ABHISHEK SINGH ALIAS GULU AND ANOTHER v. STATE OF U.P.
NABAIL/7904/2025 · 2025-09-25
Gautam Chowdhary
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 99546 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 7904 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. यह आवेदकगण का िद्वतीय दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्नापत्र है। आवेदक का प्रथम दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्नापत्र सं० 10036/2024, आदेश िदनांिकत 01.08.2025 को अदम पैरवी में िनरस्त िकया जा चुका है।
2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण Abshishek Singh @ Gulu and Anubhav Singh @ Rahul Bhartiya की ओर से मु०अ०सं० 001/2021, अन्तगर्त धारा 2/3 उ०प्र० िगरोहबंद एवं समाज िवरोधी िक्रया-कलाप िनवारण अिधिनयम, थाना झूंसी, िजला प्रयागराज में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता गुलाब आनंद की तरफ से िवद्वान अिधवक्ता श्री श्याम िकशोर ित्रपाठी एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जय िकशन चौरिसया एवं हिरओम पाण्डेय को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
4. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण िनदोर्ष हैं, उन्हें उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उन्हें आशंका है िक उन्हें उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उनके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। आवेदकगण द्वारा प्राथिमकी में दिशत उपरोक्त धाराओं का अपराध कािरत नहीं िकया गया है। आवेदकगण की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वे कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार हैं और जब भी आवश्यकता होगी वे ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार हैं जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।
5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक आवेदकगण द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा उनके द्वारा िगरोह बनाकर आपरािधक कृ त्यों को अंजाम िदया जाता है, इसिलए आवेदकगण को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है। अतः आवेदकगण का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय।
6.
यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना Versus Counsel for Applicant(s) : Gulab Anand Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Abhishek Singh Alias Gulu And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए।
7. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदकगण की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए प्रथमदृष्टया आवेदकगण को अिग्रम जमानत पर अवमुक्त िकये जाने का कोई नवीन आधार पिरलिक्षत नहीं हो रहा है। अतः मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है, तद्नुसार आवेदकगण का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है।
8. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष पर िटप्पणी िकये बगैर यह अिग्रम जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है।
9. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 26, 2025 Pawan Kumar NABAIL No. 7904 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad