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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 97365 (ALL)
ARUN KUMAR YADAV v. STATE OF U.P.
BAIL/35117/2024 · 2025-08-11
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 97365 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:137246 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 35117 of 2024 Applicant :- Arun Kumar Yadav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Shiv Kumar Gupta,Bed Prakash Rai,Rajiv Lochan Shukla,Shashank Pandey Counsel for Opposite Party :- Amit Upadhyay,G.A.,Shrish Chandra Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वागण शश्री अश्वनश्री ववैश्य, शश्री ववननोद पद्वाण्डवेय, शश्री वशिव कक मद्वार गकपद्वा, पररवद्वादश्री कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शिद्वासककीय अधधिवकद्वा कनो सकनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा पररशिश्रीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणण्डक प्रककीणर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक अरुण कक मद्वार यद्वादव ककी ओर सवे मक०अ०सवं० 179/2024, अवंतगरत धिद्वारद्वा 420, 467, 468, 471, 408 भद्वा.दवं.सवं., थद्वानद्वा फवे ज-2 ननोएडद्वा, धजलद्वा गगौतम बकद्ध नगर मम जमद्वानत पर मकक करनवे हवेतक प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा हवै।
3. सवंकवेप मम अवभयनोजन कथद्वानक इस प्रकद्वार हवै वक वद्वादश्री मककदमद्वा पकनश्रीत ओबरद्वाय मवै० सवैवनक इण्डस्टटश्रीज प्रद्वा०धल० मम प्रबन्धिक कवे पद पर कद्वायररत हवै तथद्वा अरूण कक मद्वार यद्वादव (आववेदक) एकद्वाउन्टस मवैनवेजर कद्वायररत हवै। वदनद्वावंक
31.03.
2024 कनो वह, आशिकतनोष धसवंह, कद्वायर प्रबन्धिक व कक शिद्वाग्र गकपद्वा, लवेखद्वा बद्वाबब दद्वारद्वा शिकरूआतश्री वनरश्रीकण वकयद्वा गयद्वा तनो पद्वायद्वा वक अरूण कक मद्वार यद्वादव एकद्वाउन्टस मवैनवेजर कवे दद्वारद्वा 66,10,000/- कद्वा दकरूपयनोग वकयद्वा गयद्वा तथद्वा उनकवे दद्वारद्वा कम्पनश्री कवे खद्वातद्वा सवंख्यद्वा 6713002100002361 सवे अपनश्री पत्नश्री प्रवेमलतद्वा कवे खद्वातवे मम हस्तद्वान्तररत वकयद्वा गयद्वा। आववेदक दद्वारद्वा फद्वाईल मम कब टरचनद्वा करकवे अपनवे व्यवकगत लद्वाभ और मद्वामलवे कनो छक पद्वानवे कवे धलयवे फजर्जी दस्तद्वाववेज कद्वा
उपयनोग वकयद्वा गयद्वा। 4.(i) आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तकत वकयद्वा वक आववेदक कनो इस प्रकरण मम गलत एववं फजर्जी ढवंग सवे झबठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हवै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हवै। प्रश्नगत प्रकरण मम जद्वावंच कवे बगवैर हश्री प्रद्वाथवमककी दजर ककी गई हवै और दवं०प्र०सवं० ककी धिद्वारद्वा 41 ए कवे तहत कनोई ननोवटस वदए वबनद्वा, पकधलस नवे आववेदक कनो वदनद्वावंक 31.03.2024 सवे वदनद्वावंक 04.04.2023 तक वबनद्वा वकसश्री एफआईआर कवे अववैधि रूप सवे वगरफ्तद्वार कर धलयद्वा और वगरफ्तद्वारश्री कद्वा कनोई आधिद्वार यद्वा कद्वारण उन्हम यद्वा उनकवे पररवद्वार कवे सदस्ययों कनो नहहीं बतद्वायद्वा गयद्वा और उन्हम ववदद्वान मधजस्टटवेट कवे सद्वामनवे पवेशि वकए वबनद्वा 3 वदनयों तक अववैधि वहरद्वासत मम रखद्वा, जनो वक भद्वारत कवे सवंववधिद्वान कवे अनकच्छवेद 22(1)(2) और दवं०प्र०सवं० ककी धिद्वारद्वा 50 और 57 कद्वा उलवंघन हवै तथद्वा न्यद्वायद्वालय कवे पबवर कवे आदवेशि वदनद्वावंक 25.07.2025 कवे अनकपद्वालन मम सवंबवंधधित थद्वानवे ककी सश्री.सश्री.टश्री.वश्री आख्यद्वा कवे सवंबवंधि प्रवत शिपथपत कवे मद्वाध्यम सवे इस तथ्य कद्वा कथन वकयद्वा हवै वक उक वगरफ्तद्वारश्री ककी अवधधि मम सश्री.सश्री.टश्री.वश्री. खरद्वाब थद्वा तथद्वा उसकद्वा सवंचलद्वान नहहीं हनो रहद्वा थद्वा , धजससवे भश्री यह पररलवकत हनो रहद्वा हवै वक आववेदक कनो जद्वान-बबझकर वतरमद्वान वद्वाद मम अवभयकक बनद्वायद्वा गयद्वा हवै। इसश्री प्रकद्वार ककी घटनद्वा सवे सवंबवंधधित एक अन्य प्रद्वाथवमककी आववेदक कवे ववरुद्ध दजर करद्वायश्री गयश्री हवै। (ii) प्रद्वासवंवगक तथ्य यह भश्री हवै वक वगरफ्तद्वारश्री कवे समय आववेदक कवे पद्वास सवे वतरमद्वान घटनद्वा सवे सवंबवंधधित कनोई भश्री कब टरवचत दस्तद्वाववेज बरद्वामद नहहीं हहआ हवै। धिद्वारद्वा 467 भद्वा.दवं.सवं.
कवे अवतररक अन्य धिद्वारद्वाओवं मम अधधिकतम सजद्वा सद्वात वषर हवै, जनोवक मधजस्टटवेट दद्वारद्वा पररकणश्रीय हवै और आववेदक लगभग सनोलह मद्वाह सवे अधधिक समय सवे कद्वारद्वागद्वार मम वनरुद्ध हवै एववं वतरमद्वान वद्वाद मम पवंद्रह गवद्वाह हह, वकन्तक अभश्री तक वकसश्री भश्री गवद्वाह कद्वा परश्रीकण नहहीं हहआ हवै। (iii) आववेदक कनो वनदवेशिक मवंडल ककी ओर सवे सभश्री प्रकद्वार कवे लवेन -दवेन और खद्वातयों कवे सवंचद्वालन कवे धलए अधधिकक त वकयद्वा गयद्वा थद्वा , और उक प्रद्वाधधिकरण कवे वदशिद्वा-वनदरशियों कवे अनकसद्वार आववेदक दद्वारद्वा कद्वायर वकयद्वा गयद्वा और कनोई कब टरचनद्वा/धिनोखद्वाधिडश्री नहहीं ककी गयश्री। आववेदक और उसककी पत्नश्री नवे कधथत खद्वातवे सवे अपनवे वनजश्री उपयनोग कवे धलए एक पवैसद्वा भश्री नहहीं वनकद्वालद्वा। कवं पनश्री कद्वा लवेखद्वा - जनोखद्वा पबणरकद्वाधलक वनदवेशिकयों कवे वनदरशियों कवे अनकसद्वार खनोलद्वा और सवंचद्वाधलत वकयद्वा जद्वातद्वा हवै। आववेदक दद्वारद्वा सभश्री लवेन -दवेन कवं पनश्री कवे वनदवेशिक कनो सबवचत करकवे वकए गए थवे और वनदवेशिक कवे वनदरशिद्वानकसद्वार खद्वातवे कद्वा सवंचद्वालन वकयद्वा गयद्वा थद्वा तथद्वा उक वववद्वावदत धिनरद्वावशि आववेदक दद्वारद्वा अपनश्री पत्नश्री कवे खद्वातवे मम हस्तद्वावंतररत नहहीं ककी गयश्री हवै। आववेदक कनो उक पद कद्वा कद्वायरभद्वार वषर 2020 मम वमलद्वा थद्वा तथद्वा कधथत घटनद्वा कवे समय आववेदक कवं पनश्री कद्वा खद्वातद्वा सवंचद्वाधलत करनवे कवे धलए अधिनोहस्तद्वाकरश्री नहहीं थद्वा एववं वकसकवे दद्वारद्वा उक पवैसद्वा आववेदक ककी पत्नश्री कवे खद्वातवे मम हस्तद्वावंतररत वकयद्वा गयद्वा, यह भश्री स्पष्ट नहहीं हवै। जहद्वाहाँ तक कवं पनश्री कवे लवेजर बकक मम फजर्जी प्रवववष्ट करनवे कद्वा तथ्य हवै, उक कवे सवंबवंधि मम ववववेचक दद्वारद्वा ऐसद्वा कनोई भश्री इलवेक्टटट्रॉवनक यद्वा भगौवतक सद्वाक्ष्य पतद्वावलश्री पर सवंलग्न नहहीं वकयद्वा गयद्वा हवै, धजससवे आववेदक कवे ववरुद्ध अवंतगरत धिद्वारद्वा 467 भद्वा०दवं०सवं० कद्वा अपरद्वाधि बनतद्वा प्रतश्रीत हनो। उक कधथत धिनरद्वावशि आववेदक ककी पत्नश्री कवे खद्वातवे मम हस्तद्वावंतररत हनोनवे कवे पश्चद्वात आववेदक एववं सह -अवभयककद्वा कवे खद्वातवे कनो सश्रीज वकयद्वा जद्वा चककद्वा हवै। पतद्वावलश्री पर सवंलग्न फजर्जी लवेजर बकक एववं मबल लवेजर बकक पर वकयवे गयवे हस्तद्वाकर आववेदक कवे हश्री हह, उक कवे सवंबवंधि मम अवभलवेख पर ऐसश्री कनोई ववधधि ववजद्वान प्रयनोगशिद्वालद्वा ककी आख्यद्वा सवंलग्न नहहीं हवै , धजससवे वववद्वावदत हस्तलवेखन/हस्तद्वाकर ककी पहचद्वान हनो सकवे । (iv) प्रद्वासवंवगक तथ्य यह भश्री हवै वक सबचनद्वाकतद्वार दद्वारद्वा वशिकद्वायत कवे समय तथद्वाकधथत फजर्जी दस्तद्वाववेज प्रस्तकत वकयवे गयवे हह, यवे दस्तद्वाववेज न तनो आववेदक कवे पद्वास सवे बरद्वामद हहआ हवै, न हश्री उसककी वनशिद्वानदवेहश्री पर बरद्वामद हहआ हवै। उक दस्तद्वाववेज प्रद्वाथवमककी दजर हनोनवे सवे पबवर हश्री सबचनद्वाकतद्वार दद्वारद्वा वदयद्वा गयद्वा थद्वा और वनणश्चत रूप सवे उक दस्तद्वाववेजयों पर वकयवे गयवे हस्तद्वाकरयों सवे ऐसद्वा पररलवकत हनो रहद्वा हवै वक उक हस्तद्वाकर सबचनद्वाकतद्वार
कद्वा हश्री हवै। उनकवे दद्वारद्वा इस तथ्य ककी तरफ भश्री न्यद्वायद्वालय कद्वा ध्यद्वान आकक ष्ट करद्वायद्वा वक यनोगवेशि कक मद्वार सक्सवेनद्वा , जनोवक कवं पनश्री कवे पबणरकद्वाधलक वनदवेशिक हह तथद्वा धजनकवे दद्वारद्वा आववेदक कनो कवं पनश्री कद्वा खद्वातद्वा सवंचद्वाधलत करनवे कवे धलए अधधिकक त वकयद्वा गयद्वा थद्वा, उनकद्वा बयद्वान ववववेचक दद्वारद्वा अवंवकत नहहीं करद्वायद्वा गयद्वा हवै। (v) सकसवंगत तथ्य यह भश्री हवै वक आववेदक कवं पनश्री कवे सश्रीवनयर मवैनवेजर कवे शिव वद्वाष्णवेय कवे वनदरशि मम कद्वायर करतद्वा थद्वा। आववेदक कद्वा कनोई पबवर आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हवै। पकननः उनकद्वा यह भश्री कथन हवै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हवै वक वह कद्वानबन ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयनोग करनवे कवे धलए तवैयद्वार हवै और जब भश्री आवश्यकतद्वा हनोगश्री वह ईमद्वानदद्वारश्री सवे अदद्वालत कवे समक खकद कनो उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभश्री शितरवं कनो स्वश्रीकद्वार करनवे कवे धलए भश्री तवैयद्वार हवै जनो न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरनोवपत करवेगश्री। आववेदक वनदरष हवै तथद्वा वह इस प्रकरण मम वद० 04.04.2024 सवे कद्वारद्वागद्वार मम वनरुद्ध हवै। इसधलए आववेदक कनो जमद्वानत पर छनोड वदयद्वा जद्वाय। 5. पररवद्वादश्री कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं ववदद्वान अपर शिद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरनोधि करतवे हहए तकर प्रस्तकत वकयद्वा वक आववेदक घटनद्वा कवे समय कवं पनश्री मम एकद्वाउन्ट्स मवैनवेजर कवे पद पर कद्वायररत रहतवे हहए अवंकन रु० 66,10,000/- ककी धिनरद्वावशि कनो कब टरवचत दस्तद्वाववेज तवैयद्वार करकवे अपनश्री पत्नश्री कवे खद्वातवे मम हस्तद्वावंतररत कर वदयद्वा गयद्वा हवै। ववववेचनद्वा कवे दगौरद्वान ववववेचक दद्वारद्वा कवं पनश्री कवे अन्य कमरचद्वाररययों कद्वा बयद्वान भश्री अवंवकत वकयद्वा गयद्वा हवै , धजसमम उन लनोगयों कवे दद्वारद्वा भश्री आववेदक दद्वारद्वा हश्री उक कक त्य कद्वाररत वकयवे जद्वानवे कद्वा कथन वकयद्वा हवै। आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं गवंभश्रीर प्रकक वत कद्वा हवै, इसधलए आववेदक कनो जमद्वानत पर न छनोडद्वा जद्वाय।
6.
उभयपक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वागण कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलश्री पर
उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थवतययों कद्वा समग्र रूप सवे अवलनोकन करनवे कवे बद्वाद प्रथमदृष्टयद्वा यह पररलवकत हनो रहद्वा हवै वक कवं पनश्री कवे लवेजर -बकक मम फजर्जी प्रवववष्ट करकवे आववेदक ककी पत्नश्री कवे खद्वातवे मम कधथत धिनरद्वावशि हस्तद्वावंतररत ककी गयश्री हवै, वकन्तक कधथत प्रवववष्ट वकसश्री अन्य व्यवक दद्वारद्वा भश्री कद्वाररत ककी जद्वा सकतश्री हवै तथद्वा ऐसद्वा कनोई भश्री प्रत्यक इलवेक्टटट्रॉवनक यद्वा भगौवतक सद्वाक्ष्य /दस्तद्वाववेज अवभलवेख पर सवंलग्न नहहीं वकयद्वा गयद्वा हवै, धजससवे यह स्पष्ट हनो सकवे वक आववेदक दद्वारद्वा हश्री उक कधथत घटनद्वा कद्वाररत ककी गयश्री और न हश्री प्रत्यक रूप सवे स्पष्ट हनो रहद्वा हवै वक आववेदक दद्वारद्वा वकसश्री दस्तद्वाववेज कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड ककी गयश्री हवै अथवद्वा कब टरचनद्वा ककी गयश्री हवै। पररशिश्रीलननोपरद्वान्त अवभलवेख पर ऐसद्वा कनोई भश्री कब टरवचत दस्तद्वाववेज अवभलवेख पर उपलब्धि नहहीं पद्वायद्वा गयद्वा हवै , धजससवे यह स्पष्ट हनो सकवे वक आववेदक दद्वारद्वा हश्री उपरनोक अपरद्वाधि कद्वाररत करनवे मम प्रमकख भबवमकद्वा हवै , अतएव आववेदक कवे ववरुद्ध अवंतगरत धिद्वारद्वा 467 भद्वा.दवं.सवं. कद्वा अपरद्वाधि बनतद्वा पररलवकत नहहीं हनो रहद्वा हवै तथद्वा शिवेष अन्य आरनोवपत धिद्वारद्वाओवं मम अधधिकतम सद्वात वषर ककी सजद्वा कद्वा प्रद्वावधिद्वान हवै, जनोवक मधजस्टटवेट दद्वारद्वा परश्रीकणश्रीय हवै, अतनः सबबतयों ककी प्रकक वत और वकसश्री भश्री ठनोस ववरनोधिद्वात्मक सद्वामग्रश्री ककी अनकपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रश्री सवे छवेडछद्वाड ककी सवंभद्वावनद्वा न हनोनवे कवे तथ्य कनो दवेखतवे हहए मवेरश्री रद्वाय मम आववेदक कनो जमद्वानत पर मकक करनवे कद्वा उपयकक आधिद्वार हवै।
7. अतनः वद्वाद कवे गकण-दनोष पर वबनद्वा कनोई वटप्पणश्री वकए हहए आववेदक कनो उपरनोक ववणरत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतकवष्ट पर व्यवकगत बवंधि -पत एववं अधधिक धिनरद्वावशि कवे कनोई भश्री दनो प्रवतभब प्रस्तकत करनवे पर वनम्नधलधखत शितरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छनोड वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परश्रीकण कवे दगौरद्वान अवभयनोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेगद्वा। ii. आववेदक अवभयनोजन सद्वावकययों व पश्रीवडतद्वा / वशिकद्वायतकतद्वार कनो डरद्वायवेगद्वा/धिमकद्वायवेगद्वा नहहीं।
iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशियों कद्वा पद्वालन करवेगद्वा , वह परश्रीकण कवे दगौरद्वान वबनद्वा कनोई अनद्वावश्यक स्थगन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हनोगद्वा तथद्वा परश्रीकण मम ईमद्वानदद्वारश्री सवे सहयनोग करवेगद्वा। iv.
आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हनोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दकरूपयनोग नहश्री करवेगद्वा और वकसश्री भश्री अपरद्वाधधिक गवतववधधि मम धलप नहहीं हनोगद्वा न कनोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेगद्वा। v. आववेदक प्रत्यक यद्वा अप्रत्यक रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररवचत वकसश्री भश्री व्यवक यद्वा पकधलस अधधिकद्वाररययों कनो कनोई प्रलनोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेगद्वा न हश्री उनसवे कनोई वद्वायदद्वा करवेगद्वा, धजसकवे कद्वारण उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्ययों कनो उजद्वागर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पडवेडे़।
8. उपरनोक शितरवं मम सवे वकसश्री कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परश्रीकण न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानकसद्वार रद्द करनवे कनो स्वतवंत हवै। सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कनो यह भश्री वनदरवशित वकयद्वा जद्वातद्वा हवै वक मद्वामलवे सवे सवंबवंधधित सत परश्रीकण कद्वा वनस्तद्वारण शिश्रीघ्रतद्वा कवे आधिद्वार पर यथद्वाशिश्रीघ्र करनद्वा सकवनणश्चत वकयद्वा जद्वाए। Order Date :- 12.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad