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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 95629 (ALL)
DEV GULAM TRIPATHI v. State of U.P.
NABAIL/9046/2024 · 2025-05-20
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 95629 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 9046 of 2024 Applicant :- Dev Gulam Tripathi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Raj Kumar Pandey,Yogendra Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- Birendra Singh,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. ससूचची पपुनरचीकक्षित आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा।
2. वतरमद्वान अकग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, पररवद्वाद सवं. 156/2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 85/ 80 एववं 3/4 दहवेज प्रकतषवेधि अधधिकनयम, स्थिद्वानद्वा अतरद्वार, धजलद्वा बद्वावंदद्वा मम अकग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंर करतवे हहए इस प्रद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि प्रसतपुत ककयद्वा रयद्वा हहै कक कररफ्तद्वारची ककी ससस्थिकत मम आववेदकरण कको जमद्वानत पर ररहद्वा ककयद्वा जद्वाए
3. आववेदक कको अवंतररम अकग्रिम जमद्वानत कदनद्वावंक 03.10.2024 कको इस न्यद्वायद्वालय ककी अन्य न्यद्वायपचीठ दद्वारद्वा प्रदद्वान ककी रयची स्थिची।
4. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर कदयद्वा रयद्वा हहै कक आववेदक कनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हहै कक उसवे उपयपुरक मद्वामलवे मम कररफ्तद्वार ककयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबकक उसकवे कवरुद ककोई कवश्वसनचीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दद्वारद्वा ममृतकद्वा सवे ककोई भची दहवेज ककी मद्वावंर नहहीं ककी रयची। न हची उसवे तवंर यद्वा ककसची तरह ककी प्रतद्वाड़नद्वा हची दची रयची। ममृतकद्वा दद्वारद्वा इस वद्वाद सवे पसूवर ककसची भची स्थिद्वानवे मम आववेदक कवे धखिलद्वाफ मद्वार-पचीट व दद्वान दहवेज कद्वा ककोई पररवद्वाद दद्वाधखिल नहहीं ककयद्वा रयद्वा। तस्थिद्वा कचककत्सचीय ररपकोटर प्रस्थिम ससूचनद्वा ररपकोटर सवे मवेल नहहीं खिद्वातद्वा हहै। उनकद्वा यह भची तकर हहै कक आववेदक कद्वा ककोई आपरद्वाधधिक इकतहद्वास नहहीं हहै तस्थिद्वा आववेदक कवे कवरुद अब तक ककोई बलपसूवरक प्रकक्रियद्वा जद्वारची नहहीं ककी रई हहै। यह भची प्रसतपुत ककयद्वा रयद्वा कक आववेदक जद्वावंच तस्थिद्वा परचीक्षिण कवे ददौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतवे हहै तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसची अस्थिवद्वा
न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेकक्षित हकोनवे पर उपससस्थित हहोंरवे।
5.
कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अकग्रिम जमद्वानत कद्वा कवरकोधि करतवे हहए यह तकर प्रसतपुत ककयद्वा रयद्वा कक आववेदक ममृतकद्वा कद्वा ससपुर हहै ममृमृतकद्वा कको अकतररक दहवेज ककी मद्वावंर कको लवेकर अपनवे पररवद्वारचीजन कवे सद्वास्थि कमलकर प्रतद्वाकड़त ककयद्वा जद्वातद्वा रहद्वा तस्थिद्वा दहवेज ककी मद्वावंर पसूरची न हकोनवे पर क्रिसू रतद्वा और प्रतद्वाड़नद्वा ककी वजह सवे ममृतकद्वा ककी ममृत्यपु हहई हहै। इस मद्वामलम मम कवचद्वारण न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा समसत तथ्यहों कद्वा समग्रि पररशचीलन कको दृकष्टिरत रखितवे हहए उकचत आदवेश पद्वाररत ककयद्वा रयद्वा हहै, इस प्रश्नरत आदवेश मम हसतक्षिवेप ककयवे जद्वानवे ककोई औकचत्य नहहीं हहै। उनकद्वा यह भची तकर हहै कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि रवंभचीर प्रकमृ कत कद्वा हहै तस्थिद्वा आववेदक कद्वा अकग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत कनरसत ककयवे जद्वानवे यकोग्य हहै।
6. अकभलवेखिहों कवे अवलकोकन सवे पतद्वा चलतद्वा हहै कक आववेदक कको कदनद्वावंक 03.10.2024 कवे आदवेश कवे तहत अवंतररम अकग्रिम जमद्वानत दची रई स्थिची। कवधधि व्यवसस्थिद्वा प्रकतभद्वा मनचन्दद्वा बनद्वाम हररयद्वानद्वा रद्वाज्य AIR 2023 SC 3307 एववं धसदद्वारद्वाम सतधलवंरप्पद्वा महतवे बनद्वाम महद्वारद्वाष्टिष रद्वाज्य, (2011) 1 SCC 694, मम मद्वाननचीय न्यद्वायद्वालय नवे यह अकभकनधिद्वारररत ककयद्वा हहै कक व्यककरत सवतवंततद्वा महत्वपसूणर हहै, परन्तपु न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अकग्रिम जमद्वानत प्रदद्वान ककयवे जद्वातवे वक इस तथ्य कको भची दृकष्टिरत रखिनद्वा चद्वाकहयवे कक मद्वामलवे सवे सवंबवंधधित अपरद्वाधि ककी क्यद्वा रवंभचीरतद्वा हहै तस्थिद्वा उसकद्वा समद्वाज पर क्यद्वा प्रभद्वाव पडवेरद्वा। आववेदक कवे न्यद्वाय सवे भद्वारनवे ककी सवंभद्वावनद्वा पर कवचद्वार करनद्वा चद्वाकहए और न्यद्वायद्वालय कको अकभयपुक कवे धखिलद्वाफ उपलब्धि सवंपसूणर सद्वामग्रिची कद्वा सद्वावधिद्वानचीपसूवरक मसूल्यद्वावंकन करनद्वा चद्वाकहए और अकभयपुक ककी सटचीक भसूकमकद्वा कको भची ध्यद्वान मम रखिनद्वा चद्वाकहए।
7. वतरमद्वान मद्वामलवे मम, कद्वानसून कवे सस्थिद्वाकपत धसदद्वावंत कको ध्यद्वान मम रखितवे हहए अकग्रिम जमद्वानत कवे सवंबवंधि मम, पक्षिहों कवे कवदद्वान अधधिवकद्वाओवं कवे प्रसतपुतचीकरण , आरकोप ककी प्रकमृ कत, आववेदक ककी
भसूकमकद्वा तस्थिद्वा मद्वामलवे कवे सभची तथ्यहों और पररससस्थिकतयहों कवे आधिद्वार पर, मद्वामलवे कवे रपुण-दकोष पर ककोई रद्वाय व्यक ककए कबनद्वा, अकग्रिम जमद्वानत कवे धलए ककोई मद्वामलद्वा नहहीं बनतद्वा हहै।
8. अवंतररम आदवेश, यकद ककोई हको, कनरसत मद्वानद्वा जद्वाएरद्वा।
9. अकग्रिम जमद्वानत आववेदन खिद्वाररज ककयद्वा जद्वातद्वा हहै। Order Date :- 21.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad