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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 8025 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् अि्षम जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से पिरवाद सं० 1359/2021 अन्तगर्त धारा 363, 366, 376 भारतीय दण्ड संिहता, थाना फतेहगंज ईस्ट, िजला बरेली में अि्षम जमानत की मॉग करते हुए इस ्ऺाथर्ना के साथ योिजत िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेदक को जमानत पर िरहा िकया जा सके ।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक िनदरॏष है, उसे उपरो्व धाराओं में ्षेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरो्व विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है जबिक उसके िवरू्ध कोई िव्षसनीय साष्य नहीं है। इस मामलें में ्ऺासंिगक तथ्य यह भी है िक ्ऺश्नगत पिरवाद अितिवलंब से िमथ्या तथ्यों के आधार पर दजर् कराया गया है तथा ्ऺश्नगत घटना को लेकर वषर् 2010 दजर् करायी कराया गया अिभयोग भी पांच माह उपरांत पंजीकृ त कराया गया था, िजसमें िववेचना के दौरान किथत पीिड़ता ्षारा अपने बयान में अिभयोजन कथानक का समथर्न नहीं िकया गया था, िजसके संबंध में शपथ-प्ऴ भी ्ऺस्तुत िकया गया था, िजसके आधार पर इस मामलें में अंितम िरपोटर् ्ऺस्तुत की गयी थी। पुनः अिभयोिगनी ्षारा िमथ्या तथ्यों के आधार पर वतर्मान पिरवाद दजर् कराया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक िवचारण और जॉच के दौरान सहयोग करने का वचन देता है िक वह जॉच एजेंसी या न्यायालय ्षारा अपेि्षत समय पर उपिस्थत रहेगा एवं आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए Versus Counsel for Applicant(s) : Krishna Gopal Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shahzad Ali Khan .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।
4.
िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा अिभयु्व के अि्षम जमानत के िवरोध में यह तकर् ्ऺस्तुत िकया गया िक इस मामले में अिभयु्व की भूिमका पिरलि्षत हो रही है तथा इस घटना में उसकी भूिमका संभा्ि है। इसिलए अिभयु्व को अि्षम जमानत पर मु्व न िकया जाय।
5. यहां ्ऺासंिगक तथ्य है िक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा यह अवधािरत िकया गया है िक अि्षम जमानत यािचका पर न्याय-िनणर्यन करते समय न्यायालय को आरोपों की ्ऺकृ ित और गंभीरता, आरोपी की न्याियक ्ऺि्वया से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए और यह िक न्यायालय को आरोपी के िवरू्ध उपलब्ध सभी साम्षी का सावधानी से मूल्यांकन करना चािहए और आरोपी की वास्तिवक भूिमका पर भी िवचार करना चािहए।
6. उभय प्ष के तकरॏ एवं वतर्मान मामले में अि्षम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए और प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए अि्षम जमानत की ्ऺाथर्ना स्वीकार िकए जाने योग्य है।
7. तद्नुसार, यह अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकया जाता है।
8. उपरो्व मुकदमा अपराध संख्या में सिम्मिलत आवेदक की िगरफ्तारी की दशा में, उसे संबंिधत िवचारण न्यायालय की संतुि्ि पर रू० 50,000/- का ्िि्वगत बंध प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर, स्ऴ परी्षण के िनस्तारण होने तक िनम्न शतरॏ के अधीन अि्षम जमानत पर मु्व िकया जाएगा :- i) आवेदक अिभयोजन प्ष के साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii) आवेदक अिभयोजन प्ष के गवाहों को धमकाएगा या परेशान नहीं करेगा। iii) आवेदक िवचारण न्यायालय ्षारा िनधार्िरत ्ऺत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा। iv) आवेदक उस अपराध के समान कोई अपराध नहीं करेगा, िजसका आरोप आवेदक पर लगाया गया है या िजसके िकए जाने का संदेह है। v) आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी ्िि्व को ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से कोई NABAIL No. 8025 of 2025 2
्ऺलोभन, धमकी या वादा नहीं करेगा, िजससे वह ्िि्व न्यायालय या िकसी पुिलस अिधकारी को तथ्य बताने से िवमुख हो जाए या साष्यों के साथ छेड़छाड़ करें।
9. उपयुर््व िकसी भी शतर् के उल्लंघन की िस्थित में, िवचारण न्यायालय कानून के अनुसार आवेदक की जमानत र्द करने के िलए स्वतं्ऴ होगा। October 6, 2025 CP.sahani NABAIL No. 8025 of 2025 3 (Dr.
Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad