Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 95362 (ALL)

DHARMENDRA SINGH AND ANOTHER v. STATE OF U.P.

BAIL/31405/2025 · 2025-09-14

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 31405 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1.वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण धमेर्न्द्र िसह व बच्चा उफर् कौशलेन्द्र की ओर से मु०अ०सं० 316/2025, अन्तगर्त धारा 109(1), 115(2), 352, 351(2), 333, 117(2), 118(2) भारतीय न्याय संिहता, थाना अजीतमल, िजला औरैया में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2.आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3.आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उन्होंने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। यहां प्रासंिगक तथ्य यह है िक मामले के सहअिभयुक्त भूरे िसह व दो अन्य की जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 24779/2025 में इस न्यायालय के अन्य न्यायपीठ के आदेश िदनांक 28.07.2025 के द्वारा स्वीकार िकया जा चुका है। आवेदक का वाद भी सहअिभयुक्तगण के समान है। इसिलए, आवेदक भी सहअिभयुक्तगण से समानता के आधार पर जमानत पाने का अिधकारी है। उनका कथन है िक आवेदकगण की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वे ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदकगण िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 18.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदकगण को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4.िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्तगण के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्तगण द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए Versus Counsel for Applicant(s) : Ansar Ahmad, Sandhya Chaturvedi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dharmendra Singh And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) अिभयुक्तगण को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5.उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6.अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो-दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदकगण िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। 1. आवेदकगण अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं। 2. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होंगे तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे। 3. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे। 4. आवेदकगण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 15, 2025 CP.sahani BAIL No. 31405 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad