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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32400 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक पारसनाथ पाण्डेय की ओर से मु०अ०स० 220/2023, अन्तगर्त धारा 419/ 420/ 467/ 468/ 471/ 406/ 504/ 506 भा.दं.सं. थाना-चोलापुर, िजला वाराणसी में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चन्दन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में झूठा फसाया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है, आवेदक वादी मुकदमा को जानता एवं पहचानता नहीं है, न ही कभी िमला, न ही कभी नाम सुना है व न ही उसके द्वारा आवेदक को अथवा उसके खाते में कोई पैसा ही भेजा गया है। आवेदक उपरोक्त बैरक छावनी, कै ण्टोमेन्ट एिरया, हावड़ा, पिश्चम बंगाल में चाय की दुकान चलाकर अपना व अपने पिरवार पेट पालता है तथा न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखने वाला एक सीधा-साधा व्यिक्त है तथा वषर् 2019 से ही कल्याणी गाँधी मेमोिरयल अस्पताल में हाटर् व िकडनी के रोगों से पीिड़त होने के कारण उसक इलाज चल रहा है। वादी मुकदमा रंजीत िसह के एफ.आई.आर. कथानक में कहीं भी आवेदक का नाम नहीं आया है, न ही वादी ने िकसी भी तरह की कोई रकम आवेदक को देना बताया है या मात्र नाम ही िलया है तथा वादी को सह-अिभयुक्त संजय से कै से जान-पहचान हुई न हीं ये बताया गया है मात्र फोन से बात होना कहा गया है। आवेदक उपरोक्त का मुकदमा उपरोक्त से कोई सम्बन्ध नहीं है तथा उसे गलत तरीके से मुिल्जम बनाया गया है। आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 18.05.2025 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
Versus Counsel for Applicant(s) : Abhay Mani Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Parasnath Pandey .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िकः- प्रश्नगत प्रकरण अिभयुक्त द्वारा अन्य सह-अिभयुक्तगण के साथ िमलकर वादी मुकदमा को धोखा देकर उसकी नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 12 लाख रूपये धोखे से हड़प िलये जाने अिभयोग है। अिभयुक्त द्वारा फजीर् िनयुिक्त पत्र व पहचान पत्र भी िदया जाना कहा गया है। के स डायरी के पचार् नं0 2 पर वादी ने अपने बयान अंतगर्त धारा 161 दं०प्र०सं० में अिभयोजन कथानक का समथर्न िकया है। के स डायरी के पचार् नं० 5 अवलोकन बैंक िडटेल है िजसके अनुसार पैसों के लेन-देन आवेदक के खाते से होना दिशत है। जो िक िनम्न हैः- (1) िदनांक 01.01.2021 को रू0 2,00,000/ (दो लाख) रुपये, रंजीत िसह के खाता संख्या 40530100003929 से पारस नाथ पांडेय के खाता संख्या 50100326321660, में, (2) िदनाँक 01.02.2021 को भीम एप के माध्यम से रू0 25,000/25,000/, अथार्त रू0 50,000/ (पचास हजार) रूपए, संजय चौहान के खाता संख्या 38953332588 में, (3) िदनांक 05.02.2021, में रू0 50,000/पचास हजार रूपए, रघुराज प्रताप िसह के खाता संख्या 40530100003930 से पारस नाथ पांडेय के खाता संख्या 50100326321660 में, (4) िदनांक 12.02.2021 को रू0 2,00,000/ (दो लाख) रूपए, रघुसज प्रताप िसह के खाता सख्या 40530100003930 से पारस नाथ पांडेय के खाता संख्या 50100326321660 मे, (5) िदनांक 19.02.2021 को रू0 1,00,000 / (एक लाख) रूपए, रघुराज प्रताप िसह के खाता संख्या 40530100003930 से पारस नाथ पांडेय के खाता संख्या 50100326321660 मे, (6) िदनांक 25. 02.2021, को रू0 1,50,000/ (एक लाख) रूपये, रघुराज प्रताप िसह के खाता संख्या 40530100003930 से संजय चौहान के खाता संख्या 38953332588 में, तथा (7) िदनांक 25.02.2021, को रू0 1,50,000/ (एक लाख) रूपये,' अजीत िसह के खाता संख्या 6225000100014834 से संजय चौहान के खाता संख्या 21056764263 में छम्थ्ज के माध्यम से, अथार्त रू० 9,00,000/ (नौ लाख) रुपए, स्थानांतिरत िकया गया है। बाद अवलोकन बैंक से सम्बंिधत प्रपत्र सुलभ संदभर् हेतु संलग्न रोज० खास िकया जा रहा है। BAIL No. 32400 of 2025 2
5.
के स डायरी के पचार् नं0 7 को देखा जाये तो इसमें वादी को िदया गया िनयुिक्त पत्र फजीर् पाये जाने का उल्लेख है। मामले के सह-अिभयुक्त के ऊपर दस माह तक धोखा धड़ी करते हुए झारखण्ड के चतरा िजले में ट्रेिनग करवाये जाने की भी बात का उल्लेख िकया गया है जो उसके आपरािधक मनःिस्थित को स्पष्ट करता है। के स डायरी के पचार् नंबर 26 पर प्रश्नगत अिभयुक्त का नाम प्रकाश में आया है िजसमें सह-अिभयुक्त जय चौहान उफर् िपन्द्र का मजीद बयान में कथन िकया िक उसकी मुलाकात पारसनाथ पाण्डेय से हुई िजसने कहा िक उसके सरकारी िवभाग में बड़े अफसरों से जान पहचान है, यिद पैसे की व्यवस्था की जाए तो िरश्तेदारों व दोस्तों को नौकरी िदलवाने की बात कही एवं फजीर् िनयुिक्त पत्र देकर कमीशन प्राप्त करने की बात भी कही है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में इस प्रकार मामले के समस्त तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को देखते हुए आवेदक को जमानत पर छोड़ने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है।
7. तदनुसार वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकये हुए आवेदक का जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 22, 2025 S.Mishra BAIL No. 32400 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad