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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 96301 (ALL)

SONU @ SUPRABHAT SINGH AND ANOTHER v. State of UP AND ANOTHER

ABAIL/9107/2024 · 2025-09-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9107 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण सोनू उफर् सुप्रभात िसह एवं िवजय प्रताप िसह की ओर से मु०अ०सं० 336/2020 अन्तगर्त धारा 366, 511 भा०दं०िव०, थाना बारादरी, िजला बरेली में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण िनदोर्ष है, उन्हें उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। यहां प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक आवेदकगण को इस मामले में अंतिरम आदेश प्राप्त है, िजसके अनुपालन में आवेदकगण सत्र परीक्षण में िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत ितिथ पर िनयिमत रूप से उपिस्थत हो रहे है। आवेदकगण की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्तगण द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा उनका यह भी तकर् है िक न्यायालय द्वारा प्रदत्त अंतिरम आदेश के अनुपालन में अिभयुक्त सोनू उफर् सुप्रभात िसह लगातार व अिभयुक्त िवजय प्रताप िसह भी प्रायः, मामलें के सत्र परीक्षण में िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत ितिथयों पर िनयिमत रूप से उपिस्थत नहीं हो रहे है। यिद, इस स्तर पर अिभयुक्तगण को अिग्रम जमानत प्रदान की जाती है तो पूणर् संभावना है िक उसके न्याियक प्रिक्रया में सहयोगी प्रदान नहीं िकया जायेगा। इसिलए, अिभयुक्त को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं हो रहा है। अतः अिभयुक्तगण Versus Counsel for Applicant(s) : Ratnendu Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sonu @ Suprabhat Singh And Another .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) का यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 6. उभय पक्ष के तकोर् एवं वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए तथा इस वाद से संबंिधत िवचारण न्यायालय के आदेश फलक के अवलोकन से दिशत हो रहा है िक इस मामलें में िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत ितिथयों पर आवेदक सोनू उफर् सुप्रभात िसह िनयिमत रूप से उपिस्थत नहीं हो रहा है, जो न्यायालय द्वारा प्रदत्त अंतिरम आदेश, िदनांिकत 21.10.2024 का उल्लघंन है। इसिलए, मामलें के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए आवेदक सोनू उफर् सुप्रभात िसह का यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। 7. उभय पक्ष के तकोर् एवं वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामलें के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, मामलें के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए आवेदक िवजय प्रताप िसह का अिग्रम जमानत की प्राथर्ना स्वीकार िकए जाने योग्य है। 8. तद्नुसार, आवेदक िवजय प्रताप िसह का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकया जाता है। 9. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में सिम्मिलत आवेदक की िगरफ्तारी की दशा में, उसे संबंिधत िवचारण न्यायालय की संतुिष्ट पर रू० 50,000/- का व्यिक्तगत बंध पत्र एवं उसी धनरािश के दो- दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर, सत्र परीक्षण के िनस्तारण होने तक िनम्न शतोर् के अधीन अिग्रम जमानत पर मुक्त िकया जाएगा :- i) आवेदकगण अिभयोजन पक्ष के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। ii) आवेदकगण अिभयोजन पक्ष के गवाहों को धमकाएगा या परेशान नहीं करेंगे। iii) आवेदकगण िवचारण न्यायालय द्वारा िनधार्िरत प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होंगे। iv) आवेदकगण उस अपराध के समान कोई अपराध नहीं करेंगे, िजसका आरोप आवेदकगण पर लगाया गया है या िजसके िकए जाने का संदेह है। ABAIL No. 9107 of 2024 2 v) आवेदकगण मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा नहीं करेंगे, िजससे वह व्यिक्त न्यायालय या िकसी पुिलस अिधकारी को तथ्य बताने से िवमुख हो जाए या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करें। 10. उपयुर्क्त िकसी भी शतर् के उल्लंघन की िस्थित में, िवचारण न्यायालय कानून के अनुसार आवेदकगण की जमानत रद्द करने के िलए स्वतंत्र होगा। 11. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 24, 2025 CP.sahani ABAIL No. 9107 of 2024 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad