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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 10982 (ALL)

ABHISHEK KUMAR RAWAT v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NA528/42504/2026 · 2026-09-30

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42504 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 भारतीय सुरक्षा संिहता के अंतगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 724/2022, अंतगर्त धारा 323, 354ए, 506, 325 भारतीय दण्ड संिहता, थाना नैनी, िजला प्रयागराज में प्रेिषत आरोप पत्र, िदनांिकत 14.02.2023 से उद्भूत सत्र वाद सं० 16/2023 ( State Vs. Pankaj Kumar Rawat and others), जो अपर िजला न्यायाधीश-8, इलाहाबाद के न्यायालय में लंिबत है, में पािरत तलबी आदेश िद० 23.02.2023 तथा इस वाद की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता का तकर् है िक आवेदक के िवरुद्ध कोई अपराध प्रकट नहीं होता है और वतर्मान अिभयोजन दुभार्वनापूणर् इरादे से उत्पीड़न करने के उद्देश्य से संिस्थत िकया गया है। यहां प्रासंिगक है िक इस मामलें में पुिलस द्वारा करायी गयी किथत बरामदगी का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और न ही आवेदक का कोई आपरािधक इितहास है। पुिलस द्वारा दशार्यी गयी बरामदगी पूणर्तः सुस्थािपत है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक िवचारण में पूरा सहयोग कर रहा है। पुनः उनके द्वारा अपने तकर् के समथर्न में कु छ दस्तावेजों और बयानों की ओर ध्यान आकिषत िकया। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने कथन िकया िक प्रश्नगत मामलें में समुिचत िववेचना के उपरांत अिभयुक्त के िवरूद्ध आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है तथा उस पर संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा पयार्प्त आधार पर प्रश्नगत आदेश पािरत िकया है तथा अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रश्नगत आदेश को अपास्त करने हेतु जो तकर् प्रस्तुत िकए गए वे बलहीन है। 5. इस चरण पर, आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा उठाए गए तकर् में तथ्यात्मक िववाद का न्याियक िनणर्य (adjudication) और साक्ष्य का मूल्यांकन (appraisal) शािमल है। 6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं एवं अिभलेख पर मौजूद सामग्री के अवलोकन से और इस चरण पर मामले के तथ्यों को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता िक आवेदक के िवरुद्ध कोई अपराध नहीं बनता है। बार (न्यायालय) के समक्ष िकए गए सभी अिभवचन (submissions) Versus Counsel for Applicant(s) : Neha Kumari, Shashi Kumar Dwivedi, Surendra Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Abhishek Kumar Rawat .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) तथ्य के िववािदत प्रश्नों से संबंिधत हैं, िजनका इस न्यायालय द्वारा धारा 528 बी.एन.एन.एस. के अंतगर्त न्याियक िनणर्य नहीं िकया जा सकता है। इस चरण पर के वल प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला देखा जाना है, जैसा िक माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आर.पी. कपूर बनाम पंजाब राज्य, ए.आई.आर. 1960 एस.सी. 866, हिरयाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 426, िबहार राज्य बनाम पी.पी. शमार्, 1992 एससीसी (िक्रिमनल) 192 और अंत में झंडू फामार्स्युिटकल वक्सर् िलिमटेड बनाम मोहम्मद शराफु ल हक एवं अन्य (पैरा-10) 2005 एससीसी (िक्रिमनल) 283 के मामलों में प्रितपािदत कानून के आलोक में स्पष्ट िकया गया है। इसिलए, इस मामले की संपूणर् कायर्वाही को िनरस्त करने की प्राथर्ना को अस्वीकार िकया जाता है। 7. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। 8. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत अवर न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत िकया जाय। October 1, 2026 CP.sahani NA528 No. 42504 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad