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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33392 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 232/2025, अंतगर्त धारा 309(4), 324(4), 351(3) बी.एन.एस., थाना तालग्राम, िजला कन्नौज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में विणत िकया गया है। आवेदक प्राथिमकी में नािमत अिभयुक्त नहीं है। दौरान िववेचना सह-अिभयुक्तगण अनुभव िसह एवं आकाश कु मार को िगरफ्तार करते हुए उनके पास से आभूषण एवं रु० 7,000/- की किथत बरामदगी िदखायी गयी एवं उक्त बरामदगी का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं था। उक्त सह-अिभयुक्तगण के बयान के आधार पर प्रथम बार आवेदक का नाम प्रकाश में आया एवं उसे अिभयुक्त बनाया गया। िदनांक 22.08.2025 को आवेदक ने संबंिधत न्यायालय के समक्ष आत्मसमपर्ण कर िदया। तत्पश्चात उक्त न्यायालय द्वारा आवेदक को एवं एक अन्य अिभयुक्त कु लदीप िमश्रा को न्याियक अिभरक्षा में िलया गया। संबंिधत पुिलस द्वारा कोई िशनाख्त परेड नहीं करायी गयी एवं सह-अिभयुक्तगण के बयान के अितिरक्त आवेदक के िवरुद्ध अिभलेख पर कोई भी साक्ष्य संलग्न नहीं है, िजससे आवेदक के िवरुद्ध उक्त आरोिपत अपराध बनता पिरलिक्षत हो। प्रश्नगत घटना में कोई भी स्वतंत्र साक्षी नहीं है, िजसने आवेदक के िवरुद्ध कथन िकया हो। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत Versus Counsel for Applicant(s) : Arvind Prabodh Dubey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Prem Mishra .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 22.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 26, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 33392 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad