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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 98431 (ALL)

RADHESHYAM v. STATE OF U.P.

BAIL/33773/2025 · 2025-10-05

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33773 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 556/2025 अन्तगर्त धारा 318(4), 351(2), 61(2), 308(5), 317(2) भारतीय न्याय संिहता, थाना िसिवल लाइन्स, िजला मुरादाबाद में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक ्ऺश्नगत ्ऺकरण में आवेदक पर अन्य सहअिभयु्वगण के साथ िमलकर सुिनयोिजत तरीके से सूनाकतार् को हनी्िैप में फं साकर उससे अवैध वसूली करने का आ्षेप है, िकतु इस मामलें में आवेदक की िविश्ि भूिमका विणत नहीं है। इस मामलें में मुख्य भूिमका सहिभयु्वा महक की बतायी गयी है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक से किथत कोई भी आपि्तजनक/अ्शील वीिडयो बरामद नहीं हुआ है और न ही आवेदक का किथत घटना में ्ऺत्य्ष भूिमका है। आवेदक से िदखायी गयी किथत बरामदगी पूणर्तः सुस्थािपत है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 23.07.2025 से कारागार में िनरु्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के िव्षान अिधव्वा के तकॏल का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध गंभीर ्ऺकृ ित का है Versus Counsel for Applicant(s) : Deepak Singh, G.S. Chauhan Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Radheshyam .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) , इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 6, 2025 CP.sahani BAIL No. 33773 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad