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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 99940 (ALL)

ANKIT KUMAR v. STATE OF U.P.

BAIL/33039/2025 · 2025-09-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33039 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 87/2025, अंतगर्त धारा 316(5), 317(4), 61(2), 334(2), 45 बी.एन.एस., थाना नखासा, िजला सम्भल में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, आवेदक द्वारा किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक प्राथिमकी में नािमत अिभुयुक्त नहीं है, दौरान िववेचना आवेदक का नाम प्रकाश में आया है। आवेदक वतर्मान घटना में िकसी प्रकार से लाभाथीर् नहीं है एवं दूध डेयरी के मािलक अथवा िकसी अन्य व्यिक्त द्वारा आवेदक के िवरुद्ध कोई िशकायत नहीं की गयी है। पुिलस द्वारा िमथ्या रूप से आवेदक को प्रश्नगत वाद में अिभयुक्त बना िदया गया है। यहां प्रासंिगक तथ्य है िक वतर्मान वाद में अन्य सह-अिभयुक्तगण सिचन कु मार, कोिमल उफर् कमल एवं प्रद्युमन उफर् दीपू की जमानत, जमानत प्राथर्नापत्र सं० 23154/2025, 26364/2025 एवं 27239/2025 में इसी न्यायपीठ द्वारा िभन्न-िभन्न ितिथ को स्वीकृ त की जा चुकी है। अतः जमानत प्राप्त सह-अिभयुक्तगण से समान भूिमका के आधार पर आवेदक भी जमानत पाने का अिधकारी है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 02.09.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत Versus Counsel for Applicant(s) : Yadvesh Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ankit Kumar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 24, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 33039 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad