जाने हेतु मौिखक याचना की गयी िजसे िवचारण न्यायालय द्वारा अस्वीकार कर पुनः बचावपक्ष का साक्षी/पीिड़ता से प्रितपरीक्षा का अवसर समाप्त िकया गया। वतर्मान में पत्रावली शेष साक्षी अिभयोजन हेतु िनयत है। माननीय न्यायालय को सादर यह भी अवगत कराना है िक माननीय न्यायालय द्वारा प्राथर्नापत्र अन्तगर्त धारा 529 बी.एन.एस.एस. नम्बर 2818/2025 में पािरत आदेश िदनांिकत 20-08-2025 की सत्यप्रितिलिप िवचारण न्यायालय के समक्ष िदनांक 16-09-2025 को प्रस्तुत की गयी िजसका सम्मानपूवर्क अवलोकन कर शािमल पत्रावली िकया गया। उल्लेखनीय है िक पूवर् में उक्त पत्रावली िवशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट -1 गोरखपुर के न्यायालय में लंिबत थी जो श्रीमान जनपद न्यायाधीश द्वारा पािरत आदेश िदनांिकत 24-09- 2025 के द्वारा िवशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट -3 गोरखपुर के न्यायालय में स्थानान्तिरत हुई तदोपरान्त पुनः उक्त पत्रावली श्रीमान जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा पािरत आदेश िदनांिकत 02-01-2026 के अनुपालन मेरे न्यायालय में स्थानान्तिरत होकर प्राप्त हुई। बचावपक्ष की ओर से िवचारण में सहयोग न िकये जाने के कारण बचाव पक्ष का साक्षी/पीिड़ता से िजरह का अवसर समाप्त िकया गया। बचाव पक्ष का आचरण प्रश्नगत मामले की कायर्वाही को िवलिम्बत करने का रहा है। अिभयोजन के शेष सािक्षयों की उपिस्थित सुिनिश्चत कराने हेतु उनके िवरुद्ध सम्मन िनगर्त िकया गया है। मेरे द्वारा माननीय न्यायालय की मंशा के अनुरूप उपरोक्त मामले का शीघ्र अितशीघ्र िनस्तारण हेतु साथर्क प्रयास िकया जा रहा है। माननीय न्यायालय द्वारा इस मामले में पािरत आदेश के मंशा के अनुरूप प्रश्नगत मामले का िनस्तारण न िकये जाने के िलए में क्षमाप्राथीर् हूं। अतः आपसे सादर प्राथर्ना है िक उपरोक्त आख्या व स्पष्टीकरण माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष सादर अवलोकनाथर् प्रस्तुत करने की कृ पा करें।" CAPL No. 5471 of 2026 2 4. A bare look of the same would show that an allegation has been leveled that the applicant who happens to be the accused is not co-operating. However, there is nothing on record as to what steps stood undertaken by the opposite party post 02.01.2026 when the file stood transferred to the Judicial Officer. 5. Let a proper/detailed comments be submitted by the Judicial Officer in that regard. 6. Put up this case on 29.09.2026, as fresh. 7. When the matter is made listed name of Sri Sudhir Mehrotra (AoR No. A/S 1440/2012)." 2. Today instructions have been produced dated 24.09.2026, which is quoted herein under:- "प्रेषक, शमीम अहमद अंसारी अपर जनपद न्यायाधीश/िवशेष न्यायाधीश (रेप एण्ड पाक्सो) कोटर् संख्या-2, गोरखपुर। सेवा में, रिजस्ट्रार (ज्यूिडिशयल)(िलटीगेशन), माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद। द्वारा, जनपद न्यायाधीश गोरखपुर। िवषय:- अवमानना प्राथर्ना पत्र (िसिवल सं० 5471/2026), संजीत यादव बनाम श्री शमीम अहमद अंसारी, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पािरत आदेश िदनांिकत-15.09.2026 के संबंध में आख्या/स्पष्टीकरण। महोदय, ससम्मान िनवेदन करना है िक िवशेष सत्र परीक्षण संख्या-689/2019 राज्य बनाम संजीत यादव, अंतगर्त धारा-354,504,506 भा०दं०सं० व धारा-7/8 पॉक्सो एक्ट थाना गगहा, जनपद गोरखपुर की पत्रावली िवचारण हेतु मेरे न्यायालय में लंिबत है। उक्त पत्रावली श्रीमान जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा पािरत आदेश िदनांिकत-02.01.2026 के अनुपालन में मेरे न्यायालय में स्थानांतिरत होकर प्राप्त हुई थी। जो शेष साक्षी अिभयोजन हेतु पत्रावली िदनांक-29.09.2026 में िनयत है। उक्त पत्रावली स्थानांतरण द्वारा प्राप्त होने के उपरांत मेरे द्वारा अिभयोजन के शेष सािक्षयों की उपिस्थित सुिनिश्चत कराने हेतु उनके िवरुद्ध सम्मन िनगर्त िकये। उक्त पत्रावली में संलग्न आरोप पत्र के अनुसार अिभयोजन सािक्षयों के रूप में वािदनी मुकदमा/पीिड़ता, एफ.आई.आर. लेखक एच.एम. श्री रामएकबाल, श्री किलका प्रसाद गुप्ता, स्वतंत्र साक्षी श्री संजय दूबे, स्वतंत्र साक्षी श्री धनंजय दूबे, स्वतंत्र साक्षी श्री श्यामलाल, श्री िपन्टू दूबे, स्वतंत्र साक्षी श्री िप्रयकांत दूबे, स्वतंत्र साक्षी श्री ओंकार ओझा, िववेचक एस.आई. श्री ित्रयुगीनारायण ितवारी के नाम अंिकत हैं, िजसमें अिभयोजन साक्षी पी०डब्लू०-1 वािदनी मुकदमा/पीिड़ता का साक्ष्य अंिकत िकया जा चुका है। अिभयोजन साक्षी श्री संजय दूबे, CAPL No. 5471 of 2026 3 स्वतंत्र साक्षी श्री धनंजय दूबे, स्वतंत्र साक्षी श्री श्यामलाल की उपिस्थित सुिनिश्चत कराने हेतु उनके िवरुद्ध जमानती वारंट िनगर्त िकये गये हैं। अिभयोजन पक्ष के सभी सािक्षयों के साक्ष्य शीघ्र-अितशीघ्र पूणर् कराकर उपरोक्त पत्रावली का िनस्तारण मेरे द्वारा िकये जाने का साथर्क प्रयास िकया जा रहा है। उपरोक्त पत्रावली के िनस्तारण में िवलंब होने के िलए मैं क्षमा प्राथीर् हूँ। अतः आपसे सादर प्राथर्ना है िक उपरोक्त आख्या/स्पष्टीकरण को माननीय न्यायालय के समक्ष सहानुभूितपूवर्क िवचार करने हेतु प्रस्तुत करने की कृ पा करें। “सादर” भवदीय िदनांक-24.09.2026 (हस्ताक्षर) (शमीम अहमद अंसारी) अपर सत्र न्यायाधीश/िवशेष न्यायाधीश (रेप एण्ड पाक्सो) कोटर् संख्या-2, गोरखपुर।" 3. As per the instructions, the statement of PW-1 has been recorded and so far as the statement of Sri Sanjay Dubey, Dhananjay Dubey and Shyamlal, they have not appeared, so bailable warrants have been issued. Steps have been taken to comply with the order of the Court. 4. Be that as it may be, merely because the order of the Court is for disposal of the proceedings expeditiously does not mean that the long dates be given and the matter not be decided. expeditiously. 5. The Court does not find that there is any willful disobedience. Accordingly the contempt application is consigned to record requiring the Judicial Officer before whom the proceedings are pending to conclude the same with most expeditions while resorting to methods which are available under law and not to give undue adjourment leaving it open to approach appropriate forum as and when occasion arises. 6. Instructions filed today are taken on record and marked as Appendix 'A'. September 29, 2026 N.S.Rathour CAPL No. 5471 of 2026 4 (Vikas Budhwar,J.) Digitally signed by :- NIPENDRA SINGH RATHOUR High Court of Judicature at Allahabad