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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 10456 (ALL)

SURENDRA v. STATE OF U.P.

NA528/42501/2026 · 2026-09-30

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42501 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक की ओर से धारा 528 बी.एन.एस.एस. के अंतगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 361 सन 2026, अन्तगर्त धारा 8/18/29 एन.डी.पी,.एस. एक्ट, थाना बारादरी, िजला बरेली से उद्भूत िविवध वाद सं० 451/2026 (State Vs. Surendra) में अपर सत्र न्यायाधीश, कोटर् सं० 3, बरेली द्वारा पािरत आदेश िद० 04.07.2026 को अिभखिण्डत करन हेतु योिजत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की ओर से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना एवं पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता का तकर् है िक प्रथम सूचना िरपोटर् के पंजीकरण के समय िववेचना अिधकारी द्वारा एक झूठा बरामदगी ज्ञापन (िरकवरी मेमो) तैयार िकया गया, िजसमें आवेदक की िनशानदेही/कब्जे से 528 ग्राम अफीम और एक पल्सर मोटरसाइिकल की बरामदगी िदखाया जाना दशार्या गया है। एफ.आई.आर. के पंजीकरण के पश्चात आवेदक को जेल भेज िदया गया और जमानत पर िरहा होने के पश्चात, आवेदक द्वारा पल्सर मोटरसाइिकल संख्या UP25EE7473 को िरलीज (मुक्त) कराने हेतु अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-3, बरेली के समक्ष िदनांक 05.06.2026 को शपथ पत्र के साथ एक िरलीज प्राथर्ना पत्र प्रस्तुत िकया गया, िजसके तथ्यों और पिरिस्थितयों पर िवचार िकए िबना तथा कानून के प्रावधानों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय द्वारा सुंदरभाई अंबालाल देसाई (सुप्रा) के ऐितहािसक िनणर्य में प्रितपािदत िविध की अवहेलना करते हुए, अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-3, बरेली द्वारा अपने िदनांक 04.07.2026 के आदेश के माध्यम से आवेदक के िरलीज प्राथर्ना पत्र को खािरज कर िदया गया है। इसिलए, प्रश्नगत आदेश अपास्त िकये जाने योग्य है। 4. इसके िवपरीत, िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आक्षेिपत आदेश का समथर्न करते हुए तकर् िदया िक बरामद वस्तुएं अवैध मादक पदाथोर्ं के व्यापार से अिजत हो सकती हैं, िकतु उनके द्वारा इसका खंडन नहीं िकया जा सका िक वाहन को अिनिश्चत काल तक थाने में खड़े रहने देने से Versus Counsel for Applicant(s) : Rajesh Kumar Verma Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Surendra .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) उसकी िस्थित खराब हो जाएगी और वह पूणर्तः कबाड़ हो जाएगा, िजससे िकसी भी पक्ष का कोई िहत नहीं सधता है। 5. उभय पक्षकारों के तकोर्ं एवं अिभलेख पर उपलब्ध सामग्री के अनुशीलन से यह स्पष्ट है िक प्रश्नगत पल्सर मोटरसाइिकल संख्या UP25EE7473 अिभयुक्त/आवेदक से बरामद की गई थीं, िकतु ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य वतर्मान चरण में प्रस्तुत नहीं िकया गया है जो यह िसद्ध करे िक यह वाहन िकसी अपराध की िवषय-वस्तु (subject matter) हैं या इनके थाने/मालखाने में बने रहने से मुकदमे के िवचारण पर कोई अनुकू ल प्रभाव पड़ेगा। यहां प्रासंिगक है िक माननीय उच्चतम न्यायालय ने सुंदरभाई अंबालाल देसाई (सुप्रा) के ऐितहािसक िनणर्य में स्पष्ट रूप से यह िनधार्िरत िकया है िक ज़ब्त की गई संपित्त/वस्तुओं को अनावश्यक रूप से मालखाने या थाने में वषोर्ं तक रोके रखना जनिहत एवं न्यायिहत में नहीं है। न्यायालयों को ऐसी वस्तुओं की उिचत फोटो/पंचनामा तैयार कराकर तथा उपयुक्त मुचलके /प्रितभूित पर उनके वास्तिवक स्वामी को अवमुक्त/िनमुर्क्त कर देना चािहए। उपयुर्क्त तथ्यों, पिरिस्थितयों एवं िविध व्यवस्था के आलोक में, यह आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य है। 7. तद्नुसार, यह आवेदन पत्र स्वीकार िकया जाता है तथा अपर सत्र न्यायाधीश, कोटर् सं० 3, बरेली द्वारा पािरत आदेश िद० 04.07.2026 अपास्त (Set-aside) िकया जाता है। 8. तदनुसार, आवेदक को यह स्वतंत्रता दी जाती है िक वह संबंिधत िवचारण न्यायालय के समक्ष प्रश्नगत वाहन का स्वािमत्व दशार्ने वाले सभी प्रासंिगक दस्तावेजों के साथ एक उिचत आवेदन दायर करे। यिद, ऐसा आवेदन आज से एक महीने के भीतर दायर िकया जाता है, तो संबंिधत िवचारण न्यायालय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक आवेदक के आवेदन (जमातलाशी से बरामद प्रश्नगत वाह का माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सुंदरभाई अंबालाल देसाई (सुप्रा) के ऐितहािसक िनणर्य में अिभिनधार्िरत िविध-व्यवस्था के आलोक में यथासंभव शीघ्रता से, अिधमानतः उसके बाद 01 माह की अविध के भीतर उसका िनयमानुसार िनस्तारण िकया जाएगा। 9. तदनुसार, यह आवेदन पत्र अंितम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। October 1, 2026 CP.sahani NA528 No. 42501 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad