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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 34668 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 378/ 2025, अन्तगर्त धारा 115(2)/ 352/ 351(2) 64(1)/ 137(2)/ 108 बी.एन.एस., थाना अजीतमल, िजला औरैया में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जय राम पाण्डेय को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। वादी ने प्रथम सूचना िरपोटर् में अंिकत िकया है िक आवेदक हमारी पुत्री के साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें करता रहता था परन्तु इस सम्बन्ध में उसके द्वारा कोई िशकायत पुिलस में नहीं की गयी है िजससे छेड़छाड़ व अश्लील हरकते करने वाली बात झूठी सािबत हो रही है। उपरोक्त के स की िदनांक 22.06.2025 की घटना सुदनीपुर मोड़ के पास की बतायी गयी है। उक्त रोड सतत चालू मागर् है लोगों का व वाहनों को लगातार आना जाना लगा रहता है परन्तु उक्त घटना का कोई साक्षी न होना घटना को झूठा सािबत कर रहा है। बलात्कार के सम्बन्ध में मृतका का कोई भी कथन कहीं अंिकत नहीं िकया गया और न ही इस सम्बन्ध में कोई मेिडकल िरपोटर् है िजससे बलात्कार वाली बात झूठी सािबत हो रही है। मृतका का कोई सोसाइट नोट भी नहीं है तथा आत्महत्या के सम्बन्ध में उसे उकसाने का कोई साक्ष्य आवेदक के िवरूद्ध नहीं है। वादी मुकदमा द्वारा कहा गया है िक पीिड़ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली इस घटना का भी िदनांक व समय प्रथम सूचना िरपोटर् में अंिकत नहीं है तथा अिभयोजन कथन के अनुसार िकसी भी घटना का कोई चश्मदीद साक्षी न होना भी घटना को पूरी तरह असत्य सािबत करता है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 25.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
Versus Counsel for Applicant(s) : Anand Pati Tiwari Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Akash Singh @ Chunnu .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
4.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् िदनांक 22.06.2025 को समय करीब 10:30 बजे सुबह हमारी पुत्री पीिड़ता और हमारी छोटी पुत्री रिश दोनों पुत्री जरूरी कायर् हेत अटसू बाजार गयी थी। बाजार से वापस आ रही थी िक जैसे ही सुदनीपुर मोड के पास हमारी पुित्रयां पहुंची िक तभी पहले से घात लगाये बैठे िवपक्षीगण ने हमारी पुित्रयों को रास्ते में रोका और हमारी पुत्री पीिड़ता को जबिरयन मुंह बन्द करके मारुती वैन में डाल िदया और हमारी छोटी पत्री रोती हई घर वापस आ रही थी िक हमारे गांव के तरफ जा रहे िवपक्षी पुत्तन देवी हमारी पत्री राशी को रोक कर बोली िक तूने यह बात घर पर बतायी तो तुझे और तेरे भाई को जान से मार देंगे। यह बात सुनकर पुत्री राशी अत्यिधक भयभीत हो गयी और घर पर आकर बोली िक मम्मी दीदी का िवपिक्षयों ने अपहरण कर गाड़ी में डालकर कहीं ले गये हैं तब प्राथीर् की पत्नी रेन ने सारी घटना की जानकारी फोन पर दी और प्राथीर् के पिरवारजन िवपक्षी के घर गये और िवपक्षी पर दबाव करायेगे तो िवपक्षीगण ने कहा िक हम तुम्हारी पुत्री को 5 या 6 घंटे में वापस कर देंगे तब बनाते हुए बोले िक हमारी पुत्री को वापस ला दो नहीं तो हम तुम्हारे िखलाफ मुकदमा प्राथीर् की पुत्री 24 घंटे बाद गांव के पास सडक के िकनारे बेहोशी की हालत में िमली और जैसे ही पता चला तो हमलोग भागकर अपनी पत्री को घर पर ले आये तब लगभग दो घंटे में पुत्री को होश आया और उसने अपनी मम्मी को बताया िक आकाश ने हमारे साथ जबरदस्ती शारीिरक सम्बन्ध बनाये है। िजस पर प्राथीर् व अन्य लोग िरपोटर् दजर् कराने घर से िनकले िक तभी िवपक्षीगण हमारे घर पर आये और अश्लील गािलयां देते हुए बोले िक अगर हमारे िखलाफ कोई कानूनी कायर्वाही की तो हम तुम्हारी पुत्री का अश्लील वीिड़यो वायरल कर देगे और धमकी दी िक अगर तेरी बेटी इतनी इज्जतवाली है तो फांसी लगाकर मर जावे और मेरी पुत्री को अत्महत्या करने के िलए उकसाने लगे िजसके बाद उसी रात में प्राथीर् की पुत्री पीिड़ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।अिभयुक्त द्वारा आवेदक द्वारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य प्रकृ ित का है इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर पर न छोड़ा जाय।
5.
वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है।
6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। October 8, 2025 S.Mishra BAIL No. 34668 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad