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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 98079 (ALL)

VIVEK SINGH v. STATE OF U.P.

BAIL/32134/2025 · 2025-09-24

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32134 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 45/2025, अंतगर्त धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 317(2) बी.एन.एस., थाना िबवार, िजला हमीरपुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3.(क) आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक प्राथिमकी में नािमत अिभयुक्त नहीं है एवं प्राथिमकी दजर् होने के पश्चात सूचनाकतार् ने वतर्मान मामले में आवेदक का नाम भी नहीं िलया। तत्पश्चात आवेदक को अन्य मुकदमें में दूसरे थाने में िगरफ्तार िकया गया एवं वतर्मान वाद में भी उसे अिभयुक्त बना िदया गया है। आवेदक तथा सह- अिभयुक्त सुनील यादव को िगरफ्तार करने के पश्चात्, थाना िबवार, िजला हमीरपुर की पुिलस ने आवेदक तथा सह-अिभयुक्तों पर पुिलस के समक्ष स्वीकारोिक्त बयान देने के िलए दबाव बनाया और संबंिधत पुिलस के दबाव में, आवेदक तथा सह-अिभयुक्तों ने अपना स्वीकारोिक्त बयान िदया। आवेदक के पास से वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी संिदग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं पायी गयी है। सह-अिभयुक्त संदीप िसह का खाता िववरण प्राप्त िकया, और जाँच के दौरान िववेचक ने पाया है िक सह-अिभयुक्त संदीप िसह ने सूचनाकतार् द्वारा जारी चेक से 1,91,000/- रुपये की िनकासी की है, अतः यह स्पष्ट है िक उक्त धनरािश की िनकासी सह-अिभयुक्त संदीप िसह द्वारा की गई है एवं उसी के द्वारा प्रश्नगत धनरािश व्यय की गयी है। (ख) आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा अिग्रम यह कथन िकया गया िक सूचनाकतार् से उक्त Versus Counsel for Applicant(s) : Babu Lal Ram, Jyoti Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vivek Singh .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) चेक संदीप िसह द्वारा अपने नाम से प्राप्त िकया गया था और उसने 1,91,000/- रुपये की रािश का उल्लेख िकया है और सूचनाकतार् के खाते से रािश िनकाल ली। िदनांक 29.08.2025 को बैंक के शाखा प्रबंधक का बयान भी दजर् िकया, िजन्होंने बयान िकया है िक संदीप िसह द्वारा उनकी शाखा से सूचनाकतार् के खाते से 1,91,000/- रुपये िनकाले गए थे। बैंक के सी.सी.टी. वी. वी. फु टेज में भी सह-अिभयुक्त संदीप िसह को देखा गया। िजससे यह स्पष्ट है िक वतर्मान घटना कािरत करने में मुख्य भूिमका सह-अिभयुक्त संदीप िसह की ही विणत की गयी है। वतर्मान मामले में आवेदक की कोई भूिमका नहीं विणत की गयी है। वतर्मान मामले के संबंध में आवेदक द्वारा िकसी प्रकार की धनरािश सूचनाकतार् के खाते से नहीं िनकाली गयी है एवं वह िकसी प्रकार से लाभाथीर् नहीं है। आवेदक द्वारा िकसी प्रकार के दस्तावेज की कू टरचना नहीं की गयी है, न ही िकसी प्रकार की जालसाजी/फजीर्वाड़ा िकया गया है। आवेदक द्वारा अपने आपरािधक इितहास को शपथपत्र के प्रस्तर सं० 13 में स्पष्ट िकया गया है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 02.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और BAIL No. 32134 of 2025 2 िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 25, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 32134 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad