Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 96615 (ALL)

PAWAN KUMAR v. STATE OF U.P.

BAIL/31555/2025 · 2025-09-15

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 31555 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 168/2025, अन्तगर्त धारा 109(1), 331(3), 115(2), 352, 76, 118(1) भारतीय न्याय संिहता, थाना छपार, िजला मुजफ्फर नगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जयराम पाण्डेय को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्रश्नगत प्रकरण में आवेदक पर छेड़खानी व चाकू से हमला कािरत करने का आक्षेप है, िकतु प्रासंिगक तथ्य यह है िक आवेदक पचहत्तर प्रितशत दृिष्टहीन है तथा उसकी पत्नी सौ प्रितशत िदव्यांग है। आवेदक द्वारा किथत अपराध कािरत िकये जाने का कोई औिचत्य नहीं है। इस मामलें वास्तिवक तथ्य है िक आवेदक द्वारा इस मामले के अिभयोगी के िवरूद्ध मु०अ०सं० 306/2020 पंजीकृ त कराया गया था तथा पुनः अिभयोगी व उसके पिरवािरक सदस्यों द्वारा आवेदक के पत्नी को गंभीर चोटें कािरत की गयी थी, िजसके संबंध में मु०अ०सं० 112/2024 भी पंजीकृ त कराया गया। इसी कारण अिभयोगी द्वारा दुराशय के तहत आवेदक के ऊपर दबाव बनाने के िलए वतर्मान मुकदमा पंजीकृ त कराया गया तथा किथत घटना में प्रयुक्त िकसी भी वस्तु बरामदगी आवेदक से नहीं की गयी है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता के धारा 180 बी.एन.एस.एस. व 183 बी.एन.एस.एस. के बयानों में परस्पर िवरोधाभाष है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। Versus Counsel for Applicant(s) : Chandra Bhushan Prasad Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pawan Kumar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 21.06.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा अिभयोिगनी के घर में घुसकर गाली-गलौच व बुरी िनयत से खीचनें व कपड़े फाड़ने एवं अिभयोिगनी के पुत्र पर चाकू हमला कािरत िकया गया, िजसके कारण अिभयोिगनी के पुत्र को गंभीर उपहित कािरत हुई। आगे यह भी कहा गया िक अिभयोिगनी के पुत्र/चुटैल के िचिकत्सीय परीक्षण आख्या के अनुसार "incised wound size 13 cm by 0.6 cm muscle deep right side of abdomen 5 cm away umbilicus at about 3 o'clock position. Fresh blood present" आना अंिकत है। इससे यह पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयुक्त द्वारा कािरत हमले से चुटैल को गंभीर चोटें आयी है। अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक अिभयोिगनी के घर में घुसकर गाली-गलौच व बुरी िनयत से खीचनें व कपड़े फाड़ने एवं अिभयोिगनी के पुत्र पर चाकू हमला कािरत िकया गया, िजसके कारण अिभयोिगनी के पुत्र को गंभीर उपहित कािरत हुई, इसकी पिरपुिष्ट चुटैल के िचिकत्सीय परीक्षण आख्या के अनुसार भी हो रही है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 16, 2025 CP.sahani BAIL No. 31555 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad