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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 96283 (ALL)

RAJAT v. State of UP AND ANOTHER

ABAIL/9170/2024 · 2025-05-20

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:86149 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 9170 of 2024 Applicant :- Rajat Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Sushil Kumar Dubey Counsel for Opposite Party :- G.A.,Jai Prakash Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा, पररवद्वादची कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा (चन्दन धसवंह) कको सपुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा। 2. वतरमद्वान अकग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, पररवद्वाद सवं. 80/2017, अवंतररत धिद्वारद्वा 498 ए/ 323/ 504/ 506/ 313/ 376 भद्वा.दवं.सवं. एववं 3/4 दहवेज प्रकतषवेधि अधधिकनयम, स्थिद्वानद्वा अमद्वावंपपुर, धजलद्वा कद्वासरवंज मम अकग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंर करतवे हहए इस प्रद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि प्रसतपुत ककयद्वा रयद्वा हहै कक कररफ्तद्वारची ककी ससस्थिकत मम आववेदकरण कको जमद्वानत पर ररहद्वा ककयद्वा जद्वाए। 3. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर कदयद्वा रयद्वा हहै कक आववेदक कनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हहै कक उसवे उपयपुरक मद्वामलवे मम कररफ्तद्वार ककयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबकक उसकवे कवरुद्ध ककोई कवश्वसनचीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। कदनद्वावंक 03.03.2017 कको प्रस्थिम ससूचनद्वा ररपकोरर अवंककत हकोनवे कवे उपरद्वान्त मद्वात 122 कदन मम कवववेचनद्वा पसूणर कर कबनद्वा ककसची मवेकडिकल सद्वाक्ष्य न हकोतवे हहए आरकोप पत प्रवेकषत कर कदयद्वा रयद्वा , इसची सवे प्रस्थिम कवववेचनद्वा हची सवंदवेह कवे घवेरवे मम आतची हहै। मवेकडिकको लचीरल एक्जद्वाकमनवेशन मम बलद्वात्कद्वार कवे सवंबवंधि मम ककोई रद्वाय नहहीं दची रयची तस्थिद्वा रभरपद्वात सवे सवंबवंधधित ककोई भची मवेकडिकल नहहीं हहै। अततः मवेकडिकल ररपकोरर प्रस्थिम ससूचनद्वा ररपकोरर कद्वा समस्थिरन नहहीं करतची हहै। उनकद्वा यह भची तकर हहै कक आववेदक कद्वा ककोई आपरद्वाधधिक इकतहद्वास नहहीं हहै तस्थिद्वा आववेदक कवे कवरुद्ध अब तक ककोई बलपसूवरक प्रकक्रियद्वा जद्वारची नहहीं ककी रई हहै। यह भची प्रसतपुत ककयद्वा रयद्वा कक आववेदक जद्वावंच तस्थिद्वा परचीक्षिण कवे ददौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतवे हहै तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसची अस्थिवद्वा न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेकक्षित हकोनवे पर उपससस्थित हहोंरवे। 4. पररवद्वादची कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अकग्रिम जमद्वानत कद्वा कवरकोधि करतवे हहए यह तकर प्रसतपुत ककयद्वा रयद्वा कक आववेदक नवे मद्वाननचीय उच्च न्यद्वायद्वालय इलद्वाहद्वाबद्वाद मम Application U/s 482 No 230-2020 रजत यद्वादव बनद्वाम उ.प्र. रद्वाज्य आकद यकोधजत ककी रयची, धजसवे मद्वाननचीय उच्च न्यद्वायद्वालय इलद्वाहद्वाबद्वाद दद्वारद्वा मद्वामलवे कको कदनद्वावंक 18.01.2020 कको कनसतद्वारण कर कदयद्वा। तत्पश्चद्वात आववेदक नवे मद्वाननचीय उच्च न्यद्वायद्वालय कवे आदवेश कदनद्वावंक 18.01.2020 कवे कवरूद्ध मद्वाननचीय सवर्दोच्च न्यद्वायद्वालय मम सपवेशल लचीव अपचील न. 5976/2021 यकोधजत ककी धजसमम मद्वाननचीय सवर्दोच्च न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा कदनद्वावंक 23.07.2024 कको अवर न्यद्वायद्वालय मम आत्मसमपरण हवेतपु तचीन सपद्वाह कद्वा समय कदयद्वा रयद्वा स्थिद्वा। लवेककन आववेदक दद्वारद्वा न तको मद्वाननचीय उच्च न्यद्वायद्वालय कद्वा और न हची उच्चतम न्यद्वायद्वालय कवे आदवेश कद्वा पद्वालन ककयद्वा रयद्वा। इससवे बद्वावजसूद उसकवे दद्वारद्वा मद्वाननचीय उच्च न्यद्वायद्वालय मम अन्तररम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत प्रसतपुत कर कदयद्वा रयद्वा। जबकक आववेदक दद्वारद्वा बहहत हची कघनदौनद्वा कक त्य करनवे कद्वा आरकोप हहै आववेदक दद्वारद्वा वद्वाकदनची कवे सद्वास्थि छवेड़छद्वाड़ और दपुरद्वाचद्वार करनवे कद्वा आरकोप हहै। कवधधि व्यवसस्थिद्वा प्रकतभद्वा मनचन्दद्वा बनद्वाम हररयद्वानद्वा रद्वाज्य AIR 2023 SC 3307 मम मद्वाननचीय न्यद्वायद्वालय नवे यह अकभकनधिद्वारररत ककयद्वा हहै कक व्यककरत सवतवंततद्वा महत्वपसूणर हहै , परन्तपु न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अकग्रिम जमद्वानत प्रदद्वान ककयवे जद्वातवे वक इस तथ्य कको भची दृकष्टिरत रखनद्वा चद्वाकहयवे कक मद्वामलवे सवे सवंबवंधधित अपरद्वाधि ककी क्यद्वा रवंभचीरतद्वा हहै तस्थिद्वा उसकद्वा समद्वाज पर क्यद्वा प्रभद्वाव पडिवेरद्वा। इस मद्वामलम मम कवचद्वारण न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा समसत तथ्यहों कद्वा समग्रि पररशचीलन कको दृकष्टिरत रखतवे हहए उकचत आदवेश पद्वाररत ककयद्वा रयद्वा हहै , इस प्रश्नरत आदवेश मम हसतक्षिवेप ककयवे जद्वानवे ककोई औकचत्य नहहीं हहै। उनकद्वा यह भची तकर हहै कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि रवंभचीर प्रकक कत कद्वा हहै तस्थिद्वा आववेदक कद्वा अकग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत कनरसत ककयवे जद्वानवे यकोग्य हहै। 5. उभय पक्षिहों कवे कवदद्वान अधधिवकद्वारण कको सपुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम ककए रए कस्थिनहों पर कवचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत , यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हहै कक आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अकग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयपुक एववं पयद्वारप आधिद्वार प्रसतपुत नहहीं ककयद्वा रयद्वा हहै। 6. तदनपुसद्वार, आववेदक मको. सकोनसू कद्वा यह अकग्रिम जमद्वानत आववेदन पत कनरसत ककयद्वा जद्वातद्वा हहै। 7. हद्वालद्वावंकक, आववेदक कवे धलए सवंबवंधधित कवचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्षि कनयकमत जमद्वानत आववेदन पत प्रसतपुत करनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हहै। Order Date :- 21.5.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad