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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 97068 (ALL)

ASAD SIDDIQUI AND ANOTHER v. State of U.P. AND ANOTHER

ABAIL/9197/2024 · 2025-09-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9197 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण असद िसद्दीकी व प्रितमा मोहले की ओर से मु०अ०सं० 139/2024 अन्तगर्त धारा 406, 420, 467, 468, 471, 448 भा०दं०िव०, थाना करेली, िजला प्रयागराज में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण िनदोर्ष है, उन्हें उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। यहां प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक आवेदकगण को इस मामले में कोई प्रतीपड़क कायर्वाही न िकये जाने का आदेश प्राप्त है तथा आवेदकगण द्वारा िववेचना में सहयोग प्रदान िकया जा रहा है। पुनः उनका कथन है िक आवेदकगण की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक इस मामलें की िववेचना अभी प्रचिलत है तथा अिभयुक्तगण द्वारा िववेचना में सहयोग करने के बजाय लगातार फरार चल रहे है। आगे कहा गया िक यिद इस स्तर पर अिभयुक्तगण को अिग्रम जमानत प्रदान की जाती है तो पूणर् संभावना है िक उसके न्याियक प्रिक्रया में सहयोगी प्रदान नहीं िकया जायेगा। इसिलए, Versus Counsel for Applicant(s) : Atul Srivastava, Mohd. Farooq Counsel for Opposite Party(s) : Anurag Shrivastava, Archit Mandhyan, Arunendra Kumar Singh, Arvind Kumar Singh, Babu Lal Ram, G.A., Naseem Ahamad Siddiqui Asad Siddiqui And Another .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) अिभयुक्तगण को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं हो रहा है। अतः अिभयुक्तगण का यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 6. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदकगण की भूिमका और इस मामलें में इस तथ्य को देखते हुए िक, इस मामलें की िववेचना अभी प्रचिलत है तथा अिभयुक्तगण सहयोग करने के बजाय लगातार फरार चल रहे है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। तद्नुसार, आवेदकगण का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 7. तद्नुसार, इस अिग्रम जमानत आवेदन पत्र को िनरस्त िकया जाता है। 8. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो, तो वह स्वतः समाप्त समझा जाए। 9. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 24, 2025 CP.sahani ABAIL No. 9197 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad