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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33036 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 206/2025, अंतगर्त धारा 61(2), 109(1), 309(5) बी.एन.एस., थाना कबरई, िजला महोबा में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3.(क) आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक प्राथिमकी में नािमत नहीं है, दौरान िववेचना सह-अिभयुक्त के बयान के आधार पर आवेदक को प्रश्नगत घटना में अिभयुक्त बना िदया गया है। पुिलस ने मुखिबर द्वारा दी गई सूचना के आधार पर िदनांक 28.07.2025 को वतर्मान अपराध में सह-अिभयुक्त (सोनू अिहरवार) को िगरफ्तार िकया तथा सह-अिभयुक्त (सोनू अिहरवार) के कब्जे से देशी बन्दूक की बरामदगी दशार्ई तथा सह-अिभयुक्त (सोनू अिहरवार) के इकबािलया बयान पर, आवेदक का नाम वतर्मान अपराध में पहली बार प्रकाश में आया तथा उसने बताया िक उपरोक्त देशी बन्दूक आवेदक द्वारा उसे बेची गई थी। तत्पश्चात सह-अिभयुक्त सोनू अिहरवार के उपरोक्त इकबािलया बयान पर पुिलस ने आवेदक को उसके घर से िगरफ्तार िकया तथा सह-अिभयुक्त राजा भैया के साथ िगरफ्तारी दशार्ई तथा सह-अिभयुक्त (सोनू अिहरवार) का मोबाइल, जो आवेदक को उधार के रूप में 5000/- रुपये िदए गए थे, को जब्त कर िलया तथा िरकवरी मेमो तैयार कर आवेदक का इकबािलया बयान दजर् िकया, िजसमें थाने में पुिलस के दबाव में आकर उसने सह-अिभयुक्त ( सोनू अिहरवार) का बयान स्वीकार िकया तथा सह-अिभयुक्त राजा भैया का इकबािलया बयान भी दजर् िकया। आवेदक को सह-अिभयुक्त के बयान के आधार पर संदेहास्पद तरीके से अिभयुक्त बना िदया गया है। Versus Counsel for Applicant(s) : Awadhesh Prasad Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dayashankar Alias Fallu .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) (ख) अिग्रम आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा कथन िकया गया िक चुटैल द्वारा भी कोई बयान नहीं िकया गया है एवं कोई िशनाख्त परेड नहीं करायी गयी है। दौरान िववेचना स्वतंत्र साक्षी ने भी अपने बयान में िकसी भी अिभयुक्त की पहचान स्पष्ट नहीं की है एवं सीसीटीवी कै मरे में सह -अिभयुक्त सोनू अिहरवार भी िदखाई नहीं दे रहा है। सह-अिभयुक्त (सोनू अिहरवार) द्वारा पूवर् के पैसे के लेन-देन की रंिजश को लेकर आवेदक के िवरुद्ध बयान देकर अिभयुक्त बना िदया गया है , जोिक आवेदक के िवरुद्ध साक्ष्य के रूप में स्वीकायर् नहीं है। आवेदक के कब्जे से कोई देशी आग्नेयास्त्र अथवा संिदग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं पायी गयी है। आवेदक ने न तो ऐसा कोई अपराध करने की योजना बनाई थी और न ही सह-अिभयुक्त सोनू अिहरवार को उपरोक्त देशी आग्नेयास्त्र
बेचने की योजना बनाई थी, न ही उसे आग्नेयास्त्र बेचा था। सह-अिभयुक्त (सोनू अिहरवार) के इकबािलया बयान के अितिरक्त, आवेदक के िवरुद्ध अिभलेख पर कोई अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं है तथा उपरोक्त इकबािलया बयान साक्ष्य की दृिष्ट से िवश्वसनीय नहीं है। आवेदक द्वारा अपने पूवर् के आपरािधक इितहास को शपथपत्र के प्रस्तर सं० 18 में स्पष्ट िकया गया है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 29.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii.
आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। BAIL No. 33036 of 2025 2
iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 24, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 33036 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad