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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 97552 (ALL)

ALI v. STATE OF U.P.

BAIL/32321/2025 · 2025-09-18

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32321 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 76/2025, अंतगर्त धारा 191(2), 191(3), 190, 308(2), 288, 115(2), 351(2), 109(1), 352 बी .एन.एस., थाना एयरपोटर्, िजला प्रयागराज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3. आवेदक पर आक्षेप है िक उनके द्वारा अन्य नािमत सह-अिभयुक्तों एवं अज्ञात अिभयुक्तों ( कु ल 22 लोग) के साथ िमलकर सूचनाकतार् से पाँच करोड़ रूपए की रंगदारी माँगी गयी तथा न देने पर सूचनाकतार् के पूरे पिरवार को जान से मारने की धमकी दी गयी, िजसे सूचनाकतार् द्वारा नहीं िदया गया, िकन्तु िदनांक 16-05-2025 को शाम लगभग 6.00 बजे सूचनाकतार् का छोटा भाई अतहर अपने दो बहनोई/साला मोहम्मद अमजद और मोहम्मद के साथ अफजल कटहौला गौसपुर िस्थत अपनी जमीन देखने गया था, इसी बीच अिभयुक्तगण अपनी स्कािपयो व थार गाड़ी से घातक हिथयारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और उसके भाई अतहर को घेर िलया तथा उन पर हमला कर िदया तथा उन पर गोिलयां भी चलाईं। इस घटना में उसके भाई अतहर व उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद व मोहम्मद अफजल के शरीर पर चोटें आईं, इसी बीच कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भतीर् कराया। सूचना िमलने पर सूचक एसआरएन अस्पताल प्रयागराज पहुंचा। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उन्होंने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। चुटैल के अितिरक्त उक्त घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है, िजसने आवेदक द्वारा घटना को कािरत करते हुए देखा हो। यह स्पष्ट तथ्य है िक वतर्मान घटना को कािरत करने में आवेदक की कोई Versus Counsel for Applicant(s) : Ashish Kumar Gaur Counsel for Opposite Party(s) : Anand Sagar Shukla, G.A. Ali .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) िविशष्ट भूिमका नहीं विणत की गयी है, वरन् सभी अिभयुक्तगण की सामान्य भूिमका दशार्यी गयी है। चुटैल अतहर को िदनांक 16.05.2025 को िचिकत्सीय रूप से परीिक्षत िकया गया, िजसमें आठ चोटें अंिकत की गयीं एवं कु छ चोटों के संबंध में चुटैल को एक्स-रे जाँच हेतु िनदेर्िशत िकया गया। प्राथिमकी के अनुसार बाइस व्यिक्तयों द्वारा सूचनाकतार् के भाई एवं िरश्तेदार मो० अमजद एवं मो० अफजल के साथ मारपीट की गयी, िकन्तु मो० अमजद के शरीर पर िकसी प्रकार की चोट के िनशान नहीं पाये गये हैं एवं चुटैल अतहर के शरीर पर के वल आठ चोटें पायी गयी हैं, िकन्तु उक्त चोटों की प्रकृ ित का उल्लेख नहीं िकया गया है। सूचनाकतार् चक्षुदशीर् साक्षी नहीं है एवं चुटैल के अितिरक्त अन्य कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। िववेचक द्वारा िबना सही जाँच िकये, आवेदक एवं अन्य सह-अिभयुक्तगण के िवरुद्ध आरोपपत्र दािखल कर िदया गया, जबिक आवेदक द्वारा रंगदारी माँगने का कोई साक्ष्य नहीं पाया गया है। वतर्मान घटना को कािरत करने का आवेदक का हेतुक नहीं है, न ही कोई वास्ता-सरोकार है। सूचनाकतार् स्वयं एक कु ख्यात अपराधी है तथा उसके िवरुद्ध कई मुकदमें पंजीकृ त हैं। प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक प्रश्नगत वाद में अन्य सह-अिभयुक्तगम नसर, मािजद एवं अबु फै ज उफर् फै ज की जमानत, जमानत प्राथर्नापत्र सं० 21968/2025 एवं 32292/2025 में िभन्न-िभन्न ितिथ को इसी न्यायपीठ द्वारा स्वीकृ त की जा चुकी है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार हैं और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार हैं जो न्यायालय उन पर अिधरोिपत करेंगी। आवेदक िनदोर्ष हैं तथा वह इस प्रकरण में िद० 18.05.2025 से कारागार में िनरुद्ध हैं। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय। 6. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा अिग्रम यह कथन िकया गया िक आवेदक मो० अतीक अहमद की गैंग के सदस्य हैं। िकन्तु उक्त तथ्य के संबंध में कोई िवश्वसनीय साक्ष्य पत्रावली पर उपलब्ध नहीं है, िजससे यह स्पष्ट हो सके िक आवेदक मो० अतीक अहमद गैंग के सदस्य हैं। 7. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 8. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो BAIL No. 32321 of 2025 2 प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 9. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 19, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 32321 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad