JITENDRA ALIAS SATENDRA ALIAS JEETAN v. STATE OF U.P.
BAIL/32410/2025 · 2025-09-21
Gautam Chowdhary
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 95259 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32410 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 1106/2023, अंतगर्त धारा 395, 342, 120-बी. भा.दं.सं., थाना किवनगर, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा आज पूरक शपथपत्र दािखल िकया गया, िजसे पत्रावली पर रखा जाय। 4.(क) आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा वादी को अपहृत करने का कायर् नहीं िकया गया है, न ही उसके द्वारा ऐसा कोई षड्यंत्र रचा गया है। आवेदक प्राथिमकी में नािमत अिभयुक्त नहीं था। िदनांक 11.12.2023 को जाँच के दौरान पुिलस ने सह-अिभयुक्तों सौरभ िसरोही और िनितन शमार् को पुिलस मुठभेड़ में िगरफ्तार िकया और अपने इकबािलया बयानों में उन्होंने चार अन्य सह-अिभयुक्तों के नाम बताए, लेिकन उन्होंने भी आवेदक का नाम नहीं िलया था। सह-अिभयुक्तगण सौरभ िसरोही और िनितन शमार् के इकबािलया बयानों के अनुसार, उन्होंने सह-अिभयुक् तगण चंद्रवीर उफर् कलुवा, सुनील, िनितन शमार् और मुन्ना को डकै ती की िविशष्ट भूिमका सौंपी थी तथा आवेदक के बारे में कोई भी कथन नहीं िकया था। िदनांक 26.12.2023 को संबंिधत पुिलस ने सह-अिभयुक्त दीपक पांचाल को िगरफ्तार िकया और ग्यारह लाख रुपये और एक स्कॉिपयो कार और वतर्मान मामले में प्रयुक्त 32 बोर िपस्तौल बरामद की और पहली बार उसके इकबािलया बयान में आवेदक का नाम वतर्मान मामले में प्रकाश में आया। तत्पश्चात िदनांक 29.06.2025 को मुखिबर की सूचना पर Versus Counsel for Applicant(s) : Pushpendra Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Jitendra Alias Satendra Alias Jeetan .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) पुिलस मुठभेड़ में आवेदक को िगरफ्तार िकया गया। आवेदक और अन्य नािमत सह-अिभयुक्तों के इकबािलया बयान के अलावा आवेदक के िवरुद्ध कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। सूचनाकतार् के बयान तथा प्राथिमकी संस्करण के अनुसार के वल तीन बदमाशों ने किथत घटना को अंजाम िदया, लेिकन जांच के दौरान पुिलस ने वतर्मान मामले में आवेदक सिहत 13 व्यिक्तयों को अिभयुक्त बना िदया।संबंिधत पुिलस द्वारा आवेदक की कोई पहचान परेड नहीं कराई गई है िजससे यह सुिनिश्चत हो सके िक आवेदक वतर्मान मामले में शािमल था। आवेदक के कब्जे से वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी संिदग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं दशार्यी गयी है।आवेदक की िगरफ्तारी के समय संबंिधत पुिलस ने आवेदक के पास से एक देशी िपस्तौल 315 बोर बरामद की है, िजसे पुिलस द्वारा स्वयं स्थािपत िकया गया था तथा उक्त बरामदगी का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। (ख) प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक वादी मुकदमा (िनशांत) ने भी अपने बयान में भी आवेदक के िवरुद्ध कोई बयान नहीं िदया है तथा
आवेदक का नाम नहीं िलया है, वरन् िसफर् एक सह- अिभयुक्त सौरभ का नाम िलया है। वादी मुकदमा (िनशांत) के उक्त बयान को सी.डी. संख्या-1 के रूप में संलग्न है। आवेदक के पास वतर्मान घटना से संबंिधत िकसी भी प्रकार की वस्तु की बरामदगी नहीं पायी गयी है। उक्त वाद में अन्य सह-अिभयुक्तगण सौरभ शमार्, सौरव िसरोही एवं िनितन शमार्, िजनके पास से प्रश्नगत घटना से संबंिधत बरामदगी विणत की गयी है, उनकी जमानत, जमानत प्राथर्नापत्र सं० 1270/2024, 10932/2024 एवं 13554/2024 में अन्य न्यायपीठों द्वारा िभन्न-िभन्न ितिथयों को स्वीकृ त की जा चुकी है। अतः जमानत प्राप्त अन्य सह -अिभयुक्तों से समान भूिमका के आधार पर आवेदक भी जमानत प्राप्त करने का अिधकारी है। आवेदक द्वारा अपने पूवर् के आपरािधक इितहास को शपथपत्र के प्रस्तर सं० 24 एवं आज दािखल पूरक शपथपत्र के प्रस्तर सं० 3 में स्पष्ट िकया गया है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 30.06.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय।
6.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य BAIL No. 32410 of 2025 2
को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 22, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 32410 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad