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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 98181 (ALL)

BHURA v. STATE OF U.P.

NA528/36191/2025 · 2025-09-18

Saurabh Srivastava

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 36191 of 2025 न्यायालय सं. - 77 माननीय सौरभ श्रीवास्तव, न्यायमूित 1- प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की ओर से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना एवं पत्रावली का अवलोकन िकया। 2- प्राथीर् की ओर से वतर्मान प्राथर्ना पत्र अन्तगर्त धारा 528 बी.एन.एस.एस. इस प्राथर्ना के साथ योिजत िकया गया है िक सम्बिन्धत िवद्वान न्यायालयों को सभी सात मामलों (मु०अ०सं० 47 वषर् 2019, मु०अ०सं० 59 वषर् 2019, मु०अ०सं० 258 वषर् 2019, मु०अ०सं० 45 वषर् 2019, मु०अ०सं० 6 वषर् 2020, मु०अ०सं० 115 वषर् 2024, मु०अ०सं० 754 वषर् 2019) में दो जमानतदार और व्यिक्तगत प्रितभूित स्वीकार करने का िनदेर्श िदया गया है, िजनमें प्राथीर् की पूवर् में ही सम्बिन्धत िवद्वान न्यायालयों द्वारा जमानत स्वीकार की जा चुकी है। 3- प्रस्तुत प्रकरण के माध्यम से प्राथीर् ने यह प्राथर्ना की है िक वह सात आपरािधक वादों में िविभन्न न्यायालयों द्वारा जमानत प्राप्त कर चुका है, अतः समान प्रितभूितयाँ सभी सात जमानत आदेशों में स्वीकार करने हेतु सम्बिन्धत न्यायालयों को इस न्यायालय द्वारा िनदेर्श िनगर्त िकया जाए। 4- प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने अपने अिभकथन के समथर्न में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रितस्थािपत समान प्रितभूितयों के िसद्धान्त का उदाहरण िदया, िजसको की हनी िनषाद @ मोहम्मद इमरान उफर् िवक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, की यािचका सी.आर.एल. संख्या 8914-8915 वषर् 2018 में िदनांक 29.10.2018 को िनणीर्त िकया। 5- प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता से यह प्रश्न िकया गया िक क्या माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रितस्थािपत समान प्रितभूितयों के िवषय में कोई प्राथर्ना पत्र प्राथीर् के माध्यम से िविभन्न Versus Counsel for Applicant(s) : Mohd Nasir Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Bhura .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) िवद्वान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत िकया गया है, प्रत्युत्तर में प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा यह कथन िकया गया िक ऐसा कोई भी प्राथर्ना पत्र प्राथीर् ने अब तक सम्बिन्धत िवद्वान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं िकया है। प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रत्युत्तर के समरूप इस न्यायालय को माननीय उच्चतम न्यायालय के प्रितस्थािपत िसद्धान्त के िवषय में िनदेर्श देने का कारण तब उपिस्थत होगा जब िक सक्षम िवद्वान न्यायालय द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के िसद्धान्तों का अनुपालन नहीं िकया जा रहा हो। 6- प्राथीर् को यह अवसर उपलब्ध रहेगा िक सक्षम िवद्वान न्यायालय के समक्ष इस आशय का प्राथर्ना पत्र प्रस्तुत करे की प्राथीर् को अलग-अलग जमानत आदेश के अनुक्रम में अलग-अलग प्रितभूितयाँ जमा करने की आवश्यकता न पड़े, िजसे माननीय उच्चतम न्यायालय के समान प्रितभूित हनी िनषाद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में प्रितस्थािपत िकया गया है। 7- तदनुसार वतर्मान प्राथर्ना पत्र उक्त विणत तथ्यों के आधार पर िनरस्त िकया जाता है। िसतम्बर 19, 2025 राहुल NA528 No. 36191 of 2025 2 (सौरभ श्रीवास्तव,न्यायमूित.) Digitally signed by :- RAHUL KUMAR High Court of Judicature at Allahabad