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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32193 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चंदन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 365/2023, अन्तगर्त धारा 506, 504, 427, 308, 324, 323 भा०दं०िव०, थाना लाईनपार, िजला िफरोजाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
3. संक्षेप में अिभयोजन कथानक इस प्रकार है िक वादी मुकदमा द्वारा इस आशय की प्रथम सूचना िरपोटर् अंिकत करायी गयी िक उसके वाहन संख्या UP83BT8112 पर िवजय कु मार ड्राइवरी करता था। िदनांक 14.11.2023 को उसके घर से ड्राइवर िवजय कु मार गाडी मांगकर ले गया और कहकर गया िक मैं आपकी गाडी को बाहर ले जा रहा हूं। उसने िवजय कु मार को चार िदन तक गांव में ही देखा तो उसने िवजय कु मार से पूछा िक तुम उसकी गाडी को बाहर चलाने के िलए ले गये थे, तो िवजय कु मार ने कहा िक तुम्हारी गाडी दूसरे ड्राइवर को दे दी है। इतनी बात को लेकर वाद िववाद हो गया। िदनांक 22.11.2023 को उसका साला दूसरे वाहन संख्या UP83CT4525 को लोड करने आया था। िदनांक 24.11.2023 को समय राित्र 08:00 बजे जैन धमर्कांटा, मीरा चौराहा पर गाडी खडी थी, उसी समय अंिकत व भूपेन्द्र को गाडी पर छोडकर सूचनाकतार् िबल्टी लेने ट्रांसपोटर् बालाजी, सूरत चला गया, उसी के बाद िवजय कु मार, अजय कु मार उफर् छोटे (आवेदक), प्रवीन, रोिहत उफर् रामपाल व सुलदीप ने उसके साले अंिकत के साथ तमंचे, लाठी, हॉकी से मारपीट की, िजससे उसके साले अंिकत के गम्भीर चोटें आयी हैं। मौके पर भूपेन्द्र ने घटना को देखा। इस दौरान उसके साले अंिकत की जेब से दस हजार रूपये व तीन चैक िगर गये। फोन व गाडी के साथ तोडफोड की एवं अंिकत को जान से मारने की धमकी भी दी।
4.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा चुटैल/सूचनाकतार् के साले के साथ िकसी प्रकार की मारपीट नहीं की गयी है तथा कोई तोड़फोड़ नहीं की गयी है, न ही ऐसी कोई घटना कािरत की है, जैसािक प्राथिमकी में विणत िकया गया है। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। आवेदक घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। प्राथिमकी के अनुसार चुटैल के साथ पाँच लोगों द्वारा मारपीट की गयी है, िकन्तु चुटैल को Versus Counsel for Applicant(s) : Kamlakar Pal, Sakshi Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ajay Kumar Alias Chhote .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
मात्र दो चोटें पायी गयी हैं। आवेदक के पास से वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी संिदग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं पायी गयी है। वतर्मान घटना को कािरत करने में िकसी भी अिभयुक्त की िविशष्ट भूिमका विणत नहीं की गयी है। आवेदक को पूवर् की रंिजश की वजह से वतर्मान घटना में अिभयुक्त बना िदया गया है। आवेदक का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 19.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा अन्य सह-अिभयुक्तगण के साथ िमलकर िदनांक 24.11.2023 को समय करीब 8.00 बजे उस वक्त जब सूचनाकतार् जैन धमर्कांटा पर अपने साले अंिकत व भूपेन्द्र की देखरेख में गाडी खडी करके बालाजी ट्रान्सपोटर् पर चला गया, तभी अिभयुक्तगण द्वारा चुटैल के साथ लाठी-डन्डा, हॉकी से मारपीट कर उसको गम्भीर चोटें कािरत की तथा गाड़ी को तोड़ी एवं गाली गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी। चुटैल (अंिकत) ने भी अपने बयान में आवेदक के िवरुद्ध स्पष्ट कथन िकया है िक "आते ही अजय उफर् छोटे ने डण्डे से मेरे िसर पर प्रहार िकया।” उक्त कथन से भी स्पष्ट है िक प्रश्नगत घटना को कािरत करने में मुख्य भूिमका आवेदक (अजय कु मार उफर् छोटे) की है। चुटैल को प्रश्नगत घटना में दो चोटें अंिकत की गयी हैं। चुटैल की सी.टी स्कै न िरपोटर् में बांये फ्रन्टो पैिरएटो-टेम्पोरल, बांये जाइगोमैिटक क्षेत्र पर हल्के बांये प्रीसेप्टल एिडमा के साथ नरम ऊतकों में सूचन अंिकत की गयी। अिग्रम िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा कथन िकया गया िक दुघर्टनाग्रस्त गाडी संख्या UP83CT4525 के संबंध में प्रस्तुत आख्या में शीशा, आगे का डैसबोडर् क्षितग्रस्त होना पाया गया। उपरोक्त से यह भी स्पष्ट है िक आवेदक द्वारा अन्य सह-अिभयुक्तों के साथ िमलकर पूवर्िनयोिजत तरीके से हमला करके मारपीट की गयी एवं चुटैल को गम्भीर चोटें कािरत की गयी हैं, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाए।
6. उभयपक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवेदक को जमानत पर मुक्त िकए जाने का कोई औिचत्य नहीं है तथा यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकये जाने योग्य है।
7. तद्नुसार, वाद के गुण-दोष को प्रभािवत िकये बगैर यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। September 19, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 32193 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad