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Allahabad High Court · body

2026 DAILYLAW 10359 (ALL)

ADIL v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/17750/2026 · 2026-09-29

Gautam Chowdhary

body2026

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 17750 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 174/2024, अन्तगर्त धारा 376(3), 376(1), 506 भारतीय दंड संिहता एवं धारा 5(3), 2/6 पाक्सो एक्ट, थाना मुरादनगर, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक का यह िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है। आवेदक का प्रथम जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 24585/2024 में इस न्यायालय के इसी न्यायपीठ के आदेश िदनांक 11.11.2025 के द्वारा िनरस्त िकया जा चुका है। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने नवीन तकर् प्रस्तुत िकया िक इस मामले के िवचारण (Trial) के दौरान मुख्य अिभयोजन साक्षी सं० 2 (पीिड़ता) ने अपने न्यायालयीन परीक्षण (Examination-in- chief / Cross-examination) के दौरान अिभयोजन पक्ष के कथानक (Prosecution Story) का िबल्कु ल भी समथर्न नहीं िकया है। पीिड़ता ने अपने बयान में आवेदक की संिलप्तता से इनकार िकया है, िजसके पिरणामस्वरूप उसे अिभयोजन पक्ष द्वारा पक्षद्रोही (Hostile) घोिषत िकया जा चुका है। इस महत्वपूणर् पिरिस्थित को देखते हुए मामले का पूरा आधार समाप्त हो जाता है और आवेदक जमानत का प्रबल अिधकारी है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 19.03.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए, आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध िकया, िकतु अिभयोजन Versus Counsel for Applicant(s) : Rajnish Dubey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Adil .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) साक्षी सं० 2 (पीिड़ता) के पक्षद्रोही हो जाने के तथ्य का खंडन नहीं कर सके । 6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 30, 2026 CP.sahani BAIL No. 17750 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad