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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 13547 of 2026 Court No. - 82 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अंतगर्त प्रस्तुत यह आवेदन पत्र, वाद सं० 0531 वषर् 2025, अंतगर्त धारा 144 बी.एन.एस.एस., थाना मिहला थाना िसिवल लाइन्स, जनपद प्रयागराज में प्रधान न्यायाधीश, पािरवािरक न्यायालय, प्रयागराज द्वारा पािरत प्रश्नगत आदेश िदनांिकत 30.05.2025 के िवरूद्ध तथा साथ ही इस वाद की संपूणर् कायर्वाही को खिण्डत करने हेयु योिजत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना एवं पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता का कथन है िक आवेदक का िववाह िवपक्षी संख्या-2 के साथ िदनांक 25.06.2018 को िहदू रीित-िरवाजों और परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ था। आवेदक या उनके पिरवार के सदस्यों को कोई दहेज या उपहार नहीं िदया गया था। आवेदक संख्या-1 एक अल्प आय वाला व्यिक्त है और एक िनजी कं पनी में िनजी नौकरी कर रहा है। यहां, उल्लेखनीय है िक िवपक्षी संख्या-2 द्वारा अपने िपता के साथ परामशर् कर स्वयं एक झूठी और मनगढ़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़ंत कहानी रची और अपने िपता के माध्यम से आवेदक और उसके पूरे पिरवार के सदस्यों के िवरुद्ध थाना- मिहला थाना, िजला- प्रयागराज में िदनांक 06.05.2025 को समय लगभग शाम 19:31 बजे प्रथम सूचना िरपोटर् दजर् कराई गयी। उक्त प्रथम सूचना िरपोटर् भारतीय न्याय संिहता की धारा 85, 352, 74 सहपिठत दहेज िनषेध अिधिनयम की धारा 3/4 के तहत दंडनीय अपराधों के िलए के स अपराध संख्या 0016/2025 के रूप में दजर् की गई, िजसमें आवेदक के िवरुद्ध आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है। तत्पश्चात, आवेदक ने उपयुर्क्त आरोप पत्र और सम्मन आदेश को इस माननीय न्यायालय के समक्ष 'िक्रिमनल िमसलेिनयस एप्लीके शन संख्या 51781/2025 ( पीयूष कु मार िमश्रा एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य') के माध्यम से चुनौती दी। इस माननीय न्यायालय ने मामले को मध्यस्थता एवं सुलह कें द्र, इलाहाबाद को Versus Counsel for Applicant(s) : Vinay Kumar Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Piyush Mishra .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
संदिभत िकया है और अपने आदेश िदनांक 16.02.2026 द्वारा आवेदक और उसके पिरवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षा प्रदान की। इससे पिरलिक्षत है िक पित-पत्नी के बीच िववाद वैवािहक प्रकृ ित का है, िजसे समझौते के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। आगे यह भी कहा गया िक िवपक्षी संख्या-2 ने आवेदक के िवरुद्ध भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 144 (पुरानी धारा 125 Cr.P.C.) के तहत वाद संख्या 531/2025 'िशप्रा िमश्रा बनाम पीयूष कु मार िमश्रा' भी दायर िकया है, जो िवचारण अदालत में लंिबत है तथा आवेदक को नोिटस िनगर्त िकया गया है, जो सुसंगत तौर से िवचािरत िकये िबना ही पािरत िकया गया है। उपयर्क्त तथ्यों से पिरलिक्षत है िक प्रश्नगत आदेश खिण्डत िकये जाने योग्य है।
4.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता का कथन है िक प्रश्नत आदेश में संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा अिभयुक्त को धारा 144 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त नोिटस िनगर्त िकया गया है, इसमें संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा कोई प्रश्नगत आदेश/ िनणर्य पािरत नहीं िकया गया है। इस स्तर पर यह आवेदन पत्र पोषणीय नहीं है। इसिलए , आवेदक द्वारा प्रस्तुत यह आवेदन पत्र िनरस्त िकये जाने योग्य है।
5. उभय पक्षों के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों के पिरशीलन तथा स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए, यह धारा 528 बी.एन.एस. एस. के अंतगर्त प्रस्तुत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः इस मामलें के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अंतगर्त प्रस्तुत इस आवेदन पत्र को िनरस्त िकया जाता है।
7. कायार्लय को िनदेर्श िदया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप संबंिधत अवर न्यायालय को अिवलम्ब भेजना सुिनिश्चत िकया जाय।
8. यिद इस वाद में कोई अंतिरम आदेश हो तो, उसे समाप्त समझा जाय। April 20, 2026 CP.sahani NA528 No. 13547 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad