Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 95335 (ALL)

JEYA ANSARI v. STATE OF U.P.

BAIL/32199/2025 · 2025-09-18

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32199 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेिदका की ओर से मु०अ०सं० 31/2024, अंतगर्त धारा 392, 411, 414 भा.दं.सं., थाना अतरसुइया, िजला प्रयागराज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेिदका को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेिदका द्वारा ऐसा कोई भी अपराध कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में दिशत िकया गया है। आवेिदका द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में विणत िकया गया है। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। आवेिदका प्राथिमकी में नािमत नहीं है। रास्ते में ही आवेिदका को अन्य सह-अिभयुक्त से साथ िगरफ्तार करके वतर्मान घटना में अिभयुक्ता बना िदया गया है। आवेिदका के पास से वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी संिदग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं पायी गयी है, जो भी बरामदगी दिशत की गयी है, वह पूणर्तः बनावटी एवं फजीर् है तथा उक्त बरामदगी का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। वास्तिवकता यह है िक रास्ते में आवेिदका एवं अन्य सह-अिभयुक्त की सूचनाकतार् से मामूली कहासुनी के बाद पुिलस को बुला िलया गया एवं वतर्मान प्राथिमकी िमथ्या रूप से पंजीकृ त करा दी गयी। तत्पश्चात पुिलस द्वारा अिभयुक्तों को थाना उपरोक्त पर लाकर अवैध रुपयों की माँग की गयी, िजसे देने से मना करने पर उन्हें जेल भेज िदया गया। आवेिदका द्वारा अपने पूवर् के आपरािधक इितहास को शपथपत्र के प्रस्तर सं० 22 में स्ष्ट िकया गया है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेिदका की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगी और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेिदका िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 15.06.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेिदका को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Satish Sharma Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Jeya Ansari .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेिदका के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेिदका द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेिदका को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेिदका को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेिदका को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेिदका िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी। ii. आवेिदका अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगी/धमकायेगी नहीं। iii. आवेिदका न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगी तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगी। iv. आवेिदका जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगी और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगी न कोई अपरािधक कृ त्य करेगी। v. आवेिदका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगी न ही उनसे कोई वायदा करेगी, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेिदका की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 19, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 32199 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad