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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 94621 (ALL)

RAJENDRA PRASAD JAISWAL v. STATE OF U.P.

NABAIL/7435/2025 · 2025-09-09

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 7435 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 254/2025, अन्तगर्त धारा 85, 80(2) बी.एन.एस. एवं धारा 3/4 डी.पी. एक्ट, थाना नवाबगंज, िजला प्रयागराज में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चंदन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक िनदोर्ष है, उसे उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। आवेदक द्वारा प्राथिमकी में दिशत उपरोक्त धाराओं का अपराध कािरत नहीं िकया गया है। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक मृतका का ससुर है। आवेदक द्वारा मृतका को दहेज हेतु शारीिरक अथवा मानिसक रूप से कभी प्रतािड़त व परेशान नहीं िकया गया, न ही िकसी प्रकार से मारा-पीटा गया है। आवेदक द्वारा पीिड़ता के साथ प्राथिमकी में विणत घटना कािरत नहीं की है, बिल्क मृतका गैस-चूल्हे पर खाना बनाते समय बुरी तरह से झुलस गयी थी तथा इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। आवेदक का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत Versus Counsel for Applicant(s) : Anil Kumar Maurya, Pankaj Satsangi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Rajendra Prasad Jaiswal .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा आवेदक एवं अन्य सह-अिभयुक्तों द्वारा मृतका से अितिरक्त दहेज की माँग करते थे तथा माँग पूरी न होने के कारण उसपर तारपीन का तेल डालकर आग लगाकर उसकी हत्या कािरत कर दी। अिभलेख पर उपलब्ध िचिकत्सीय आख्या के अनुसार मृतका 95 प्रितशत तक जल चुकी थी तथा इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी। दौरान इलाज मृत्युपूवर् मृतका ने अपने भाई से बताया िक उसके ससुराल वाले चारपिहया वाहन न िमलने की वजह से उसे जला िदये हैं। आवेदक द्वारा अन्य सह-अिभयुक्तों के साथ िमलकर कािरत िकया गया अपराध जघन्य प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है। अतः अिभयुक्त का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 6. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए प्रथमदृष्टया आवेदक को अिग्रम जमानत पर अवमुक्त िकये जाने का कोई उिचत आधार पिरलिक्षत नहीं हो रहा है, अतः मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है, तद्नुसार आवेदक का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 7. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष पर िटप्पणी िकये बगैर यह अिग्रम जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। 8. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 10, 2025 Pawan Kumar NABAIL No. 7435 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad