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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 96803 (ALL)

VIPIN KESHARWANI v. STATE OF U.P.

BAIL/32030/2025 · 2025-09-24

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32030 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 144/2025, अंतगर्त धारा 310(2), 317(3), 351(2) बी.एन.एस., थाना कौंिधयारा, िजला प्रयागराज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3.(क) आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा सूचनाकतार् के घर में िकसी प्रकार की लूट अथवा डकै ती कािरत नहीं की है। आवेदक के पास से वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी संिदग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं पायी गयी है। घटना व्यस्त बाजार में घिटत हुई है तथा सूचनाकतार् ने यह भी बताया है िक के वल दो आरोपी उसके घर में घुसे थे तथा उन्होंने उसकी संपित्त की लूटपाट की है, परन्तु उसने आरोपी व्यिक्त या आवेदक का नाम नहीं िलया है। मुखिबर खास की सूचना पर अिभयुक्तों को िगरफ्तार िकया गया एवं किथत सामग्री उनकी कार से बरामद की है। उक्त बरामदगी का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। उक्त बरामदगी के समय सूचनाकतार् को भी िशनाख्त के िलए बुलाया गया एवं सूचनाकतार् ने पुिलस के समक्ष कहा िक बरामद वस्तुओं को अिभयुक्तों ने उसके घर से लूटा है और उसने दो आरोिपयों की भी पहचान की है, िजन्होंने उसके घर में घुसकर डकै ती की थी। फदर् बरामदगी के अवलोकन से स्पष्ट है िक पुिलस आवेदक की संिलप्तता के संबंध में कोई साक्ष्य एकत्र करने में िवफल रही और सूचनाकतार् ने के वल सह-अिभयुक्तगण िनिखल िसह और आिसफ उफर् फै जान नामक दो आरोिपयों की पहचान की तथा इन्हीं दोनों अिभयुक्तों के िवरुद्ध सूचनाकतार् ने कथन िकया। प्रश्नगत घटना कािरत करने में मुख्य भूिमका िनिखल िसह और आिसफ उफर् फै जान की दिशत की गयी है। Versus Counsel for Applicant(s) : Chandra Prakash Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vipin Kesharwani .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) (ख) अिग्रम आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा यह भी कथन िकया गया िक आवेदक सूचनाकतार् का नजदीकी िरश्तेदार है। यह प्रासंिगक तथ्य है िक घटना सुबह 10:00 बजे सावर्जिनक स्थान पर घिटत हुई, लेिकन िकसी ने भी आवेदक को घटनास्थल पर नहीं देखा और घटनास्थल के इलाके के कई लोग वतर्मान आवेदक से पूरी तरह पिरिचत थे। घटना सावर्जिनक स्थान पर घिटत हुई, लेिकन पुिलस घटनास्थल के पास से कोई भी सी.सी. टी.वी. फु टेज एकत्र करने में िवफल रही, िजसमें आवेदक की संिलप्तता सािबत हो सके और अपराध में शािमल आरोिपयों की पहचान हो सके । वास्तिवकता यह है िक पुिलस ने प्रश्नगत मुकदमा िदनांक 18.07.2025 को दजर् िकया, उसके बाद पुिलस ने संिदग्ध व्यिक्त के बारे में सूचनाकतार् के पित से पूछताछ की, िजसके बाद उसने आवेदक का नाम बताया और पुिलस ने आवेदक को िबना िकसी साक्ष्य के उसी रात उसके घर से िगरफ्तार कर िलया और आवेदक को पुिलस स्टेशन में अवैध रूप से िहरासत में रखा गया और जब पुिलस ने अन्य आरोपी व्यिक्त को िगरफ्तार िकया, तो आवेदक का नाम अन्य िगरफ्तार आरोिपयों के साथ जोड़ िदया गया। आवेदक के कब्जे या िनशानदेही पर कु छ भी बरामद नहीं हुआ है और उसका अन्य आरोिपयों से कोई संबंध नहीं है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 21.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग BAIL No. 32030 of 2025 2 करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 25, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 32030 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad