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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 42422 of 2026 Court No. - 75 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक की ओर से धारा 582 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अन्तगर्त यह आवेदन पत्र, मु०अ०सं० 125 सन 2024 अन्तगर्त धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अिधिनयम, थाना जंसा, िजला वाराणसी में प्रेिषत आरोप पत्र िद० 12.06.2026 से उद्भूत वाद सं० 65485/2026 (State Vs. Subhash Upadhyay), जो अपर मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, कोटर् सं० 1, वाराणसी के न्यायालय में लंिबत है, में पािरत प्रसंज्ञान/तलबी आदेश िद० 14.08.2026 के िवरुद्ध योिजत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं को श्रवणोपरान्त, पत्रावली के पिरशीलन से न्यायालय ने पाया िक प्रथम सूचना िरपोटर्/वाद में लगाए गए आरोप एक संज्ञेय अपराध के कमीशन का खुलासा करते हैं एवं वह आरोप, िकए गए िववेचना/ अवलोकन के उपरान्त लगाए गए हैं। उन आरोपों को इस न्यायालय द्वारा धारा 482 दं०प्र०सं०/धारा 528 बी.एन.एस.एस. के तहत अपनी शिक्त का प्रयोग करते हुए, जॉच के दौरान एकत्र की गयी सामग्री के आरोपों की शुद्धता और िवश्वसनीयता का आकलन करने की आवश्यकता नहीं है। इस स्तर पर आवेदक/ अिभयुक्त के िववािदत बचाव पर िवचार नहीं िकया जा सकता है। तद्नुसार, प्रसंज्ञान/तलबी या उपरोक्त वाद की कायर्वाही को रद्द करने की प्राथर्ना और पिरणामी कायर्वाही अस्वीकृ त की जाती है।
4. इस स्तर पर, आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता का अनुरोध है िक आवेदक को अभी तक उपरोक्त मामले में िगरफ् तार नहीं िकया गया है और पुिलस आवेदक को िगरफ्तार करने के प्रयास में है और संबंिधत िवचारण न्यायालय द्वारा आवेदक के िखलाफ दण्डात्मक प्रिक्रया जारी की जा सकती है। इसिलए, आवेदक के जमानत आवेदन पत्र पर िवचार करने के िलए संबंिधत िवचारण न्यायालय को िनदेर्श जारी कर िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Ashish Kumar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Subash Upadhyay .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
5. यहां प्रासंिगक है िक माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Satendra Kumar Antil Vs.
Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021 के प्रकरण को आदेश िद० 07-10-2021 द्वारा पहले ही जमानत हेतु िदशा-िनदेर्श देते हुए िनस्तािरत िकया जा चुका है, इसके पश्चात् अब संबंिधत िवचारण न्यायालय को जमानत देने के िलए उनके िववेक और िवचार को िनयंित्रत करने वाले वैधािनक प्रािवधानों को प्रभािवत िकए िबना, इस न्यायालय द्वारा कोई िविशष्ट िनदेर्श जारी करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंिक यह अपेक्षा की जाती है िक संबंिधत िवचारण न्यायालय आवेदक के जमानत प्राथर्ना पत्र को िनस्तािरत करते समय माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले से जारी आवश्यक िदशा-िनदेर्शों को ध्यान में रखेगा।
6. उपरोक्त िटप्पिणयों के साथ, यह आवेदन पत्र अिन्तम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। October 1, 2026 CP.sahani NA528 No. 42422 of 2026 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad